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सिसौआ गांव में छह बच्चे अतिकुपोषित
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:43 PM IST
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सिसौआ गांव में छह बच्चे अतिकुपोषित
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भावलखेड़ा ब्लॉक में अपने गोद लिए ग्राम सिसौआ में पहुंचकर डीएम पुष्पा सिंह ने राज्य पोषण मिशन योजनांतर्गत पोषित किये जा रहे बच्चों का बुधवार को आंगनबाड़ी केंद्र में तौल मापक यंत्र पर अपने सामने वजन कराया। पाया कि सितंबर 2015 में इस गांव में 18 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में थे और अब उनमें से 12 बच्चे सामान्य श्रेणी में हो गये हैं। छह बच्चे अभी भी अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं।
उन्होंने इन बच्चों के माता-पिता को बुलाकर कुपोषण के विषय में बताया और निर्देश दिये कि सभी बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने बच्चों की माताओं को समझाया कि जिला अस्पताल में बने पोषण केंद्र में 15 दिन तक रहें तो उन्हें भी भोजन एवं प्रतिदिन 100 रुपये मिलेंगे। डीएम ने कहा कि सरकार इतनी सुविधा दे रही है लेकिन फिर भी अभिभावकों की जरा सी लापरवाही से बच्चे कुपोषित रहें तो अच्छी बात नहीं है। प्रभारी चिकित्साधिकारी को उन्होंने अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर इलाज कराते हुए स्वस्थ करने को कहा।
डीएम ने अपने सामने प्रभारी चिकित्साधिकारी से सभी बच्चों के नाखून चेक कराये। कहा कि जिन बच्चों ने पोलियो की दवा नहीं पी है, उन सभी को अभी बुलाएं और उन्हें पोलियों की दवा पिलवायें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण एवं आयरन की दवा भी वितरित करवाई। पाया कि ग्राम सिसौआ में तीन से छह वर्ष तक कुल 154 बच्चे पंजीकृत हैं। सात माह से तीन वर्ष तक के 128 बच्चे पंजीकृत हैं। गांव में कुल 34 गर्भवती महिलाएं है और कुल 23 धात्री महिलायें हैं।
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एमडीएम चेक किया
भावलखेड़ा। सिसौआ ग्राम में बुधवार को डीएम ने प्राइमरी स्कूल में बन रहे दोपहर के भोजन (एमडीएम) का रसोईघर में जाकर निरीक्षण किया। तहरी बन रही थी और बड़े टब में दूध भी बच्चों को पिलाने के लिए रखा गया था। उन्होंने निर्देश दिये कि छुटिटयों में दोपहर का भोजन मीनू के हिसाब से बच्चों को अनिवार्य रूप से दिया जाय। उन्होंने गांव के लेखपाल को निर्देश दिये कि वह सप्ताह में दो दिन गांव में अवश्य आयें।
सांड़ से आतंकित मिले ग्रामीण
भावलखेड़ा। ग्राम सिसौआ में दौरे पर पहुंची डीएम पुष्पा सिंह के समक्ष ग्रामीणों की एक रोचक समस्या सामने आई। गांववासियों ने बताया कि गांव में सांड़ का आतंक है और वह अभी तक दो लोगों को मार डाला है एवं कई लोगो को घायल कर दिया है। गांव वालों ने उससे सुरक्षा की मांग की। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में डीएम ने पाया कि गांव में पशु चिकित्सालय भवन बन गया है लेकिन कोई पशु चिकित्साधिकारी नियुक्त नहीं है।
साहब गांव में कच्ची शराब बनती है
