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घरेलू कलहः सहायक अध्यापक ने फंदे से लटककर दी जान
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शाहजहांपुर में पवन शर्मा के शव को देखकर रोती-बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला चमकनी करबला निवासी पवन शर्मा (40) ने मंगलवार रात मकान में फांसी के फंदे से लटककर जान दे दी। वह हरदोई जनपद के शाहबाद क्षेत्र के गांव जटपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। उनकी पत्नी शिल्पी शर्मा बदायूं के गिंदो देवी महाविद्यालय में प्रोफेसर हैं। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर मोहल्ले वालों ने खिड़की से झांककर देखा तो शव लटका था। बहन-बहनोई और पुलिस ने शव उतारा। पुलिस आत्महत्या की वजह घरेलू कलह बता रही है।
मूलत: कन्नौज के थाना गुरसहाय गंज के गांव जलालाबाद निवासी रमेश शर्मा के पुत्र पवन शर्मा यहां चमकनी करबला स्थित मकान में रहते थे। उनकी पत्नी शिल्पी बदायूं में बच्चों के साथ रहती हैं। पवन के मकान के पीछे ही उनकी बहन अलका और अर्चना का घर है। मोहल्ले वालों के मुताबिक, मंगलवार शाम को पवन शर्मा अपनी पत्नी शिल्पी से मिलकर बदायूं से लौटे थे। पड़ोस में शादी होने थी, कुछ देर रुककर मोहल्ले वालों से बातचीत भी की थी। उसके बाद घर में जाकर सो गए। बुधवार सुबह 10 बजे तक मकान की लाइटें बंद न होने और दरवाजा न खुलने पर मोहल्ले वालों को शक हुआ।
इधर, शिल्पी के कॉल लगाने पर पवन का फोन बंद जा रहा था। शिल्पी ने पड़ोसी शिक्षक को कॉल कर फोन बंद होने की बात बताई थी। करीब 11 बजे पवन के बहन-बहनोई और मोहल्ले वाले मकान पर पहुंचे। अंदर से दरवाजे बंद होने के कारण खिड़की का शीशा तोड़कर देखा तो बैठक में पवन शर्मा का शव लटकता दिखा।
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सामाजिक कार्यकर्ता संजीव गुप्ता ने सदर थाने पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसी की छत के जरिये पवन के मकान में प्रवेश कर मुख्य दरवाजा खोला। मकान की बैठक में पवन शर्मा का शव रस्सी के सहारे लटका था। भाई के शव को देखकर बहन अलका और अर्चना बिलख पड़ीं। पत्नी और परिजन के आने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पवन की दो बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी चार साल की व दूसरी नौ महीने की है।
प्रारंभिक जांच में दंपती के बीच मधुर संबंध नहीं होना सामने आया है, जिसके चलते घर में कलह रहती थी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
-सरवणन टी. सीओ सिटी।
कानपुर की ओसीएफ फैक्टरी में कार्यरत हैं भाई आलोक
सहायक अध्यापक पवन शर्मा तीन भाई थे। बड़े भाई आलोक शर्मा कानपुर की ओसीएफ फैक्टरी में बड़े पद पर हैं। पवन की मौत की खबर सुनकर कन्नौज से पूरा परिवार दोपहर करीब दो बजे पहुंच गया। बेटे के शव को देखकर पिता रमेश शर्मा, उनकी पत्नी, सबसे छोटे भाई अमित शर्मा बिलख पड़े। रमेश चंद्र की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। बेटे के शव के पास बैठकर ही काफी देर तक बिलखते रहे।
मंगलवार शाम को बदायूं से लौटे थे पवन
चमकनी करबला में पवन शर्मा के पड़ोस में शादी समारोह था। बताते हैं कि मंगलवार शाम को पवन बदायूं से लौटकर आए थे। मोहल्ले में रहने वाले शिक्षक राजपाल से कुछ देर के लिए मुलाकात हुई। राजपाल के मुताबिक, हमने पवन से शादी में बुलावे के बारे में पूछा था। उसने हां में जवाब दिया तो दोनों ने साथ में ही खाना-खाने की बात कही थी। हालांकि, कुछ देर के बाद पवन घर में चले गए और उनका फोन स्विच ऑफ हो गया।
पति से लिपटकर रोई शिल्पी
