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Shahjahanpur News: कहीं खराब तो कहीं गंदा पानी उगल रहे हैंडपंप
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नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।
शाहजहांपुर। नगर निगम क्षेत्र में लगे हैंडपंप स्वच्छ पानी नहीं दे रहे हैं। तमाम हैंडपंप अरसे से खराब हैं लेकिन इनकी सुध नहीं ली जा रही। गर्मी का मौसम करीब है, ऐसे में राहगीरों को दिक्कत उठानी पड़ेगी। कई हैंडपंप ऐसे हैं जिन्होंने अभी से पानी देना बंद कर दिया है। गंदा पानी पीने से बीमारी पैदा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पानी की आपूर्ति करना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। नगर निगम क्षेत्र में 2092 हैंडपंप लगे हुए हैं। 150 फुट पर शहर में शहर में बोरिंग कराई जा रही है। 60 फुट पर जलस्तर को नदी किनारे निचले इलाकों में मानक बनाया गया है। शहर से लेकर गांवों तक सरकारी हैंडपंपों में निकलने वाला पीला और बदबूदार पानी लोगों को बीमार बना रहा है।
वर्ष 2025 में अमृत योजना-2 के तहत 125 करोड़ का बजट आवंटित हो चुका है। इसके तहत शहर में 330 किमी पाइप लाइन डाली जानी है और 12 नलकूप व छह ओवरहैड टैंक का निर्माण होना है। अब तक 35 प्रतिशत पाइप लाइन पड़ पाई है। योजना काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। अब तक 20 से 25 प्रतिशत काम हो पाया है। जबकि वर्ष 2026 तक काम पूरा होना है।
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अधिकतर हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है जिनमें आ रहा है वह पीने लायक नहीं हैं। लोग घरेलू कामों में पानी का इस्तेमाल तो कर लेते हैं लेकिन पीने से परहेज करते हैं।
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नगर निगम क्षेत्र में हैंडपंप की स्थिति
- नगर निगम क्षेत्र में कुल हैंडपंप- 2992
- 130 नलों को रिबोर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
- एक नल को रिबोर करने में 60 हजार रुपये की आती है लागत
- तीन साल से नलों को रिबोर करने का नहीं हुआ टेंडर
- शिकायत आने पर रिबोर कराने की अधिकारी कर रहे बात
- निगम के पास पिछले तीन वर्ष में कराए गए रिबोर नलों का नहीं डाटा
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कई मोहल्लों में हैंडपंप से निकल रहा पीला पानी
सरकारी हैंडपंपों में कई मोहल्लों में गंदा और पीला पानी निकल रहा है जो कि पीने लायक नहीं हैं। इनमें मक्कू बाजरिया, कृष्णानगर कॉलोनी, लोधीपुर, रामनगर कॉलोनी, लोहिया कॉलोनी, बिजलीपुरा, अजीजगंज, चौक, मोहम्मद जई, जलालनगर आदि मोहल्ले शामिल हैं। इसी तरह से कई मोहल्लों के हैंडपंपों में तकनीकी खराबी है। लोग गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं, लेकिन जल निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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लोगों की बात
हमारी गली में हैंडपंप से पीला और गंदा पानी आ रहा है, जो कि पीने लायक नहीं है। कई बार नगर निगम में शिकायत कर चुके, लेकिन नल को रिबोर नहीं किया जा रहा है।
- मनीष शर्मा, कृष्णा नगर
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घर के सामने सरकारी हैंडपंप लगा हुआ है। अक्सर पानी उतर जाता है। कभी पानी आता है तो पीला होता है जो कि पीने लायक नहीं है। इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद से की, लेकिन समाधान नहीं हो सका।
- नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।
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गंदा पानी पीने से संक्रमण की आशंका
गंदा और पीला पानी पीने से कई बीमारियां हो सकतीं हैं। गंदा पानी पीने से डायरिया, पीलिया के साथ ही आंत, लिवर और पेट में संक्रमण का खतरा हो सकता है। पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद छानकर पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
-डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
-