भावलखेड़ा। सिसौआ में निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी की तो कइयों ने रामपुरूवां, मंगीपुर, चरकुई में कच्ची शराब भी बनने की शिकायत की। कुछ ने बताया कि गांव के चारागाह की जमीन पर सरदार मंगल सिंह द्वारा कब्जा कर लिया गया है। एक मजदूर ने बताया कि उसने वर्ष 2014 में मनरेगा में नहर की सफाई का काम किया था लेकिन नहर विभाग द्वारा 80 लोगों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। डीएम ने सभी बिंदुओं को गंभीरता पूर्वक सुना और कहा कि सभी समस्याओं का संबंधित विभागों से शीघ्र निस्तारण कराया जायेगा।
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उन्होंने इन बच्चों के माता-पिता को बुलाकर कुपोषण के विषय में बताया और निर्देश दिये कि सभी बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। उन्होंने बच्चों की माताओं को समझाया कि जिला अस्पताल में बने पोषण केंद्र में 15 दिन तक रहें तो उन्हें भी भोजन एवं प्रतिदिन 100 रुपये मिलेंगे। डीएम ने कहा कि सरकार इतनी सुविधा दे रही है लेकिन फिर भी अभिभावकों की जरा सी लापरवाही से बच्चे कुपोषित रहें तो अच्छी बात नहीं है। प्रभारी चिकित्साधिकारी को उन्होंने अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर इलाज कराते हुए स्वस्थ करने को कहा।
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डीएम ने अपने सामने प्रभारी चिकित्साधिकारी से सभी बच्चों के नाखून चेक कराये। कहा कि जिन बच्चों ने पोलियो की दवा नहीं पी है, उन सभी को अभी बुलाएं और उन्हें पोलियों की दवा पिलवायें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण एवं आयरन की दवा भी वितरित करवाई। पाया कि ग्राम सिसौआ में तीन से छह वर्ष तक कुल 154 बच्चे पंजीकृत हैं। सात माह से तीन वर्ष तक के 128 बच्चे पंजीकृत हैं। गांव में कुल 34 गर्भवती महिलाएं है और कुल 23 धात्री महिलायें हैं।
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एमडीएम चेक किया
भावलखेड़ा। सिसौआ ग्राम में बुधवार को डीएम ने प्राइमरी स्कूल में बन रहे दोपहर के भोजन (एमडीएम) का रसोईघर में जाकर निरीक्षण किया। तहरी बन रही थी और बड़े टब में दूध भी बच्चों को पिलाने के लिए रखा गया था। उन्होंने निर्देश दिये कि छुटिटयों में दोपहर का भोजन मीनू के हिसाब से बच्चों को अनिवार्य रूप से दिया जाय। उन्होंने गांव के लेखपाल को निर्देश दिये कि वह सप्ताह में दो दिन गांव में अवश्य आयें।
सांड़ से आतंकित मिले ग्रामीण
भावलखेड़ा। ग्राम सिसौआ में दौरे पर पहुंची डीएम पुष्पा सिंह के समक्ष ग्रामीणों की एक रोचक समस्या सामने आई। गांववासियों ने बताया कि गांव में सांड़ का आतंक है और वह अभी तक दो लोगों को मार डाला है एवं कई लोगो को घायल कर दिया है। गांव वालों ने उससे सुरक्षा की मांग की। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में डीएम ने पाया कि गांव में पशु चिकित्सालय भवन बन गया है लेकिन कोई पशु चिकित्साधिकारी नियुक्त नहीं है।
साहब गांव में कच्ची शराब बनती है
भावलखेड़ा। सिसौआ में निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी की तो कइयों ने रामपुरूवां, मंगीपुर, चरकुई में कच्ची शराब भी बनने की शिकायत की। कुछ ने बताया कि गांव के चारागाह की जमीन पर सरदार मंगल सिंह द्वारा कब्जा कर लिया गया है। एक मजदूर ने बताया कि उसने वर्ष 2014 में मनरेगा में नहर की सफाई का काम किया था लेकिन नहर विभाग द्वारा 80 लोगों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। डीएम ने सभी बिंदुओं को गंभीरता पूर्वक सुना और कहा कि सभी समस्याओं का संबंधित विभागों से शीघ्र निस्तारण कराया जायेगा।