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Shahjahanpur News: ढुकरीकलां में कलश यात्रा के साथ आरंभ हुई श्रीराम कथा
Sun, 18 May 2025 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 18 May 2025 01:13 AM IST
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मदनापुर के ग्राम ढुकरी कलां में कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : mathura
शाहजहांपुर। मदनापुर क्षेत्र के ढुकरीकलां गांव में शनिवार को श्रीराम कथा आरंभ होने से पहले श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकाली। ग्रामीणों ने ढिपिया गांव जाकर वहां के प्राचीन शिव मंदिर से कलशों में जल भरा। बाद में कलश यात्रा निकालकर कथा स्थल पर पहुंचे।
पहले दिन कथावाचक पंडित योगेश दीक्षित ने कहा कि विश्वास के स्वरूप शिव जी और श्रद्धा स्वरूपा माता पार्वती के मिलन से भक्ति रूपी श्रीराम कथा आरंभ होती है। शिवजी और पार्वती जी का मिलन कैलाश पर्वत पर होता है। इसलिए कैलाश पर्वत ज्ञान का स्वरूप है और पर्वत पर स्थित विशाल वट वृक्ष विश्वास का प्रतीक है। सारे संसार के कल्याणार्थ माता पार्वती को भगवान शंकर ने यह कथा सुनाई। कथा व्यास ने कहा कि परमात्मा का अवतार प्रत्येक कल्प में होता है। श्री रामचरितमानस में पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास जी ने चार कल्पों की मिली जुली कथा का वर्णन किया है। वस्तुत: श्रीराम कथा मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने का सरल माध्यम है। यह कथा समाज को संगठित रहने की भी शिक्षा देती है। कलश यात्रा व कथा श्रवण में राम अवतार सिंह, ऋषभ कुमार, रोहित कुमार, शेर बहादुर सिंह, उपदेश सिंह आदि शामिल रहे। संवाद
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पहले दिन कथावाचक पंडित योगेश दीक्षित ने कहा कि विश्वास के स्वरूप शिव जी और श्रद्धा स्वरूपा माता पार्वती के मिलन से भक्ति रूपी श्रीराम कथा आरंभ होती है। शिवजी और पार्वती जी का मिलन कैलाश पर्वत पर होता है। इसलिए कैलाश पर्वत ज्ञान का स्वरूप है और पर्वत पर स्थित विशाल वट वृक्ष विश्वास का प्रतीक है। सारे संसार के कल्याणार्थ माता पार्वती को भगवान शंकर ने यह कथा सुनाई। कथा व्यास ने कहा कि परमात्मा का अवतार प्रत्येक कल्प में होता है। श्री रामचरितमानस में पूज्यपाद गोस्वामी तुलसीदास जी ने चार कल्पों की मिली जुली कथा का वर्णन किया है। वस्तुत: श्रीराम कथा मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने का सरल माध्यम है। यह कथा समाज को संगठित रहने की भी शिक्षा देती है। कलश यात्रा व कथा श्रवण में राम अवतार सिंह, ऋषभ कुमार, रोहित कुमार, शेर बहादुर सिंह, उपदेश सिंह आदि शामिल रहे। संवाद
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