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स्पेशल फीडर बनने से उद्योगों को मिलेगी भरपूर बिजली
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 23 May 2016 12:09 AM IST
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पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों ने जमौर औद्योगिक आस्थान को भरपूर बिजली सप्लाई देने के लिए वहां स्पेशल फीडर बनाने का काम शुरू करा दिया है। इसके साथ ही वहां के लिए आठ एमवीए क्षमता के नए ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था कर ली गई है। स्पेशल फीडर के चालू हो जाने पर जमौर इंडस्ट्रियल एरिया की विभिन्न इकाइयों को बार-बार बिजली की ट्रिपिंग संबंधी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा और इससे औद्योगिक उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी।
तीन दशक तक उपेक्षित रहा जमौर औद्योगिक क्षेत्र
जिले में उद्योगों को बढ़ावा और उसके लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने को करीब तीन दशक पहले पुराने नेशनल हाईवे पर रोजा औद्योगिक आस्थान के साथ कांट रोड पर जमौर इंडस्ट्रिल एरिया स्रजित करके वहां विभिन्न उद्योगों के लिए प्लाटिंग की गई थी। जरूरी संसाधनों के लिहाज से रोजा के औद्योगिक क्षेत्र को सरकारी स्तर पर प्राथमिकता दिए जाने से वहां औद्योगिक उत्पादन समय से शुरू हो गया, लेकिन जमौर औद्योगिक क्षेत्र कई कारणों से पिछड़ गया।
आड़े आई संसाधनों की कमी और जलभराव समस्या
जमौर औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाली करीब दो सौ इकाइयों के लिए भूखंड आवंटित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में एनसीआर क्षेत्र के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में रहने वाले उद्यमियों को प्लाट दिए गए। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की बारी आने पर उद्यमियों ने औद्योगिक आस्थान का दौरा करने पर पाया कि वहां न तो ट्रांसपोर्टेशन की उचित व्यवस्था है और न ही बारिश के पानी से होने वाले जलभराव से निपटने का कोई प्रबंध किया गया है।
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स्थानीय उद्यमियों से आबाद हुआ जमौर क्षेत्र
जमौर इंडस्ट्रियल एरिया के भूखंड कांट-जलालाबाद रोड से करीब एक मीटर नीचे हैं। इस कारण बरसात के दिनों में बरेली मोड़ से जमौर तक होने वाले जलभराव के निस्तारण को प्रशासन ने रोड के समानान्तर कच्चा नाला खुदवाया जिसे आगे गरई नदी से जोड़ा गया। कुछ समय बीतने के बाद नाला कीचड़ मिट्टी के भराव से पटकर समतल हो गया तो बारिश का पानी औद्योगिक भूखंडों के पास जमा होने लगा। इस समस्या का प्रशासन स्तर से स्थायी समाधान तलाश नहीं किए जाने का नतीजा यह हुआ कि एनसीआर के उद्यमियों का यहां से मोहभंग हो गया। केवल स्थानीय उद्योगपतियों ने ही वहां पूंजी निवेश का जोखिम उठाया।
बिजली सप्लाई को की गई काम चलाऊ व्यवस्था
औद्योगिक आस्थानों को बिजली सप्लाई के लिए स्वतंत्र फीडर स्थापित किए जाने की मांग लंबे समय से की जाती रही है। कहने को पॉवर कारपोरेशन ने जमौर के लिए इंडस्ट्रियल फीडर स्थापित कियया, लेकिन वहां के तमाम भूखंड खाली देख बिजली अभियंताओं ने जमौर के इंडस्ट्रियल फीडर से बरेली मोड़ की आवास विकास कालोनी और साउथ सिटी कालोनी को बिजली देनी शुरू कर दी। कालोनियों में बिजली का लोड बढने पर औद्योगिक क्षेत्र में ट्रिपिंग से बार-बार बत्ती गुल होने की समस्या पैदा हो गई। इससे उत्पादन प्रभावित होते देख वहां के उद्यमियों ने जमौर फीडर को केवल उद्योगों के लिए सीमित रखने की मांग करनी शुरू कर दी।
नव सृजित फीडर से अलग होंगी दोनों कालोनियां
जिला उद्योग बंधु समिति की बैठकों में उठी मांग पर बनाए जा रहे जमौर के नव सृजित फीडर से दोनों कालोनियों को अलग करने का निर्णय किया गया है। पॉवर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता ग्रामीण अशोक सुंदरम ने बताया कि उद्योगों को अबाधित बिजली सप्लाई देने के लिए लाइन वर्क का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि उद्योगों में बिजली की मांग को देखते पंच एमवीए के स्थान पर आठ एमवीए का नया ट्रांसफार्मर अगले कुछ दिनों में लगा दिया जाएगा।
50 औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा सीधा लाभ
