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Shahjahanpur News: चीनी के भाव फिर चढ़े, 60 रुपये किग्रा पर पहुंची
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बहादुरगंज थोक बाजार में लगी चीनी की बोरियां। संवाद
- फोटो : 1
शाहजहांपुर। चीनी के दाम फिर चढ़ गए हैं। एक सप्ताह में फुटकर चीनी बिक्री पर आठ रुपये बढ़े हैं, चीनी 60 रुपये प्रति किग्रा तो थोक में चीनी 5800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है। त्योहारी सीजन को देखते हुए जमाखोरी बढ़ने की बात सामने आ रही है। थोक विक्रेता मनमाने भावों में चीनी की बिक्री कर रहे हैं। इससे बाजार में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ग्राहक असमंजस में हैं। भाव बढ़ने से चीनी की मांग भी घट गई है।
करीब तीन सप्ताह पहले चीनी का फुटकर भाव 70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया था। इसके बाद सरकार ने महंगाई पर नकेल कसने के लिए चीनी की लिमिट तय कर दी। थोक विक्रेता एक हजार क्विंटल चीनी का भंडारण कर सकते थे। पहले चीनी का कोटा प्रति माह एक बार सरकार की ओर से जारी किया जाता था। अब इसकी निगरानी रखने के लिए 15 दिन का कोटा जारी किया जाने लगा।
इसके बाद चीनी फिर 52 रुपये प्रति किग्रा पहुंच गई। अब एक सप्ताह में फुटकर चीनी के भाव आठ रुपये प्रति किलोग्राम फिर बढ़ गए हैं तो थोक में चीनी 5800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है। थोक विक्रेता अलग-अलग किस्म की चीनी के भाव पर चीनी बेच रहे हैं।
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इसमें दो बार फिल्टर की जाने वाली चीनी 5800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सादी चीनी 5300 से लेकर 5500 रुपये प्रति क्विंटल बेची जा रही है, लेकिन इस बात से ग्राहक अनजान हैं। ग्राहक को चीनी की किस्म के बारे में जानकारी नहीं है। फुटकर और गली मोहल्लों के दुकानदार भी मनमाने भावों में बिक्री कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहीं निगरानी नहीं दिखाई दे रही है। थोक व्यापारी भाव तो बता रहे हैं, लेकिन अन्य जानकारी देने से इन्कार कर रहे हैं।
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चीनी मिलों के भाव अलग-अलग हैं। सोमवार शाम को डालमिया चीनी मिल ने 4600 रुपये प्रति क्विंटल तो रोजा चीनी मिल ने 4530 रुपये प्रति क्विंटल चीनी बेची। त्योहारी सीजन के चलते मांग बढ़ गई। थोक विक्रेता क्षमता से अधिक चीनी भंडारित नहीं करें। लोग भी जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें। जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
- नीरज कुमार, सहायक चीनी आयुक्त
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करीब तीन सप्ताह पहले चीनी का फुटकर भाव 70 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया था। इसके बाद सरकार ने महंगाई पर नकेल कसने के लिए चीनी की लिमिट तय कर दी। थोक विक्रेता एक हजार क्विंटल चीनी का भंडारण कर सकते थे। पहले चीनी का कोटा प्रति माह एक बार सरकार की ओर से जारी किया जाता था। अब इसकी निगरानी रखने के लिए 15 दिन का कोटा जारी किया जाने लगा।
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इसके बाद चीनी फिर 52 रुपये प्रति किग्रा पहुंच गई। अब एक सप्ताह में फुटकर चीनी के भाव आठ रुपये प्रति किलोग्राम फिर बढ़ गए हैं तो थोक में चीनी 5800 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई है। थोक विक्रेता अलग-अलग किस्म की चीनी के भाव पर चीनी बेच रहे हैं।
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इसमें दो बार फिल्टर की जाने वाली चीनी 5800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सादी चीनी 5300 से लेकर 5500 रुपये प्रति क्विंटल बेची जा रही है, लेकिन इस बात से ग्राहक अनजान हैं। ग्राहक को चीनी की किस्म के बारे में जानकारी नहीं है। फुटकर और गली मोहल्लों के दुकानदार भी मनमाने भावों में बिक्री कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहीं निगरानी नहीं दिखाई दे रही है। थोक व्यापारी भाव तो बता रहे हैं, लेकिन अन्य जानकारी देने से इन्कार कर रहे हैं।
चीनी मिलों के भाव अलग-अलग हैं। सोमवार शाम को डालमिया चीनी मिल ने 4600 रुपये प्रति क्विंटल तो रोजा चीनी मिल ने 4530 रुपये प्रति क्विंटल चीनी बेची। त्योहारी सीजन के चलते मांग बढ़ गई। थोक विक्रेता क्षमता से अधिक चीनी भंडारित नहीं करें। लोग भी जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें। जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
- नीरज कुमार, सहायक चीनी आयुक्त