{"_id":"6897930dec7da16d3a0d1b74","slug":"teachers-and-diet-trainees-will-go-to-search-for-out-of-school-children-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-150071-2025-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को तलाशने जाएंगे शिक्षक और डायट प्रशिक्षु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को तलाशने जाएंगे शिक्षक और डायट प्रशिक्षु
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शैक्षिक सत्र 2025-26 में हाउस होल्ड सर्वे को शुरू कराया जाएगा। इसमें आउट ऑफ स्कूल बच्चों को तलाश कर स्कूलों में नामांकन कराने के साथ ही प्रपत्र भरा जाएगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक को शारदा पोर्टल पर डाटा अपलोड करना होगा।
जनपद में वर्ष 2024-25 में 264 बच्चे आउट ऑफ स्कूल चिह्नित किए गए थे। ऐसे बच्चों को फिर से तलाशने के लिए अभियान को शुरू किया जाएगा। बीएसए दिव्या गुप्ता ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अध्यापकों को हाउस होल्ड सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। शहरी क्षेत्र में डायट के प्रशिक्षुओं से सर्वे कराया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद बच्चे मिलने पर स्कूल में उनका नामांकन कराते हुए प्रपत्र पर डाटा भरा जाएगा।
बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक का दायित्व है कि विद्यालय में कार्यरत स्टाफ को गांव, मोहल्ला, वार्ड, बस्ती में प्रत्येक घर का सर्वेक्षण कराएं। प्रधानाध्यापक व नोडल अध्यापक की देखरेख में स्कूल के सेवित क्षेत्र में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नीकरण व नामांकन का कार्य होगा। बीईओ को कम से कम 30 गांवों का भ्रमण कर सर्वेक्षण की क्राॅस चेकिंग करनी होगी। बीएसए ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए उपयोगी प्रपत्र के लिए प्रति विद्यालय 324 रुपये की धनराशि की लिमिट जारी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में वर्ष 2024-25 में 264 बच्चे आउट ऑफ स्कूल चिह्नित किए गए थे। ऐसे बच्चों को फिर से तलाशने के लिए अभियान को शुरू किया जाएगा। बीएसए दिव्या गुप्ता ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अध्यापकों को हाउस होल्ड सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। शहरी क्षेत्र में डायट के प्रशिक्षुओं से सर्वे कराया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद बच्चे मिलने पर स्कूल में उनका नामांकन कराते हुए प्रपत्र पर डाटा भरा जाएगा।
विज्ञापन
बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक का दायित्व है कि विद्यालय में कार्यरत स्टाफ को गांव, मोहल्ला, वार्ड, बस्ती में प्रत्येक घर का सर्वेक्षण कराएं। प्रधानाध्यापक व नोडल अध्यापक की देखरेख में स्कूल के सेवित क्षेत्र में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिह्नीकरण व नामांकन का कार्य होगा। बीईओ को कम से कम 30 गांवों का भ्रमण कर सर्वेक्षण की क्राॅस चेकिंग करनी होगी। बीएसए ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए उपयोगी प्रपत्र के लिए प्रति विद्यालय 324 रुपये की धनराशि की लिमिट जारी की गई है।
विज्ञापन