नई लाइन तैयार कर अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से जमौर क्षेत्र की लगभग 50 औद्योगिक इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में वहां आधा दर्जन से अधिक फ्लोर मिलें व राइस मिलें, प्लाईवुड फैक्ट्री, साल्वेंट प्लांट, गत्ता पेपर प्लांट आदि स्थापित हैं और यह सभी इकाइयां बिजली समस्या से जूझ रही हैं।
-अनिल गुप्ता, सदस्य, केंद्रीय कार्यसमिति, आईआईए
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तीन दशक तक उपेक्षित रहा जमौर औद्योगिक क्षेत्र
जिले में उद्योगों को बढ़ावा और उसके लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने को करीब तीन दशक पहले पुराने नेशनल हाईवे पर रोजा औद्योगिक आस्थान के साथ कांट रोड पर जमौर इंडस्ट्रिल एरिया स्रजित करके वहां विभिन्न उद्योगों के लिए प्लाटिंग की गई थी। जरूरी संसाधनों के लिहाज से रोजा के औद्योगिक क्षेत्र को सरकारी स्तर पर प्राथमिकता दिए जाने से वहां औद्योगिक उत्पादन समय से शुरू हो गया, लेकिन जमौर औद्योगिक क्षेत्र कई कारणों से पिछड़ गया।
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आड़े आई संसाधनों की कमी और जलभराव समस्या
जमौर औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाली करीब दो सौ इकाइयों के लिए भूखंड आवंटित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में एनसीआर क्षेत्र के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में रहने वाले उद्यमियों को प्लाट दिए गए। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की बारी आने पर उद्यमियों ने औद्योगिक आस्थान का दौरा करने पर पाया कि वहां न तो ट्रांसपोर्टेशन की उचित व्यवस्था है और न ही बारिश के पानी से होने वाले जलभराव से निपटने का कोई प्रबंध किया गया है।
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स्थानीय उद्यमियों से आबाद हुआ जमौर क्षेत्र
जमौर इंडस्ट्रियल एरिया के भूखंड कांट-जलालाबाद रोड से करीब एक मीटर नीचे हैं। इस कारण बरसात के दिनों में बरेली मोड़ से जमौर तक होने वाले जलभराव के निस्तारण को प्रशासन ने रोड के समानान्तर कच्चा नाला खुदवाया जिसे आगे गरई नदी से जोड़ा गया। कुछ समय बीतने के बाद नाला कीचड़ मिट्टी के भराव से पटकर समतल हो गया तो बारिश का पानी औद्योगिक भूखंडों के पास जमा होने लगा। इस समस्या का प्रशासन स्तर से स्थायी समाधान तलाश नहीं किए जाने का नतीजा यह हुआ कि एनसीआर के उद्यमियों का यहां से मोहभंग हो गया। केवल स्थानीय उद्योगपतियों ने ही वहां पूंजी निवेश का जोखिम उठाया।
बिजली सप्लाई को की गई काम चलाऊ व्यवस्था
औद्योगिक आस्थानों को बिजली सप्लाई के लिए स्वतंत्र फीडर स्थापित किए जाने की मांग लंबे समय से की जाती रही है। कहने को पॉवर कारपोरेशन ने जमौर के लिए इंडस्ट्रियल फीडर स्थापित कियया, लेकिन वहां के तमाम भूखंड खाली देख बिजली अभियंताओं ने जमौर के इंडस्ट्रियल फीडर से बरेली मोड़ की आवास विकास कालोनी और साउथ सिटी कालोनी को बिजली देनी शुरू कर दी। कालोनियों में बिजली का लोड बढने पर औद्योगिक क्षेत्र में ट्रिपिंग से बार-बार बत्ती गुल होने की समस्या पैदा हो गई। इससे उत्पादन प्रभावित होते देख वहां के उद्यमियों ने जमौर फीडर को केवल उद्योगों के लिए सीमित रखने की मांग करनी शुरू कर दी।
नव सृजित फीडर से अलग होंगी दोनों कालोनियां
जिला उद्योग बंधु समिति की बैठकों में उठी मांग पर बनाए जा रहे जमौर के नव सृजित फीडर से दोनों कालोनियों को अलग करने का निर्णय किया गया है। पॉवर कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता ग्रामीण अशोक सुंदरम ने बताया कि उद्योगों को अबाधित बिजली सप्लाई देने के लिए लाइन वर्क का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि उद्योगों में बिजली की मांग को देखते पंच एमवीए के स्थान पर आठ एमवीए का नया ट्रांसफार्मर अगले कुछ दिनों में लगा दिया जाएगा।
50 औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा सीधा लाभ
नई लाइन तैयार कर अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से जमौर क्षेत्र की लगभग 50 औद्योगिक इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में वहां आधा दर्जन से अधिक फ्लोर मिलें व राइस मिलें, प्लाईवुड फैक्ट्री, साल्वेंट प्लांट, गत्ता पेपर प्लांट आदि स्थापित हैं और यह सभी इकाइयां बिजली समस्या से जूझ रही हैं।
-अनिल गुप्ता, सदस्य, केंद्रीय कार्यसमिति, आईआईए