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Shahjahanpur News: दो बहनों की मौत के मामले में एडीओ कलान ने शुरू की जांच
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जैतीपुर के गांव नौगवां गोविंदपुर में शौचालय में भरे हुए कंडे। संवाद
शाहजहांपुर। कलान के मालौ गांव में शौच के लिए गईं दो बहनों की तालाब में डूबने से मौत होने के मामले में प्रभारी डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने गांव में पहुंचकर लोगाें के बयान दर्ज किए। घर में निजी शौचालय को देखा। शौचालय में कमी पाई गई। एडीओ अपनी रिपोर्ट मंगलवार को डीपीआरओ को देंगे।
मालौ गांव में रहने वाले मजदूर सुरेंद्र कुमार की बेटी काजल (10) पल्लवी (8) व खुशबू (6) शनिवार को गांव किनारे तालाब पर शौच करने के लिए गई थीं। पैर फिसलने से तालाब में गिरकर खुशबू और काजल की डूबकर मौत हो गई थी। सुरेंद्र ने कई साल पहले घर में निजी शौचालय बनवाया था। जोकि दो वर्ष पहले खराब हो गया था।
इस मामले में प्रभारी डीपीआरओ ऋषिपाल सिंह ने एडीएओ पंचायत अहबरन सिंह को मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा। उनके निर्देश पर ही एडीओ गांव पहुंचे और जांच की।
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आंकड़ों में शौचालय बने, प्रयोग नहीं हो रहे
जनपद की 1068 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक कुल 463183 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर उन्हें लाभार्थियों को दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ ने बताया कि शौचालय बनवाने के लिए लाभार्थी भारत सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसका सत्यापन करते हैं। पात्र होने पर लाभार्थी को 12000 हजार रुपये दो किस्तों में उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में करीब 1200 शौचालय के आवेदन तकनीकी कारणों से अटके हुए हैं। आंकड़ों में शौचालय बने हुए हैं, लेकिन इनका प्रयोग कंडा आदि रखने के लिए किया जा रहा है।
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एडीएओ पंचायत को मामले की जांच सौंपी है। घटनास्थल के साथ घर में बने शौचालय और ग्रामीण के बयान सहित रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- ऋषिपाल सिंह, प्रभारी डीपीआरओ
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मालौ गांव में रहने वाले मजदूर सुरेंद्र कुमार की बेटी काजल (10) पल्लवी (8) व खुशबू (6) शनिवार को गांव किनारे तालाब पर शौच करने के लिए गई थीं। पैर फिसलने से तालाब में गिरकर खुशबू और काजल की डूबकर मौत हो गई थी। सुरेंद्र ने कई साल पहले घर में निजी शौचालय बनवाया था। जोकि दो वर्ष पहले खराब हो गया था।
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इस मामले में प्रभारी डीपीआरओ ऋषिपाल सिंह ने एडीएओ पंचायत अहबरन सिंह को मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा। उनके निर्देश पर ही एडीओ गांव पहुंचे और जांच की।
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आंकड़ों में शौचालय बने, प्रयोग नहीं हो रहे
जनपद की 1068 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से अब तक कुल 463183 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर उन्हें लाभार्थियों को दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। डीपीआरओ ने बताया कि शौचालय बनवाने के लिए लाभार्थी भारत सरकार की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसका सत्यापन करते हैं। पात्र होने पर लाभार्थी को 12000 हजार रुपये दो किस्तों में उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में करीब 1200 शौचालय के आवेदन तकनीकी कारणों से अटके हुए हैं। आंकड़ों में शौचालय बने हुए हैं, लेकिन इनका प्रयोग कंडा आदि रखने के लिए किया जा रहा है।
एडीएओ पंचायत को मामले की जांच सौंपी है। घटनास्थल के साथ घर में बने शौचालय और ग्रामीण के बयान सहित रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- ऋषिपाल सिंह, प्रभारी डीपीआरओ

जैतीपुर के गांव नौगवां गोविंदपुर में शौचालय में भरे हुए कंडे। संवाद