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वोट मांगने वालों को टूटी पुलिया के बहाने आईना दिखाएंगे परौर के बाशिंदे

Mon, 24 Jan 2022 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 02:15 AM IST
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telling to candidate about broken  bridge
परौर में राजमहल के सामने टूटी पुलिया। - फोटो : SHAHJAHANPUR
परौर। केंद्र और प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले करोड़ों रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की झड़ी लगा दी, लेकिन कटरी क्षेत्र में बसे परौर की कई दशक से टूटी पुलिया को सत्ता में बैठे लोगों ने पूरी तरह भुलाए रखा। पूर्ववर्ती सरकारों के अलावा विकास का दावा करने वाली मौजूदा प्रदेश सरकार ने भी पुलिया का पुनर्निर्माण कराने की जरूरत महसूस नहीं की। इसीलिए दशकों से इसके लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ, जबकि पुलिया क्षतिग्रस्त होने से करीब आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। नेताओं से लेकर अधिकारियों तक कई बार फरियाद की, लेकिन जर्जर पुलिया की दशा नहीं सुधरी। नतीजे में आसपास के ग्रामीणों ने टूटी पुलिया को चुनाव का मुद्दा बना लिया है। उनका कहना है कि वोट मांगने आने वाले नेताओं को विकास की दृष्टि से क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर सवालों से घेरा जाएगा।
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परौर के बड़े-बुजुर्गों के अनुसार यहां की पूर्व रियासत के राजमहल के ठीक सामने नाला जैसे तालाब पर पुलिया अंग्रेजी शासनकाल में बनवाई गई थी। यह पुलिया परौर को नारायणनगर पूर्वी, नारायणनगर पश्चिमी, साहनी, गोलागंज, बिचपुरी, मोहनपुर आदि गांवों को जोड़ती है। ग्रामीण अपने खेतों तक जाने और वहां से फसलों की ढुलाई में इसी पुलिया का इस्तेमाल करते रहे। लगातार आवागमन से क्षतिग्रस्त हुई पुलिया का वर्ष 1965 में तत्कालीन गाम प्रधान रामसहाय मिश्रा ने जीर्णोद्घार कराया, लेकिन तब से पुलिया उपेक्षित है। दोनों ओर की रेलिंग टूट जाने से नीचे गिरने का खतरा बना रहता है। हर चुनाव में क्षेत्र के करीब 5500 वोटों के लालच में क्षेत्र का दौरा करने वाले नेताओं ने
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भी चुनाव जीतने के बाद इस ओर पलटकर नहीं देखा। पुलिया से निकलने वाले कई लोग नीचे गिर कर चोटिल हो चुके हैं। परौर निवासी करणी सेना के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह भी अधिकारियों को कइ बार प्रार्थना पत्र देकर पुलिया बनवाने की फरियाद कर चुके हैं।
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ग्रामीणों की बात
ग्राम पंचायत के सदस्य के नाते मैंने पूर्व प्रधान अनीता देवी से जर्जर हो चुकी पुलिया का दोबारा निर्माण कराने की मांग की थी। इससे खेतों तक जाने में काफी दिक्कत होती है।
-आशा देवी, परौर
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हर चुनाव में वोट मांगने वालों से पुलिया बनवाने की मांग की जाती है, लेकिन सभी नेता आश्वासन देकर चलते बने। इस बार वोट मांगने वालों से पुलिया को लेकर जवाब मांगेंगे।
-श्यामू सिंह, परौर
पुलिया का निर्माण अति आवश्यक है। इस बारे में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन पुलिया का निर्माण नहीं होने से आसपास के ग्रामीण परेशान हैं।
-जयवीर सिंह, परौर
राजमहल के सामने खराब पड़ी पुलिया का निर्माण जल्द कराया जाना चाहिए। हर साल मानसून सीजन में पुलिया उफनाने पर दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है।
-अवध बिहारी, पुरवा (परौर)
मेरा कार्यकाल अब शुरू हुआ है जबकि पुलिया लंबे समय से खराब पड़ी है। पंचायत चुनाव से पहले भी अधिकारियों का इस ओर ध्यान दिलाया जा चुका है। जल्द होने वाली ग्राम पंचायत की बैठक में नई पुलिया का प्रस्ताव पास कराकर काम कराया जाएगा।

-चांदनी माथुर, ग्राम प्रधान, परौर
परौर में कई दशक पहले बनाई गई पुलिया जर्जर होने की बात ग्रामीणों के माध्यम से पता चली है। अवर अभियंता को भेजकर मौका मुआयना कराया जाएगा ताकि पुलिया के निर्माण में होने वाले व्यय का आकलन कर एस्टीमेट बनाया जा सके। ग्राम प्रधान के सहयोग से यह कार्य शीघ्र कराया जाएगा।
-अखिलेश त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी (कलान)
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