पति की मौत की खबर सुनकर अपनी बेटी के साथ आईं शिल्पी बिलख पड़ी। पवन से लिपटकर खूब रोई। शिल्पी का मायका सीतापुर में है। वहां वह इंटर कॉलेज में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थीं। दो साल पहले उसकी नियुक्ति बदायूं के महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर हो गई।
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मूलत: कन्नौज के थाना गुरसहाय गंज के गांव जलालाबाद निवासी रमेश शर्मा के पुत्र पवन शर्मा यहां चमकनी करबला स्थित मकान में रहते थे। उनकी पत्नी शिल्पी बदायूं में बच्चों के साथ रहती हैं। पवन के मकान के पीछे ही उनकी बहन अलका और अर्चना का घर है। मोहल्ले वालों के मुताबिक, मंगलवार शाम को पवन शर्मा अपनी पत्नी शिल्पी से मिलकर बदायूं से लौटे थे। पड़ोस में शादी होने थी, कुछ देर रुककर मोहल्ले वालों से बातचीत भी की थी। उसके बाद घर में जाकर सो गए। बुधवार सुबह 10 बजे तक मकान की लाइटें बंद न होने और दरवाजा न खुलने पर मोहल्ले वालों को शक हुआ।
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इधर, शिल्पी के कॉल लगाने पर पवन का फोन बंद जा रहा था। शिल्पी ने पड़ोसी शिक्षक को कॉल कर फोन बंद होने की बात बताई थी। करीब 11 बजे पवन के बहन-बहनोई और मोहल्ले वाले मकान पर पहुंचे। अंदर से दरवाजे बंद होने के कारण खिड़की का शीशा तोड़कर देखा तो बैठक में पवन शर्मा का शव लटकता दिखा।
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सामाजिक कार्यकर्ता संजीव गुप्ता ने सदर थाने पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसी की छत के जरिये पवन के मकान में प्रवेश कर मुख्य दरवाजा खोला। मकान की बैठक में पवन शर्मा का शव रस्सी के सहारे लटका था। भाई के शव को देखकर बहन अलका और अर्चना बिलख पड़ीं। पत्नी और परिजन के आने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पवन की दो बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी चार साल की व दूसरी नौ महीने की है।
प्रारंभिक जांच में दंपती के बीच मधुर संबंध नहीं होना सामने आया है, जिसके चलते घर में कलह रहती थी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
-सरवणन टी. सीओ सिटी।
कानपुर की ओसीएफ फैक्टरी में कार्यरत हैं भाई आलोक
सहायक अध्यापक पवन शर्मा तीन भाई थे। बड़े भाई आलोक शर्मा कानपुर की ओसीएफ फैक्टरी में बड़े पद पर हैं। पवन की मौत की खबर सुनकर कन्नौज से पूरा परिवार दोपहर करीब दो बजे पहुंच गया। बेटे के शव को देखकर पिता रमेश शर्मा, उनकी पत्नी, सबसे छोटे भाई अमित शर्मा बिलख पड़े। रमेश चंद्र की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। बेटे के शव के पास बैठकर ही काफी देर तक बिलखते रहे।
मंगलवार शाम को बदायूं से लौटे थे पवन
चमकनी करबला में पवन शर्मा के पड़ोस में शादी समारोह था। बताते हैं कि मंगलवार शाम को पवन बदायूं से लौटकर आए थे। मोहल्ले में रहने वाले शिक्षक राजपाल से कुछ देर के लिए मुलाकात हुई। राजपाल के मुताबिक, हमने पवन से शादी में बुलावे के बारे में पूछा था। उसने हां में जवाब दिया तो दोनों ने साथ में ही खाना-खाने की बात कही थी। हालांकि, कुछ देर के बाद पवन घर में चले गए और उनका फोन स्विच ऑफ हो गया।
पति से लिपटकर रोई शिल्पी
पति की मौत की खबर सुनकर अपनी बेटी के साथ आईं शिल्पी बिलख पड़ी। पवन से लिपटकर खूब रोई। शिल्पी का मायका सीतापुर में है। वहां वह इंटर कॉलेज में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थीं। दो साल पहले उसकी नियुक्ति बदायूं के महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर हो गई।

पवन शर्मा का फाइल फोटो- फोटो : SHAHJAHANPUR