UP News: इस जिले में डेंगू की चपेट में थाना, सात पुलिसकर्मी बीमार; वायरल बुखार ले रहा लोगों की जान
शाहजहांपुर में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। अब पुलिसकर्मी भी डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। पुवायां थाने के सात पुलिसकर्मियों को डेंगू हो गया है। बीमार पुलिसकर्मियों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
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शाहजहांपुर जिले में डेंगू की चपेट में पुलिसकर्मी भी आ गए हैं। पुवायां थाने के सात पुलिसकर्मी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। करीब छह पुलिसकर्मी ठीक होने के बाद ड्यूटी पर लौट आए हैं। उधर, कांट क्षेत्र में भी मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा। यहां दो दिनों में बुखार पीड़ित सात मरीजों की मौत हो चुकी है।
पुवायां थाने में एक पखवाड़े से दरोगा राजाराम, महिला सिपाही ज्योति निरंजन, रचना मौर्या, रीना समेत छह पुलिसकर्मी बुखार और डेंगू से बीमार हो चुके हैं। पिछले दिनों अपना इलाज कराकर अब फिर से वापस ड्यूटी पर आ गए हैं। इससे पूर्व सीओ पंकज पंत भी डेंगू पीड़ित रह चुके हैं।
ये पुलिसकर्मी बीमार
इस समय पुवायां थाने के सिपाही शुभम मलिक, अक्षय राठी, विकास बालियान, दीपक, हिमांशु, गौतम, महिला सिपाही हितेश बुखार और डेंगू की चपेट में हैं। सभी अलग-अलग स्थानों पर निजी डॉक्टर से अपना इलाज करा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार राय भी बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लाख दावे करे, लेकिन क्षेत्र में बुखार और डेंगू का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
सरकारी आंकड़ों में एक महीने में सिर्फ पांच मरीज
पुवायां क्षेत्र में गत एक माह में बुखार और डेंगू से काफी लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। इसके उलट अगर सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो नजारा कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है।
पुवायां सीएचसी के लैब टेक्नीशियन संजय कनौजिया के अनुसार 21 सितंबर से 20 अक्तूबर तक एक माह में डेंगू के 295 सैंपल लिए गए जिसमें से पहले पांच लोग पॉजिटिव निकले। इसी दौरान लगभग 14 सौ लोगों की मलेरिया जांच के लिए सैंपल लिया गया जिसमें सिर्फ एक रोगी मिला। टाइफाइड की 45 जांच में भी सिर्फ एक रोगी मिला।
पुवायां थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि कई पुलिसकर्मी पहले भी बीमार हो चुके हैं जो अब ठीक होकर आ गए हैं। इस समय सात पुलिसकर्मी डेंगू की चपेट में हैं। सभी का इलाज चल रहा है।
कांट क्षेत्र के अभायन गांव में दो दिन में छह लोगों की बुखार से मौत हो गई। जबकि रावतपुर में एक युवक ने दम तोड़ दिया। सात लोगों की मौत के बाद सीएचसी की टीम ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दीं।
अभायन गांव में मंगलवार को उर्मिला (40), श्याम लाल (80) और प्रतिपाल (45) ने दम तोड़ दिया। सोमवार को प्रेमपाल (60), कप्तान (50) और नसीम बानो (50) की बुखार के चलते मौत हुई थी। सभी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर कांट और शाहजहांपुर में जाकर दवा ली। प्लेटलेट्स कम होने के चलते मौत हो गई।
इसी तरह रावतपुर निवासी महेश (45)को बुखार आ रहा था। सोमवार को बरेली ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। दो दिन में सात लोगों की मौत हाेने के बाद सीएचसी प्रभारी ने विभाग की टीम को अभायन गांव में भेजा है। टीम ने शिविर लगाकर 43 लोगों की जांच की। 20 मरीज बुखार से पीड़ित हैं।
अभायन गांव की प्रधान अतरकली ने ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने के बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर रविवार को शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए पहुंची। इससे पहले तक अफसरों ने सुध तक नहीं ली। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में रोष है।