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सुदामा प्रसाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन
शाहजहांपुर।
Updated Thu, 30 Apr 2015 07:50 PM IST
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सुदामा प्रसाद स्कूल में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावाकों ने विद्यालय प्रबंधन पर अवैध रूप से फीस वसूल करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत डीएम से करने के साथ ही कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन भी किया।
अभिभावकों ने डीएम से कहा कि सुदामा प्रसाद स्कूल में उन लोगों से तीन महीने की अधिक फीस वसूली जा रही है। इसका विरोध करने पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की धमकी भी दी जाती है। कहा कि बच्चों को जादू एवं अन्य करतब दिखाने के बहाने से भी धनराशि वसूल की जाती है। इसके साथ एक ही दुकान से पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उन दुकानदारों से स्कूल प्रबंधन मोटा कमीशन वसूलता है।
अभिभावकों ने डीएम से इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने इस बाबत एक पत्र शिक्षा सचिव को लिखे जाने और मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में चंद्रशेखर, अनुपम गुप्ता, रजनीश, संजीव कुमार, सुभाष चंद्र मिश्रा, जुल्फिकार, रामहरी, महताब हसन खां, मुकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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महीने नहीं सत्रानुसार
ली जाती है फीस
‘अभिभावक महीने के हिसाब से फीस का भुगतान जोड़ रहे हैं, जबकि फीस की वसूली सत्र के हिसाब से की जाती है। शैक्षिक सत्र 2014-15 में 12 महीने की फीस जुलाई में जमा कराई गई थी। यह सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ तो इस शैक्षिक सत्र की 12 महीने की फीस ली जा रही है। फीस को समायोजित करने का अधिकार विद्यालय प्रबंधन को नहीं है। यदि शासन से निर्देश मिलेगा तो फीस कम जमा कराई जाएगी।’
- शशि खरे, प्रबंध निदेशक, सुदामा प्रसाद इंटर कालेज
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अभिभावकों ने डीएम से कहा कि सुदामा प्रसाद स्कूल में उन लोगों से तीन महीने की अधिक फीस वसूली जा रही है। इसका विरोध करने पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की धमकी भी दी जाती है। कहा कि बच्चों को जादू एवं अन्य करतब दिखाने के बहाने से भी धनराशि वसूल की जाती है। इसके साथ एक ही दुकान से पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उन दुकानदारों से स्कूल प्रबंधन मोटा कमीशन वसूलता है।
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अभिभावकों ने डीएम से इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने इस बाबत एक पत्र शिक्षा सचिव को लिखे जाने और मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में चंद्रशेखर, अनुपम गुप्ता, रजनीश, संजीव कुमार, सुभाष चंद्र मिश्रा, जुल्फिकार, रामहरी, महताब हसन खां, मुकेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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महीने नहीं सत्रानुसार
ली जाती है फीस
‘अभिभावक महीने के हिसाब से फीस का भुगतान जोड़ रहे हैं, जबकि फीस की वसूली सत्र के हिसाब से की जाती है। शैक्षिक सत्र 2014-15 में 12 महीने की फीस जुलाई में जमा कराई गई थी। यह सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ तो इस शैक्षिक सत्र की 12 महीने की फीस ली जा रही है। फीस को समायोजित करने का अधिकार विद्यालय प्रबंधन को नहीं है। यदि शासन से निर्देश मिलेगा तो फीस कम जमा कराई जाएगी।’
- शशि खरे, प्रबंध निदेशक, सुदामा प्रसाद इंटर कालेज