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मोहर्रम पर करबला में दफनाए गए ताजिए
शाहजहांपुर
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:02 AM IST
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शनिवार को मोहर्रम के अवसर पर गमगीन माहौल में ताजिए उठाए गए। गली-कूचों से होते हुए ताजियों को करबला में पहुंचाया गया, जहां करबला कमेटी के सहयोग से ताजियों को दफन किया गया। ताजियों को दफनाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
शनिवार को दिलाजाक इमामबाड़ा से अच्छन खां का ताजिया उठाया गया। यह ताजिया शहर के विभिन्न रास्तों से होता हुआ चमकनी करबला पहुंचा, जहां मो. अनीस खां, रहीस खां, पुत्तन शाह, मंगल हाजी, अच्छू खां आदि के सहयोग से ताजिए को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसी तरह शहर के अन्य मोहल्लों से भी छोटे-बड़े ताजिए उठाए गए। पूरे दिन बच्चे और युवा ताजियों को लेकर एक साथ करबला पहुंचे। ताजियों को निकाले जाने के समय पुलिस की खास व्यवस्था रही। वहीं करबला के आसपास भी सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त रहे। अंटा चौराहा के आसपास मेला लगाया गया है।
खानकाहे, आस्ताने आलिया झंडाकलां में मोहर्रम के मौके पर इमामों की फातेहा हुई। इसके बाद फतेह अली मियां की दरगाह पर ताजिया रख दिया गया। इस अवसर पर मो. सलीम मियां, गयासुद्दीन, याहिया, अकील खां, हन्नान, लाला, मुन्ने मियां, सुरजीत, कमील, आलम, असलम, रिजवान, अदनान, शरीफ, वलीहसन आदि मौजूद रहे।
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इधर, करबला कमेटी ओर से मोहर्रम के मौके पर ताजिए दफनाने की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। मो. रजी, मसीउल्ला, मो. आमिर, मो. शोएब, अनवार, मो. नाजिर, मोनी, मो. आकिब आदि का सहयोग रहा।
खेड़ा बझेड़ा। मोहर्रम पर इमाम हसन को याद करते हुए कर्बला में ताजिए दफन कर दिए गए। शनिवार को खेड़ा बझेड़ा में आपसी भाईचारे के साथ ताजिये कर्बला में दफन हुए गांव में लगे मेले में बच्चो ने मिठाई व खिलौने खरीदे व चाट पकौड़ी का आन्नद लिया। साधू खां, महबूब हसन, अफसर अली, जमील, इसरार अहमद, जाबिर अली, शेर खां, सलीम, फिरोज, इखलाख, जावेद, आजाद खां, बशीर आदि का सहयोग रहा।
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शनिवार को दिलाजाक इमामबाड़ा से अच्छन खां का ताजिया उठाया गया। यह ताजिया शहर के विभिन्न रास्तों से होता हुआ चमकनी करबला पहुंचा, जहां मो. अनीस खां, रहीस खां, पुत्तन शाह, मंगल हाजी, अच्छू खां आदि के सहयोग से ताजिए को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसी तरह शहर के अन्य मोहल्लों से भी छोटे-बड़े ताजिए उठाए गए। पूरे दिन बच्चे और युवा ताजियों को लेकर एक साथ करबला पहुंचे। ताजियों को निकाले जाने के समय पुलिस की खास व्यवस्था रही। वहीं करबला के आसपास भी सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त रहे। अंटा चौराहा के आसपास मेला लगाया गया है।
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खानकाहे, आस्ताने आलिया झंडाकलां में मोहर्रम के मौके पर इमामों की फातेहा हुई। इसके बाद फतेह अली मियां की दरगाह पर ताजिया रख दिया गया। इस अवसर पर मो. सलीम मियां, गयासुद्दीन, याहिया, अकील खां, हन्नान, लाला, मुन्ने मियां, सुरजीत, कमील, आलम, असलम, रिजवान, अदनान, शरीफ, वलीहसन आदि मौजूद रहे।
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इधर, करबला कमेटी ओर से मोहर्रम के मौके पर ताजिए दफनाने की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। मो. रजी, मसीउल्ला, मो. आमिर, मो. शोएब, अनवार, मो. नाजिर, मोनी, मो. आकिब आदि का सहयोग रहा।
खेड़ा बझेड़ा। मोहर्रम पर इमाम हसन को याद करते हुए कर्बला में ताजिए दफन कर दिए गए। शनिवार को खेड़ा बझेड़ा में आपसी भाईचारे के साथ ताजिये कर्बला में दफन हुए गांव में लगे मेले में बच्चो ने मिठाई व खिलौने खरीदे व चाट पकौड़ी का आन्नद लिया। साधू खां, महबूब हसन, अफसर अली, जमील, इसरार अहमद, जाबिर अली, शेर खां, सलीम, फिरोज, इखलाख, जावेद, आजाद खां, बशीर आदि का सहयोग रहा।