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‘फौज का लक्ष्य एक गोली-एक दुश्मन’
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 16 Jun 2015 11:30 PM IST
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एनसीसी के संयुक्त प्रशिक्षण कैंप में मंगलवार को योगाभ्यास के बाद कैडेट्स को रायफल के पुर्जों की जानकारी दी गई, इसके बाद सभी ने रेंज पर फायरिंग का अभ्यास किया।
फायरिंग रेंज पर कैडेट्स को नियम-कानून समझाते हुए कैंप कमांडेंट कर्नल अनिल शर्मा ने कहा कि फौज में अनुशासन का बहुत महत्व है। अनुशासित सिपाही ही युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है। फौज में फायरिंग का उद्देश्य एक गोली-एक दुश्मन होता है। इस लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है, जब हथियार चलाने का अभ्यास हासिल हो, पकड़ मजबूत और अचूक निशाना हो। इसलिए फायरिंग में कभी शिथिलता नहीं बरतनी चाहिए। इसी कड़ी में कर्नल शर्मा ने कहा कि ड्रिलिंग फौज का सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण है। अनुशासित कैडेट ही ड्रिल प्रशिक्षण में महारत हासिल कर सकता है। इसके बाद सूबेदार सुमेर सिंह की देखरेख में कैडेट्स ने फायरिंग का कड़ा अभ्यास किया।
इससे पूर्व कंपनी हवलदार मेजर (सीएचएम) सतीश चंद्र ने कैडेट्स को रायफल की पकड़ और पुर्जों की जानकारी दी। सुबह के सत्र में प्रशिक्षक डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी, राम निवास अग्निहोत्री, सुभाष रस्तोगी, अर्चना पांडेय आदि ने एनसीसी कैडेट्स और अधिकारियों को योगाभ्यास कराया। प्रशिक्षण में मेजर एनयू खान, कैप्टन राम कुमार, लेफ्टिनेंट डॉ. मधुकर श्याम शुक्ल, सूबेदार मेजर भरत सिंह, सूबेदार दर्शन सिंह, बलदेव सिंह, जेपी सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, एसपी सिंह आदि का योगदान रहा।
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फायरिंग रेंज पर कैडेट्स को नियम-कानून समझाते हुए कैंप कमांडेंट कर्नल अनिल शर्मा ने कहा कि फौज में अनुशासन का बहुत महत्व है। अनुशासित सिपाही ही युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है। फौज में फायरिंग का उद्देश्य एक गोली-एक दुश्मन होता है। इस लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है, जब हथियार चलाने का अभ्यास हासिल हो, पकड़ मजबूत और अचूक निशाना हो। इसलिए फायरिंग में कभी शिथिलता नहीं बरतनी चाहिए। इसी कड़ी में कर्नल शर्मा ने कहा कि ड्रिलिंग फौज का सबसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण है। अनुशासित कैडेट ही ड्रिल प्रशिक्षण में महारत हासिल कर सकता है। इसके बाद सूबेदार सुमेर सिंह की देखरेख में कैडेट्स ने फायरिंग का कड़ा अभ्यास किया।
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इससे पूर्व कंपनी हवलदार मेजर (सीएचएम) सतीश चंद्र ने कैडेट्स को रायफल की पकड़ और पुर्जों की जानकारी दी। सुबह के सत्र में प्रशिक्षक डॉ. अवधेश मणि त्रिपाठी, राम निवास अग्निहोत्री, सुभाष रस्तोगी, अर्चना पांडेय आदि ने एनसीसी कैडेट्स और अधिकारियों को योगाभ्यास कराया। प्रशिक्षण में मेजर एनयू खान, कैप्टन राम कुमार, लेफ्टिनेंट डॉ. मधुकर श्याम शुक्ल, सूबेदार मेजर भरत सिंह, सूबेदार दर्शन सिंह, बलदेव सिंह, जेपी सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, एसपी सिंह आदि का योगदान रहा।
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