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Shahjahanpur News: ढाई साल से नहीं निकल पा रहा था शादी का शुभ मुहूर्त
Sat, 20 Apr 2024 05:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 20 Apr 2024 05:33 AM IST
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तिलहर के मोहल्ला खनपुरा में रोते-बिलखते लखन के परिजन। संवाद
तिलहर। थाना क्षेत्र के खनपुरा निवासी श्रीराम के पुत्र लखन वर्मा के बरात की निकरौसी से चार घंटे पहले ट्रेन से कटकर जान देने की घटना से दो परिवारों के सपने बिखर गए हैं।
ढाई साल पहले ही लखन और प्रभा की शादी का मुहूर्त निकलवाया गया था, तब पंडित ने कह दिया कि उस वर्ष कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। एक साल प्रतीक्षा करनी होगी। इसके बाद 2023 में भी दोनों के विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं निकला। दोनों परिवारों ने मुहूर्त निकलवाकर 18 अप्रैल को शादी करना तय किया, लेकिन उसी दिन लखन ने आत्महत्या कर ली। शादी के जोड़े में हाथों में मेहंदी लगाए बैठी दुल्हन प्रभा वर्मा को जब होने वाले पति की मौत की जानकारी हुई तो वह बदहवास हो गई। वह देर शाम परिजनों के साथ लखन के घर पहुंची। दोनों परिवारों का करुण क्रंदन देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
लखन वर्मा की बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र के गांव भवानीपुर में रमेश चंद्र वर्मा की बेटी प्रभा वर्मा के साथ शादी तय हुई थी। 18 अप्रैल की शाम बरात जानी थी, लेकिन दोपहर में लखन वर्मा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। लखन और प्रभा एक ही नर्सिंग कॉलेज में पढ़ते थे। दोनों परिजनों की सहमति से विवाह के बंधन में बंधने जा रहे थे, लेकिन लखन की मौत से दोनों परिवारों के सपने बिखर गए। शुक्रवार दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लखन ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके बारे में परिजन कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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सामान कम आने के तानों से था लखन परेशान
लखन का 17 अप्रैल को तिलक चढ़ाया गया था। दहेज में कार भी मिली थी। बताते हैं कि तिलक में कुछ रिश्तेदारों के कपड़े नहीं आए थे। इसे लेकर लखन को ताने सुनने पड़े थे। उसने अपनी मंगेतर प्रभा वर्मा से फोन पर बात भी की। बताते हैं कि इसके बाद वह घर से रेलवे ट्रैक की ओर चला गया। लखन की मौत की खबर के बाद उसकी मंगेतर प्रभा अपने परिजनों के साथ उसी दिन शाम को यहां आ गई। देर रात सभी वापस चले गए।
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घर से 50 हजार रुपये लेकर निकला था लखन
मौसा लालता प्रसाद ने बताया कि लखन घर में फोन चार्जिंग पर लगाकर 50 हजार रुपये लेकर टेंट समेत अन्य लोगों को देने के लिए निकला था। उसने कार सजाने के लिए 10 किलो फूल लाकर भी रख लिए थे। मौत के बाद उसकी जेब में करीब चार हजार रुपये ही मिले।
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ढाई साल पहले ही लखन और प्रभा की शादी का मुहूर्त निकलवाया गया था, तब पंडित ने कह दिया कि उस वर्ष कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। एक साल प्रतीक्षा करनी होगी। इसके बाद 2023 में भी दोनों के विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं निकला। दोनों परिवारों ने मुहूर्त निकलवाकर 18 अप्रैल को शादी करना तय किया, लेकिन उसी दिन लखन ने आत्महत्या कर ली। शादी के जोड़े में हाथों में मेहंदी लगाए बैठी दुल्हन प्रभा वर्मा को जब होने वाले पति की मौत की जानकारी हुई तो वह बदहवास हो गई। वह देर शाम परिजनों के साथ लखन के घर पहुंची। दोनों परिवारों का करुण क्रंदन देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
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लखन वर्मा की बदायूं जिले के उझानी क्षेत्र के गांव भवानीपुर में रमेश चंद्र वर्मा की बेटी प्रभा वर्मा के साथ शादी तय हुई थी। 18 अप्रैल की शाम बरात जानी थी, लेकिन दोपहर में लखन वर्मा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। लखन और प्रभा एक ही नर्सिंग कॉलेज में पढ़ते थे। दोनों परिजनों की सहमति से विवाह के बंधन में बंधने जा रहे थे, लेकिन लखन की मौत से दोनों परिवारों के सपने बिखर गए। शुक्रवार दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लखन ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके बारे में परिजन कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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सामान कम आने के तानों से था लखन परेशान
लखन का 17 अप्रैल को तिलक चढ़ाया गया था। दहेज में कार भी मिली थी। बताते हैं कि तिलक में कुछ रिश्तेदारों के कपड़े नहीं आए थे। इसे लेकर लखन को ताने सुनने पड़े थे। उसने अपनी मंगेतर प्रभा वर्मा से फोन पर बात भी की। बताते हैं कि इसके बाद वह घर से रेलवे ट्रैक की ओर चला गया। लखन की मौत की खबर के बाद उसकी मंगेतर प्रभा अपने परिजनों के साथ उसी दिन शाम को यहां आ गई। देर रात सभी वापस चले गए।
घर से 50 हजार रुपये लेकर निकला था लखन
मौसा लालता प्रसाद ने बताया कि लखन घर में फोन चार्जिंग पर लगाकर 50 हजार रुपये लेकर टेंट समेत अन्य लोगों को देने के लिए निकला था। उसने कार सजाने के लिए 10 किलो फूल लाकर भी रख लिए थे। मौत के बाद उसकी जेब में करीब चार हजार रुपये ही मिले।