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विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए मॉडल
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जीआईसी में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में मॉडल दिखाते स्कूली बच्चे
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन शुक्रवार को जीआईसी में किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विकास खंड क्षेत्रों से चयनित विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। दस मॉडल को सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
विज्ञान प्रदर्शनी के उद्घाटन पर बीएसए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के अंदर ही वैज्ञानिक प्रवृति विकसित करनी चाहिए, ताकि अपनी आसपास के वातावरण में विज्ञान को खोजें। बच्चों को कबाड़ से जुगाड़ के आधार पर मॉडल तैयार करने चाहिए। जीआईसी प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने बताया कि शिक्षकों को बच्चों के अंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए। भावलखेड़ा के बीईओ ईश्वरकांत मिश्रा ने बताया कि शिक्षक बच्चों को विज्ञान विषय पढ़ाते समय प्रयोग अवश्य कराएं, ताकि उनका ध्यान स्थायी हो सके। जिला समन्वयक प्रशिक्षक डीएल राणा ने कहा कि प्रति एक विकास क्षेत्र के बच्चों ने बहुत अच्छे तथा पाठ आधारित मॉडल तैयार किए। विषय आधारित मॉडल अच्छी तरीके से विकसित करने पर जोर देना चाहिए।
इस बीच ददरौल की आरोही, नैंसी, तिलहर के हर्ष, पुवायां से अमन, विजय, भावलखेड़ा के आर्यन, कोमल, देवांशु, काव्या, खुटार के प्रांशु का मॉडल सर्वश्रेष्ठ चुना गया। निर्णायक मंडल में प्रेम शंकर सक्सेना, अतुल कुमार शुक्ला, सुभाष चंद्र रहे। इस मौके पर एसआरजी अरुण कुमार गुप्ता, तिलहर एआरपी अमित कुमार मिश्रा, रजनीश सिंह, शैलेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रेमपाल गंगवार, रविंद्र प्रजापति, देवेश आदि मौजूद रहे।
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विज्ञान प्रदर्शनी के उद्घाटन पर बीएसए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के अंदर ही वैज्ञानिक प्रवृति विकसित करनी चाहिए, ताकि अपनी आसपास के वातावरण में विज्ञान को खोजें। बच्चों को कबाड़ से जुगाड़ के आधार पर मॉडल तैयार करने चाहिए। जीआईसी प्रधानाचार्य अनिल सिंह ने बताया कि शिक्षकों को बच्चों के अंदर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए। भावलखेड़ा के बीईओ ईश्वरकांत मिश्रा ने बताया कि शिक्षक बच्चों को विज्ञान विषय पढ़ाते समय प्रयोग अवश्य कराएं, ताकि उनका ध्यान स्थायी हो सके। जिला समन्वयक प्रशिक्षक डीएल राणा ने कहा कि प्रति एक विकास क्षेत्र के बच्चों ने बहुत अच्छे तथा पाठ आधारित मॉडल तैयार किए। विषय आधारित मॉडल अच्छी तरीके से विकसित करने पर जोर देना चाहिए।
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इस बीच ददरौल की आरोही, नैंसी, तिलहर के हर्ष, पुवायां से अमन, विजय, भावलखेड़ा के आर्यन, कोमल, देवांशु, काव्या, खुटार के प्रांशु का मॉडल सर्वश्रेष्ठ चुना गया। निर्णायक मंडल में प्रेम शंकर सक्सेना, अतुल कुमार शुक्ला, सुभाष चंद्र रहे। इस मौके पर एसआरजी अरुण कुमार गुप्ता, तिलहर एआरपी अमित कुमार मिश्रा, रजनीश सिंह, शैलेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रेमपाल गंगवार, रविंद्र प्रजापति, देवेश आदि मौजूद रहे।
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