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Shahjahanpur News: गैस के संकट ने घर वापसी के लिए कर दिया मजबूर
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टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए खड़े ग्राहक। संवाद
शाहजहांपुर। अमेरिका, इस्राइल के ईरान से चल रहे युद्ध के हालात में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों का संकट पैदा हुआ तो मेहनत-मजदूरी कर चार पैसे कमाने देश-प्रदेश के अन्य शहरों में गए परिवार घर वापसी करने के लिए मजबूर हो गए हैं। हालांकि, घर लौटने पर भी रसोई गैस को लेकर उनकी दिक्कतें कम नहीं हुई हैं। जिन लोगों के पास रसोई गैस का कनेक्शन नहीं है, उन्हें सिलिंडर पाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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पानीपत से लौटा मजदूर पेशा परिवार, चूल्हे पर पका रहा खाना
तिलहर। मोहल्ला निजामगंज निवासी मंगली अपने परिवार सहित रोजगार की तलाश में करीब छह माह पूर्व हरियाणा के पानीपत शहर गए थे। वहां वह एक कंबल फैक्टरी में पत्नी अनीता सहित दो पुत्रों और एक पुत्री के साथ मजदूरी करने लगे। वहां छोटे सिलिंडर में रिफलिंग कराने पर 80-90 रुपये किग्रा के भाव से मिलने वाली रसोई गैस के दाम करीब 500 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंंच गए।
इतनी महंगी गैस जलाकर परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया। महंगाई की मार और रोजमर्रा के खर्च बढ़ने से परेशान होकर वह शुक्रवार को सुबह अपने परिवार के साथ घर लौट आए। उन्होंने बताया कि यहां आने के बाद भी उनकी परेशानियां कम नहीं हुई हैं क्योंकि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। गैस सिलिंडर नहीं मिल पाने से परिवार को जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
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गाजियाबाद से बेरोजगार होकर घर लौटे अरबाज
निगोही। ऊनकलां गांव के अरबाज हसन पिछले काफी अरसे से गाजियाबाद में रहकर मशीनरी का कार्य कर रहे थे। अरबाज के अनुसार वह गाजियाबाद में मशीन के पुर्जे बनाने का काम करते थे। इस काम में लोहे की चादरों को काटने के लिए गैस कटर की जरूरत होती है, लेकिन गैस नहीं मिलने के कारण काम बंद हो गया। कुछ दिन तक वहां खाली रहकर हालात को भांपते रहे, लेकिन सुधार के बजाय हालात बिगड़ते गए। इस दौरान खाना बनाने के लिए एलपीजी भी मिलनी बंद हो गई। कुछ दिन चूल्हे में लकड़ियां जलाकर खाना बनाया। आखिरकार रसोई गैस के संकट से तंग आकर वह शुक्रवार की शाम घर लौट आए। संवाद
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दुबई से घर लौटे शकूर मंसूरी
निगोही के रहने वाले शकूर मंसूरी ने बताया कि वह पिछले दस माह से दुबई में लेडीज बुर्के की कढ़ाई का कार्य कर रहे थे। युद्ध शुरू होने से हालात बहुत खराब हो गए। सभी कारोबार लगभग बंद हो गए। 15 दिनों तक वहां खाली बैठे रहे। तब घर वालों के कहने पर वह वापसी करने पर मजबूर हो गए। शनिवार की सुबह ही वह अपने घर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अपने वतन आकर बहुत सुकून मिला है।
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प्रशासन ने सख्त की फ्यूल बिक्री की निगरानी
शाहजहांपुर। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए प्रशासन ने जमाखोरी की आशंका में खरीद-फरोख्त की निगरानी शुरू कर दी है।
सामान्य दिनों में पेट्रोल की आपूर्ति एक लाख लीटर और डीजल की तीन लाख लीटर प्रतिदिन रहती थी। बंथरा स्थित भारत पेट्रोलियम के डिपो के प्रभारी अजयवीर सिंह ने बताया कि डिपो में फ्यूल का पर्याप्त भंडार है। शनिवार को शाम तक पांच लाख लीटर से अधिक पेट्रोल और 12 लाख लीटर से अधिक डीजल की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके बाद भी मांग घट नहीं रही है। संवाद
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व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति में इजाफा
दो दिन में जनपद में 320 व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति की गई। ऑयल कंपनी इमरजेंसी के हिसाब से आपूर्ति कर रही हैं। जिन लोगों की डिमांड पहले मिली है, उनको वरीयता के आधार पर सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति दो-चार दिन में सामान्य हो जाएगी। उधर, एक दिन में 11 से 12 हजार रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। एजेंसियों पर केवाईसी और गैस बुकिंग के लिए लोगों की कतार लग रही है।
