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Shahjahanpur News: रोडवेज व मेडिकल कॉलेज में नहीं बना अस्थायी रैन बसेरा, सर्दी में ठिठुरने को मजबूर लोग
Sun, 08 Dec 2024 01:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 08 Dec 2024 01:21 AM IST
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शाजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज व रोडवेज बस अड्डा पर अभी तक अस्थायी रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। इसकी वजह से रात को तीमारदारों, बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों और निराश्रित लोगों को खुले में लेटने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में बढ़ रही सर्दी से लोगों के बीमार होेने का खतरा भी बढ़ रहा है। हालांकि नगर निगम की ओर से बनाए गए स्थाई आश्रयगृहों में लोगों के ठहरने की उचित व्यवस्था है।
नगर निगम की ओर से शहर में तीन स्थानों पर स्थाई आश्रयगृहों का संचालन किया जा रहा है। इनमें हनुमतधाम, अजीजगंज और पक्का पुल के पास स्थित आश्रय गृह शामिल हैं। जबकि दो अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाते हैं, जोकि रोडवेज बस अड्डा व राजकीय मेडिकल कॉलेज में बनते हैं। स्थायी रूप से संचालित आश्रयगृहों में निराश्रित लोगों के ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है। साथ ही शौचालय, पेयजल आदि की सुविधाएं भी दी जा रही हैं, लेकिन अस्थायी रूप से बनने वाले रैन बसेरे अब तक नहीं बनाए जाने से सर्द रात में लोगों को खुले में रात गुजरनी पड़ रही है।
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र का कहना है कि अस्थाई रैन बसेरा बनाने के लिए दस दिसंबर तक का समय दिया गया है। उससे पहले ही व्यवस्था करवा दी जाएगी, जिससे लोगों को खुले में रात गुजारने को मजबूर न होना पड़े। उन्होंने निराश्रितों से रात को स्थायी रूप से संचालित नगर निगम के आश्रयगृहों में ठहरने की अपील भी की है।
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अलाव लगवाने के लिए चल रही टेंडर की प्रक्रिया
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि शहर में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव भी लगवाए जाएंगे। अभी बहुत अधिक सर्दी नहीं पड़ रही। जल्द ही अलाव लगवाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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नगर निगम की ओर से शहर में तीन स्थानों पर स्थाई आश्रयगृहों का संचालन किया जा रहा है। इनमें हनुमतधाम, अजीजगंज और पक्का पुल के पास स्थित आश्रय गृह शामिल हैं। जबकि दो अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाते हैं, जोकि रोडवेज बस अड्डा व राजकीय मेडिकल कॉलेज में बनते हैं। स्थायी रूप से संचालित आश्रयगृहों में निराश्रित लोगों के ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है। साथ ही शौचालय, पेयजल आदि की सुविधाएं भी दी जा रही हैं, लेकिन अस्थायी रूप से बनने वाले रैन बसेरे अब तक नहीं बनाए जाने से सर्द रात में लोगों को खुले में रात गुजरनी पड़ रही है।
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नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्र का कहना है कि अस्थाई रैन बसेरा बनाने के लिए दस दिसंबर तक का समय दिया गया है। उससे पहले ही व्यवस्था करवा दी जाएगी, जिससे लोगों को खुले में रात गुजारने को मजबूर न होना पड़े। उन्होंने निराश्रितों से रात को स्थायी रूप से संचालित नगर निगम के आश्रयगृहों में ठहरने की अपील भी की है।
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अलाव लगवाने के लिए चल रही टेंडर की प्रक्रिया
नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार सिंह ने बताया कि शहर में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव भी लगवाए जाएंगे। अभी बहुत अधिक सर्दी नहीं पड़ रही। जल्द ही अलाव लगवाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।