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सूर्य ग्रहण आज: सीधे देखने से बचें, अन्यथा आंखें होंगी खराब

Sun, 21 Jun 2020 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2020 01:58 AM IST
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Solar eclipse today: Avoid looking straight, otherwise eyes will be bad
शाहजहांपुर। ग्रहण कोई भी हो, खगोल शास्त्र के नजरिये से अद्भुत घटना होती है। इस दृष्टि से रविवार का दिन ऐसा होगा जब हम सभी दुर्लभ कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के साक्षी बनेंगे। हालांकि, सूर्य ग्रहण को लेकर चिकित्सा और अंतरिक्ष विज्ञान के विशेषज्ञों में कई मतभेद भी हैं, लेकिन इस बात पर दोनो सहमत हैं कि सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने से बचें, वरना रेटिना को क्षति पहुंचने के साथ आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि सूर्य ग्रहण के दौरान तमाम ऐसी कास्मिक और सोलर रेज (किरणें) निकलती हैं जो हमारे शरीर की त्वचा और अन्य हिस्सों को क्षति पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आंखों की पहले से समस्या है और शारीरिक रूप से दुर्बल होने के कारण जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, वह ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से बचें। इससे आंखें सुरक्षित रहेंगी और सूर्य से उत्सर्जित होने वाली किरणों के घातक प्रभाव से बचना संभव हो जाएगा।
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दूसरी ओर, वैज्ञानिक संस्था रिसर्च के निदेशक और साइंस एक्टिविस्ट डॉ. इरफान ह्यूमन इस बात से सहमत नहीं हैं कि ग्रहण के दौरान शरीर को हानि पहुंचाने वाली किरणें निकलेंगी। उनका कहना है कि यह मात्र एक खगोलीय घटना है, जो अंतरिक्ष में ग्रहों की विशेष युति का परिणाम है। इसलिए हमें यह अंध विश्वास त्याग देना चाहिए कि गर्भवती महिलाओं के बाहर निकलने पर गर्भस्थ शिशु में शारीरिक विकृति आ जाएगी। उन्होंने कहा कि नंगी आंखों से वैसे भी सूरज को देखना आंखों के लिए घातक होता है। इस घटना के दौरान कुंडलाकार सूर्य ग्रहण पर टकटकी लगाने से आंखों को क्षति पहुंच सकती है। डॉ. ह्यूमन के अनुसार जनपद में सुबह 10.25 बजे से दोपहर 1.55 बजे तक केवल आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा, कुंडलाकार नहीं और दोपहर 12.09 बजे ग्रहण का चरम काल होगा।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बढ़ेंगी दैवी आपदाएं
ग्रहण को धार्मिक मान्यताओं से जोड़कर देखें तो कुंडलाकार सूर्य ग्रहण दैवी आपदाएं लेकर आ रहा है। ज्योतिषविद् पं. रमेश चंद्र शुक्ला कहते हैं कि देश कोरोना जैसी विश्वव्यापी आपदा से पहले जूझ रहा है। ग्रहण के प्रभाव से अगले छह माह तक देश पर कोरोना का संकट छाया रहेगा और कृषि क्षेत्र को भी आपदाओं से जूझना पड़ेगा। उनका कहना है कि किसान टिड्डियों का प्रकोप झेल रहे हैं और आने वाले समय मेें गन्ना, धान आदि फसलों का बीमारियां अनिष्ट करेंगी।

ग्रहण के दौरान सोलर रेज शरीर के तंत्रिका तंत्र सहित अन्य नाजुक अंगों को क्षति पहुंचा सकती हैं। इस दौरान बाहर निकलने पर उसे देखने की स्वाभाविक उत्कंठा होगी, लेकिन इससे बचने में ही समझदारी है।
-डॉ. एमएल अग्रवाल, जिला अस्पताल
सूर्य ग्रहण को कांच पर कालिख लगाकर अथवा काले चश्में से देखना भी हानिकारक होगा। दूरबीन से देखने या फिर कैमरे से फोटो उतारने पर भी आंख को खतरा है। ग्रहण को सौर चश्मा लगाकर देखना चाहिए क्योंकि यह सूर्य के प्रकाश की तीव्रता एक लाख गुना कम कर देता है।
-डॉ. इरफान ह्यूमन, निदेशक, रिसर्च
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