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चक्रवाती तूफान से जलालाबाद के गांव गुरगवां में मचा हाहाकार
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जलालाबाद। क्षेत्र के गांव गुरगवां में शुक्रवार को तड़के बारिश के दौरान आए चक्रवाती तूफान ने गांव में भारी तबाही मचाई। उस वक्त अधिकांश लोग घरों के अंदर सोए थे। तमाम घरों के टीन और छप्पर कागजों की तरह उड़ गए। बवंडर से कई घरों की पक्की दीवारें गिर गईं और बिजली के कई खंभे टूट गए। यही नहीं, दीवारों के मलबे में दबने से दो बकरियां मर गईं और कई बच्चों को चोटें आईं। भोर होते अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से गांव में हाहाकार मच गया। सूचना मिलने पर एसडीएम सतीश चंद्रा और क्षेत्रीय लेखपाल ने मौका मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया। लेखपाल ने करीब 125 घरों में नुकसान होने की तहसीलदार को रिपोर्ट दी है।
गांव वालों के अनुसार सुबह करीब साढ़े पांच बजे तेज हवा चली और बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इसी बीच अचानक हवा का वेग बवंडर में तब्दील होकर घरों को तहस-नहस करने लगा। टिन शेड ओर बिजली के खंभे गिरने से लोगों की आंखें खुल गईं, लेकिन तूफान में घरों के बाहर निकलने का कोई साहस नहीं जुटा सका। ग्रामीणों के अनुसार करीब दस मिनट तक प्रभावी रहे बवंडर ने गांव का दृश्य बदल दिया। मोरपाल के घर की टीन उड़ने के साथ ही दीवार भी गिर गई। उसके मलबे में उनके बच्चे राधा और सूरज दब गए।
गनीमत रही कि इन बच्चों को मामूली चोटें आईं, लेकिन छप्पर और दीवार के मलबे के नीचे दबकर दो बकरी मर गईं। गांव के अशफाक के घर की दीवार गिर गई। रामसिंह, रजनीश, धनपाल, लज्जावती आदि सहित करीब सवा सौ घरों में भारी नुकसान हुआ है। इन घरों में छप्पर, टिन आदि उड़ने से घरेलू सामान, कपड़े व गल्ला आदि भीगकर बर्बाद हो गया। गांव में बिजली के दो खंभे टूटने से लोगों के घरों और रास्तों पर तार गिर गए, लेकिन सूचना देने के कई घंटे बाद भी बिजली विभाग का कोई कर्मचारी गांव नही पहुंचा। राकेश सिंह के दरवाजे पर खड़ी उनकी कार पर पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई।
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खुले में रात गुजारने को मजबूर हुए परिवार
इस आपदा के बाद गांव के करीब 40 प्रतिशत परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। यदि तूफान दिन निकलने पर आता तो धनहानि के साथ जनहानि का दायरा भी बढ़ जाता। एसडीएम सतीश चंद्र के निर्देश पर गांव पहुंचे लेखपाल ने मौके पर जांच पड़ताल की। लेखपाल ने बताया कि इस आपदा में 114 परिवार प्रभावित हुए हैं। लेखपाल के अनुसार प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शाम को एसडीएम भी गांव पहुंचे और मौका मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सांत्वना के साथ हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम के अनुसार इस आपदा में जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें सरकारी सहायता जल्द मुहैया कराई जाएगी।
चक्रवाती तूफान में हवा एक स्थान पर इकट्ठा होकर गोलाई मेें तेज गति से आगे बढ़ती है। इसकी सूचना मिलने पर जलालाबाद के एसडीएम को क्षति का जायजा लेने मौके पर भेजा गया। अभी तक मिली रिपोर्ट के अनुसार 114 परिवार ज्यादा प्रभावित हुए है। इन परिवारों को हुई क्षति का आकलन कराकर शासन के नियमानुसार आपदा राहत कोष से सहायता दिलाई जाएगी। - गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी दैवी आपदा राहत प्रकोष्ठ
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गांव वालों के अनुसार सुबह करीब साढ़े पांच बजे तेज हवा चली और बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इसी बीच अचानक हवा का वेग बवंडर में तब्दील होकर घरों को तहस-नहस करने लगा। टिन शेड ओर बिजली के खंभे गिरने से लोगों की आंखें खुल गईं, लेकिन तूफान में घरों के बाहर निकलने का कोई साहस नहीं जुटा सका। ग्रामीणों के अनुसार करीब दस मिनट तक प्रभावी रहे बवंडर ने गांव का दृश्य बदल दिया। मोरपाल के घर की टीन उड़ने के साथ ही दीवार भी गिर गई। उसके मलबे में उनके बच्चे राधा और सूरज दब गए।
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गनीमत रही कि इन बच्चों को मामूली चोटें आईं, लेकिन छप्पर और दीवार के मलबे के नीचे दबकर दो बकरी मर गईं। गांव के अशफाक के घर की दीवार गिर गई। रामसिंह, रजनीश, धनपाल, लज्जावती आदि सहित करीब सवा सौ घरों में भारी नुकसान हुआ है। इन घरों में छप्पर, टिन आदि उड़ने से घरेलू सामान, कपड़े व गल्ला आदि भीगकर बर्बाद हो गया। गांव में बिजली के दो खंभे टूटने से लोगों के घरों और रास्तों पर तार गिर गए, लेकिन सूचना देने के कई घंटे बाद भी बिजली विभाग का कोई कर्मचारी गांव नही पहुंचा। राकेश सिंह के दरवाजे पर खड़ी उनकी कार पर पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई।
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खुले में रात गुजारने को मजबूर हुए परिवार
इस आपदा के बाद गांव के करीब 40 प्रतिशत परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। यदि तूफान दिन निकलने पर आता तो धनहानि के साथ जनहानि का दायरा भी बढ़ जाता। एसडीएम सतीश चंद्र के निर्देश पर गांव पहुंचे लेखपाल ने मौके पर जांच पड़ताल की। लेखपाल ने बताया कि इस आपदा में 114 परिवार प्रभावित हुए हैं। लेखपाल के अनुसार प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शाम को एसडीएम भी गांव पहुंचे और मौका मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सांत्वना के साथ हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम के अनुसार इस आपदा में जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें सरकारी सहायता जल्द मुहैया कराई जाएगी।
चक्रवाती तूफान में हवा एक स्थान पर इकट्ठा होकर गोलाई मेें तेज गति से आगे बढ़ती है। इसकी सूचना मिलने पर जलालाबाद के एसडीएम को क्षति का जायजा लेने मौके पर भेजा गया। अभी तक मिली रिपोर्ट के अनुसार 114 परिवार ज्यादा प्रभावित हुए है। इन परिवारों को हुई क्षति का आकलन कराकर शासन के नियमानुसार आपदा राहत कोष से सहायता दिलाई जाएगी। - गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी दैवी आपदा राहत प्रकोष्ठ