{"_id":"5dd9404e8ebc3e54e2279dcc","slug":"sewer-line-shahjahanpur-news-bly3851904109","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा, शहर में सीवर लाइन बनाने का काम लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा, शहर में सीवर लाइन बनाने का काम लटका
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शाहजहांपुर। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, मगर काम के नाम पर शहर में सीवर लाइन निर्माण तक शुरू नहीं हो सका। यह हालात तब हैं जब शासन सीवर लाइन बनाने के लिए 62 करोड़ रुपये का बजट जारी कर चुका है। इधर, नगर निगम प्रशासन चार महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका है।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने महानगर में दो प्रोजेक्ट शुरू करने पर विशेष जोर दिया था। जिसमें पहला जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड का निर्माण और दूसरा नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सीवर लाइन डलवाने का काम शुरू कराना। उनके प्रयासों से दोनों ही कामों के लिए शासन की ओर से बजट भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद रिंग रोड का काम तो शुरू हो गया, लेकिन सीवर लाइन डालने का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। जबकि शाहजहांपुर के नगर निगम बनने के बाद सीवर लाइन को बिछाने का खाका तैयार किया गया था। शहर में सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई। जल निगम के अफसरों ने गर्रा और खन्नौत नदी के बीच का सर्वे कर सेंट्रल सीवरेज जोन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिसे शासन में कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीवर लाइन बिछाने के लिए मुहर लग गई। शासन की ओर से महानगर में सीवर डालने के लिए जुलाई 2019 में 62 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया था। इससे 182 किमी लंबी सीवर लाइन डालने का काम जल निगम को शुरू करना है, लेकिन अब तक इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 377 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
अमृत योजना के तहत होना है काम
सीवर लाइन बिछाने का काम अटल नवीनीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन योजना के तहत होना है। जिसका एस्टीमेट जल निगम ने सीवर लाइन के लिए 186 किलोमीटर तक सर्वे कर रिपोर्ट बनाकर नगर विकास विभाग को भेजी थी। उस एस्टीमेट पर फाइनल मुहर लगाते हुए रुपयों का आवंटन कर दिया गया।
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बरसात खत्म होने के बाद शुरू होना था काम
- जल निगम ने बरसात खत्म होने के बाद सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू करने का दावा किया था, लेकिन बरसात होने के बाद भीं टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। सीवरेज व्यवस्था बनाने के लिए बड़ी फर्मों को आमंत्रित जाना है। जिससे क्वालिटी युक्त काम हो सके।
पहले कुछ बनकर कंडम हो गई थी सीवर लाइन
- काफी समय पहले मघईटोला इलाके में सीवर लाइन डाली गई थी। यह सीवर लाइन कुछ दूरी तक पड़ी थी जिसे अब कंडम घोषित किया जा चुका है। अब नई सीवर लाइन को डाली जाएगी।
खन्नौत और गर्रा नदी में गिरता है नालों का गंदा पानी
- महानगर दो नदियों के बीच में बसा है, जिसमें पहली गर्रा ओर दूसरी खनौत है। दोनों ही नदियों का पानी अब पीने की छोड़े, कपड़े आदि धोने के काम भी नहीं लिया जा सकता है। जिस कारण महानगर के घरों व फैक्ट्ररियों से निकलने वाला गंदा पानी और शौचालयों के अवशिष्ट का नालों के माध्यम से सीधे नदियों में गिरा है। इन दोनों नदियों को ही प्रदूषित होने के बचाने के लिए शहर में सीवरेज लाइन को डालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- शासन की ओर से सीवर लाइन डालने को बजट आवंटित किया गया था। जिसका काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। - विद्याशंकर सिंह, नगर आयुक्त शाहजहांपुर।
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प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने महानगर में दो प्रोजेक्ट शुरू करने पर विशेष जोर दिया था। जिसमें पहला जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड का निर्माण और दूसरा नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सीवर लाइन डलवाने का काम शुरू कराना। उनके प्रयासों से दोनों ही कामों के लिए शासन की ओर से बजट भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद रिंग रोड का काम तो शुरू हो गया, लेकिन सीवर लाइन डालने का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। जबकि शाहजहांपुर के नगर निगम बनने के बाद सीवर लाइन को बिछाने का खाका तैयार किया गया था। शहर में सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई। जल निगम के अफसरों ने गर्रा और खन्नौत नदी के बीच का सर्वे कर सेंट्रल सीवरेज जोन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिसे शासन में कैबिनेट की मंजूरी के बाद सीवर लाइन बिछाने के लिए मुहर लग गई। शासन की ओर से महानगर में सीवर डालने के लिए जुलाई 2019 में 62 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया था। इससे 182 किमी लंबी सीवर लाइन डालने का काम जल निगम को शुरू करना है, लेकिन अब तक इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 377 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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अमृत योजना के तहत होना है काम
सीवर लाइन बिछाने का काम अटल नवीनीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन योजना के तहत होना है। जिसका एस्टीमेट जल निगम ने सीवर लाइन के लिए 186 किलोमीटर तक सर्वे कर रिपोर्ट बनाकर नगर विकास विभाग को भेजी थी। उस एस्टीमेट पर फाइनल मुहर लगाते हुए रुपयों का आवंटन कर दिया गया।
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बरसात खत्म होने के बाद शुरू होना था काम
- जल निगम ने बरसात खत्म होने के बाद सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू करने का दावा किया था, लेकिन बरसात होने के बाद भीं टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। सीवरेज व्यवस्था बनाने के लिए बड़ी फर्मों को आमंत्रित जाना है। जिससे क्वालिटी युक्त काम हो सके।
पहले कुछ बनकर कंडम हो गई थी सीवर लाइन
- काफी समय पहले मघईटोला इलाके में सीवर लाइन डाली गई थी। यह सीवर लाइन कुछ दूरी तक पड़ी थी जिसे अब कंडम घोषित किया जा चुका है। अब नई सीवर लाइन को डाली जाएगी।
खन्नौत और गर्रा नदी में गिरता है नालों का गंदा पानी
- महानगर दो नदियों के बीच में बसा है, जिसमें पहली गर्रा ओर दूसरी खनौत है। दोनों ही नदियों का पानी अब पीने की छोड़े, कपड़े आदि धोने के काम भी नहीं लिया जा सकता है। जिस कारण महानगर के घरों व फैक्ट्ररियों से निकलने वाला गंदा पानी और शौचालयों के अवशिष्ट का नालों के माध्यम से सीधे नदियों में गिरा है। इन दोनों नदियों को ही प्रदूषित होने के बचाने के लिए शहर में सीवरेज लाइन को डालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- शासन की ओर से सीवर लाइन डालने को बजट आवंटित किया गया था। जिसका काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। - विद्याशंकर सिंह, नगर आयुक्त शाहजहांपुर।