सराफा व्यापारी हत्याकांड: थैले में दो तमंचे लेकर आया था सौतेला भाई, वारदात के बाद भागा; दो बच्चों ने पकड़वाया
पुवायां के सराफा व्यापारी संकल्प गुप्ता की हत्या उनके सौतेले भाई अमित गुप्ता ने की। वह थैले में दो तमंचे लेकर आया था। उसने सरेबाजार संकल्प को गोली मार दी और फरार हो गया था। पुलिस उसका फोटो लेकर तलाश कर रही थी। जब पुलिस ने दो बच्चों को फोटो दिखाया तो उन्होंने उसे पहचान लिया। बच्चों के बताए स्थान पर घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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शाहजहांपुर के पुवायां में सराफा व्यापारी संकल्प गुप्ता का सौतेला भाई अमित गुप्ता उर्फ हप्पू उनकी जान का दुश्मन बन गया। संपत्ति विवाद में बुधवार को सरेबाजार उसने संकल्प गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। संकल्प के पिता बद्रीप्रसाद गुप्ता की पहली पत्नी किरन देवी ने खुद को गोली मार ली थी। इसके बाद बद्रीप्रसाद ने प्रेमलता से दूसरी शादी कर ली। सौतेले भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था।
बद्रीप्रसाद की किरन देवी से चार संतानें हैं। प्रेमलता के तीन संतानें हैं। किरन और प्रेमलता की संतानों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद होने के बाद अमित शिमला जाकर रहने लगा था। शिमला में वह किसी दवा कंपनी में काम करता था, जिससे बमुश्किल खर्च चल पाता था। उधर, प्रेमलता के पुत्र संकल्प ने सराफा की दुकान खोल रखी थी। अमित तीन दिन पूर्व पुवायां आया था और संपत्ति में हिस्सा मांग रहा था। बात नहीं बनने से वह काफी क्षुब्ध था। इसी कारण उसने संकल्प को दुकान खोलने के दौरान करीब 9.30 बजे गोली मार दी।
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उधर, अमित के पिता बद्रीप्रसाद का कहना है कि अमित को उसकी सौतेली मां प्रेमलता ने घर से निकाल दिया था। उनकी और प्रेमलता की पुत्री गोलू का ससुराल में विवाद होने पर पुत्री मायके आकर रहने लगी। पुत्री और उनसे नाराज पत्नी ने उन्हें भी घर से निकाल दिया था। वह ढाई वर्ष से किराए पर हैं।
उधर, संकल्प की पत्नी पल्लवी गुप्ता ने ससुर के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अमित दो लाख रुपये लेकर अलग हो गया था। उनके ससुर अब भी अमित को चुपचाप पंद्रह सौ रुपये महीना देते थे। मंगलवार को अमित शराब के साथ पकड़ा गया था। ससुर ने ही उसे छुड़ाया था। अमित को न छुड़ाया जाता तो वह पति को गोली नहीं मार पाता।
दो बच्चों ने पकड़वाया आरोपी
गोली मारने के बाद अमित मौके से भाग निकला था। थाने से कुछ ही दूर वारदात होने के चलते पुलिस को भी जल्द ही खबर मिल गई थी। सीओ पंकज पंत, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय सहित थाने की पूरी फोर्स आरोपी की तलाश में जुट गई। नगर के 50 से अधिक लोग भी पुलिस की मदद में लग गए। काफी देर तक तलाश के बाद भी आरोपी का पता नहीं चल सका।
इस बीच साइकिल चलाना सीख रहे दो बच्चे रास्ते पर आते दिखे। इंस्पेक्टर ने बच्चों को आरोपी का फोटो दिखाया तो बच्चों ने बताया कि फोटो वाला व्यक्ति कुछ दूर आगे कीचड़ से सनीं चप्पलें साफ कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
थैले में दो तमंचे लेकर पहुंचा था आरोपी
पुलिस ने अमित गुप्ता के पास से दो तमंचे बरामद किए हैं। अमित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं दिया गया था। दूसरी मां ने सारी संपत्ति अपने कब्जे में कर ली थी। वह आठ हजार रुपये महीने की नौकरी कर रहा था, जिससे बमुश्किल गुजर होती थी।
वह कई बार संपत्ति में हिस्सा देने की मांग कर चुका था, लेकिन उसका वाजिब हक उसे नहीं मिल रहा था। उसने तीन दिन पूर्व ही संकल्प को मारने का मन बना लिया था। इसके तहत उसने दो तमंचों की व्यवस्था की। दोनों तमंचे लोड थे। अगर एक मिस हो जाता तो वह दूसरे तमंचे से गोली मार देता। आरोपी ने कहा कि अगर आज वह संकल्प को न मार पाता तो अगले दिन खुद ही जहर खाकर जान दे देता।
एसपी ग्रामीण संजीव वाजपेयी ने बताया कि अमित ने अपने सौतेले भाई संकल्प को गोली मार दी थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में संकल्प को मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।