जो हैंडपंप खराब हैं, उनको ठीक कराया जाएगा। अस्वच्छ पानी देने वाले हैंडपंंपों को रिबोर कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही काम शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी।
- विजय नारायण मौर्य, जलकल महाप्रबंधक, नगर निगम
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जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पानी की आपूर्ति करना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। नगर निगम क्षेत्र में 2092 हैंडपंप लगे हुए हैं। 150 फुट पर शहर में शहर में बोरिंग कराई जा रही है। 60 फुट पर जलस्तर को नदी किनारे निचले इलाकों में मानक बनाया गया है। शहर से लेकर गांवों तक सरकारी हैंडपंपों में निकलने वाला पीला और बदबूदार पानी लोगों को बीमार बना रहा है।
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वर्ष 2025 में अमृत योजना-2 के तहत 125 करोड़ का बजट आवंटित हो चुका है। इसके तहत शहर में 330 किमी पाइप लाइन डाली जानी है और 12 नलकूप व छह ओवरहैड टैंक का निर्माण होना है। अब तक 35 प्रतिशत पाइप लाइन पड़ पाई है। योजना काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। अब तक 20 से 25 प्रतिशत काम हो पाया है। जबकि वर्ष 2026 तक काम पूरा होना है।
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अधिकतर हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है जिनमें आ रहा है वह पीने लायक नहीं हैं। लोग घरेलू कामों में पानी का इस्तेमाल तो कर लेते हैं लेकिन पीने से परहेज करते हैं।
नगर निगम क्षेत्र में हैंडपंप की स्थिति
- नगर निगम क्षेत्र में कुल हैंडपंप- 2992
- 130 नलों को रिबोर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
- एक नल को रिबोर करने में 60 हजार रुपये की आती है लागत
- तीन साल से नलों को रिबोर करने का नहीं हुआ टेंडर
- शिकायत आने पर रिबोर कराने की अधिकारी कर रहे बात
- निगम के पास पिछले तीन वर्ष में कराए गए रिबोर नलों का नहीं डाटा
कई मोहल्लों में हैंडपंप से निकल रहा पीला पानी
सरकारी हैंडपंपों में कई मोहल्लों में गंदा और पीला पानी निकल रहा है जो कि पीने लायक नहीं हैं। इनमें मक्कू बाजरिया, कृष्णानगर कॉलोनी, लोधीपुर, रामनगर कॉलोनी, लोहिया कॉलोनी, बिजलीपुरा, अजीजगंज, चौक, मोहम्मद जई, जलालनगर आदि मोहल्ले शामिल हैं। इसी तरह से कई मोहल्लों के हैंडपंपों में तकनीकी खराबी है। लोग गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं, लेकिन जल निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लोगों की बात
हमारी गली में हैंडपंप से पीला और गंदा पानी आ रहा है, जो कि पीने लायक नहीं है। कई बार नगर निगम में शिकायत कर चुके, लेकिन नल को रिबोर नहीं किया जा रहा है।
- मनीष शर्मा, कृष्णा नगर
घर के सामने सरकारी हैंडपंप लगा हुआ है। अक्सर पानी उतर जाता है। कभी पानी आता है तो पीला होता है जो कि पीने लायक नहीं है। इसकी शिकायत क्षेत्रीय पार्षद से की, लेकिन समाधान नहीं हो सका।
- नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।
गंदा पानी पीने से संक्रमण की आशंका
गंदा और पीला पानी पीने से कई बीमारियां हो सकतीं हैं। गंदा पानी पीने से डायरिया, पीलिया के साथ ही आंत, लिवर और पेट में संक्रमण का खतरा हो सकता है। पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद छानकर पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
-डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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जो हैंडपंप खराब हैं, उनको ठीक कराया जाएगा। अस्वच्छ पानी देने वाले हैंडपंंपों को रिबोर कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही काम शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी।
- विजय नारायण मौर्य, जलकल महाप्रबंधक, नगर निगम

नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।

नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।

नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।

नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।

नरेश सक्सेना, मक्कू बजरिया।