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प्रशासन की ओर से प्रत्येक तहसील में एसडीएम निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही शहर में तीन से चार टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। फ्यूल स्टेशन पर आसानी से डीजल-पेट्रोल मिल रहा है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
-चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी
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पानीपत से लौटा मजदूर पेशा परिवार, चूल्हे पर पका रहा खाना
तिलहर। मोहल्ला निजामगंज निवासी मंगली अपने परिवार सहित रोजगार की तलाश में करीब छह माह पूर्व हरियाणा के पानीपत शहर गए थे। वहां वह एक कंबल फैक्टरी में पत्नी अनीता सहित दो पुत्रों और एक पुत्री के साथ मजदूरी करने लगे। वहां छोटे सिलिंडर में रिफलिंग कराने पर 80-90 रुपये किग्रा के भाव से मिलने वाली रसोई गैस के दाम करीब 500 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंंच गए।
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इतनी महंगी गैस जलाकर परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया। महंगाई की मार और रोजमर्रा के खर्च बढ़ने से परेशान होकर वह शुक्रवार को सुबह अपने परिवार के साथ घर लौट आए। उन्होंने बताया कि यहां आने के बाद भी उनकी परेशानियां कम नहीं हुई हैं क्योंकि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। गैस सिलिंडर नहीं मिल पाने से परिवार को जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। संवाद
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गाजियाबाद से बेरोजगार होकर घर लौटे अरबाज
निगोही। ऊनकलां गांव के अरबाज हसन पिछले काफी अरसे से गाजियाबाद में रहकर मशीनरी का कार्य कर रहे थे। अरबाज के अनुसार वह गाजियाबाद में मशीन के पुर्जे बनाने का काम करते थे। इस काम में लोहे की चादरों को काटने के लिए गैस कटर की जरूरत होती है, लेकिन गैस नहीं मिलने के कारण काम बंद हो गया। कुछ दिन तक वहां खाली रहकर हालात को भांपते रहे, लेकिन सुधार के बजाय हालात बिगड़ते गए। इस दौरान खाना बनाने के लिए एलपीजी भी मिलनी बंद हो गई। कुछ दिन चूल्हे में लकड़ियां जलाकर खाना बनाया। आखिरकार रसोई गैस के संकट से तंग आकर वह शुक्रवार की शाम घर लौट आए। संवाद
दुबई से घर लौटे शकूर मंसूरी
निगोही के रहने वाले शकूर मंसूरी ने बताया कि वह पिछले दस माह से दुबई में लेडीज बुर्के की कढ़ाई का कार्य कर रहे थे। युद्ध शुरू होने से हालात बहुत खराब हो गए। सभी कारोबार लगभग बंद हो गए। 15 दिनों तक वहां खाली बैठे रहे। तब घर वालों के कहने पर वह वापसी करने पर मजबूर हो गए। शनिवार की सुबह ही वह अपने घर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि अपने वतन आकर बहुत सुकून मिला है।
प्रशासन ने सख्त की फ्यूल बिक्री की निगरानी
शाहजहांपुर। पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में लगातार इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए प्रशासन ने जमाखोरी की आशंका में खरीद-फरोख्त की निगरानी शुरू कर दी है।
सामान्य दिनों में पेट्रोल की आपूर्ति एक लाख लीटर और डीजल की तीन लाख लीटर प्रतिदिन रहती थी। बंथरा स्थित भारत पेट्रोलियम के डिपो के प्रभारी अजयवीर सिंह ने बताया कि डिपो में फ्यूल का पर्याप्त भंडार है। शनिवार को शाम तक पांच लाख लीटर से अधिक पेट्रोल और 12 लाख लीटर से अधिक डीजल की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके बाद भी मांग घट नहीं रही है। संवाद
व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति में इजाफा
दो दिन में जनपद में 320 व्यवसायिक सिलिंडर की आपूर्ति की गई। ऑयल कंपनी इमरजेंसी के हिसाब से आपूर्ति कर रही हैं। जिन लोगों की डिमांड पहले मिली है, उनको वरीयता के आधार पर सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति दो-चार दिन में सामान्य हो जाएगी। उधर, एक दिन में 11 से 12 हजार रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। एजेंसियों पर केवाईसी और गैस बुकिंग के लिए लोगों की कतार लग रही है।
प्रशासन की ओर से प्रत्येक तहसील में एसडीएम निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही शहर में तीन से चार टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। फ्यूल स्टेशन पर आसानी से डीजल-पेट्रोल मिल रहा है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
-चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी

टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए खड़े ग्राहक। संवाद

टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए खड़े ग्राहक। संवाद

टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए खड़े ग्राहक। संवाद

टाउनहॉल स्थित गैस एजेंसी पर सिलिंडर बुक कराने के लिए खड़े ग्राहक। संवाद