फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Sethpal and Pooja were going to check on Hariom's pregnant wife, taking the children with them.

Shahjahanpur News: बच्चों को लेकर हरिओम की गर्भवती पत्नी का हाल जानने जा रहे थे सेठपाल व पूजा

Thu, 25 Dec 2025 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 01:24 AM IST
विज्ञापन
Sethpal and Pooja were going to check on Hariom's pregnant wife, taking the children with them.
सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद - फोटो : सिविल लाइंस ​स्थित सजा मैथो​डिस्ट चर्च।
रोजा (शाहजहांपुर)। हरिओम की गर्भवती पत्नी आरती को देखने के लिए सेठपाल व उनकी पत्नी पूजा बच्चों के साथ उचौलिया जा रहे थे। रास्ते में ट्रेन की चपेट में आने से एक झटके में पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद हरिओम के पिता लालाराम बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। हरिओम की शॉल देखकर फफक पड़े।
विज्ञापन


लखीमपुर खीरी के थाना उचौलिया के गांव बनके गांव निवासी हरिओम सैनी के पिता लालाराम व मां माया देवी रोजा की मठिया कॉलोनी में किराये के मकान में रहते हैं। हरिओम की पत्नी आरती गर्भवती है। बुधवार की शाम को हरिओम अपने माता-पिता से मिलने के लिए आया था। उसने सेठपाल को कॉल की तो पता चला कि साढू व साली पूजा बुध बाजार में खरीदारी करने आए हुए हैं।
विज्ञापन

वह बाइक से शहर आया और दोनों को पिता के घर ले आया। यहां आरती के गर्भवती व बीमार होने की जानकारी होने पर सेठपाल व पूजा उसे देखने जाने के लिए तैयार हो गए। दो बच्चों समेत पांचों लोग बाइक पर सवार होकर घर से करीब पांच सौ मीटर दूर ही चले होंगे तभी रेलवे क्रॉसिंग पर हादसा हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसी ने लालाराम को रेलवे फाटक पर हादसा होने की सूचना दी तो वह घबरा गए। आशंकित लालाराम जब मौके पर पहुंचे तो शव यहां-वहां पड़े देखकर बदहवास हो गए। बेटे हरिओम को सर्दी से बचाव के लिए ओढ़ने के लिए दी अपनी शाॅल देखकर बिलख पड़े। उन्होंने ही क्षतविक्षत शवों की पहचान की। हादसे के बाद लालाराम के परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। पूरे प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई।

--
मां ने किया था मना, बोली थी अंधेरा हो गया, कल चले जाना

हरिओम की मां माया देवी ने बेटे के सर्दी और कोहरे के मौसम में रात में सफर करने के लिए मना किया था। माया देवी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि शाम हो गई, साथ ही सर्दी और काेहरा भी पड़ने लगता है। इसलिए सुबह चले जाना। उनकी बात को दरकिनार कर हरिओम ने कहा कि वह सावधानीपूर्वक बाइक चलाकर कुछ देर में गांव पहुंच जाएगा। उनके जाने के कुछ देर के बाद ही हादसे की सूचना आ गई।

--
हरिओम की मां बोलीं- एक बार तो आंखें खोलकर देख लाे
हादसे के बाद हरिओम की मां माया देवी और उनकी बहनें रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं तो शवों को देखकर बिलख पड़ीं। माया देवी बार-बार बोलती रहीं कि एक बार तो आंखें खोल लो। उनका विलाप देखकर अन्य लोगों की आंखें भी नम हो गईं। उचौलिया थाना क्षेत्र के गांव बनके गांव निवासी हरिओम की आरती देवी से करीब तीन साल पहले शादी हुई थी। उनका एक बेटा भी है। उनकी तीन बहनों में अन्नपूर्णा का करीब डेढ़ साल पहले विवाह हुआ था। दीपिका व शालू अभी अविवाहित हैं। लालाराम और उनकी पत्नी माया देवी यहां रोजा में किराये के मकान में रहते थे। लालाराम मजदूरी करते हैं, जबकि माया देवी नमकीन फैक्टरी में काम करती हैं। वह काम कर बेटियों की शादी के लिए तैयारी कर रहीं थीं। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2009 में हरिओम के भाई दीपक की रोजा के चकभिटारा के पास हादसे में जान चली गई थी।

--
पापा ने कहा था, चीज लेकर आएंगे
मजदूरी करने वाले सेठपाल के परिवार में केवल आठ वर्षीय बड़ी बेटी परी बची है। बुधवार को शहर की बुध बाजार में खरीदारी करने गए सेठपाल बेटी परी को पिता बाबूराम के पास छोड़कर आए थे। उसके साथ नहीं होने के चलते उसकी जान बच गई। घर में मौजूद अबोध परी को इतना तो समझ आ रहा था कि उसके मम्मी-पापा और भाई-बहन के साथ कुछ गलत हो गया है लेकिन वह यह नहीं समझ पा रही थी कि वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। सिसक रही परी बोली कि उसने पापा से साथ ले चलने के लिए कहा था मगर उन्होंने मना कर दिया। कहा कि उसके लिए चीज लेकर लौटेंगे। उसकी बातें सुनकर लोगों की आंखें छलक आईं।
बाबूराम के बेटे शेर बहादुर, सेठपाल, ब्रह्मपाल, सुमित हैं और दो बेटियां सुनीता और पिंकी है। शेर बहादुर, सेठपाल व सुनीता का विवाह हो चुका है। भाई ब्रह्मपाल ने बताया कि बुधवार को सेठपाल, पत्नी व दो बच्चों के साथ खरीदारी करने के लिए आए थे। साढू के घर जाते समय उनकी मौत हो गई। अब उनके परिवार में एक मात्र बेटी परी बची है।
--
रात में कराया गया पोस्टमॉर्टम

पांच शवों का रात में ही पोस्टमॉर्टम कराया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली। इसके बाद वह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। सीएमओ डॉ. विवेक कुमार मिश्रा भी पोस्टमॉर्टम हाउस पर आ गए। एडीएम ने बताया कि घटना काफी दुखद है। रात में ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद का प्रयास भी किया जाएगा।


--
क्षतविक्षत शव देख कांप उठे लोग

हादसे के बाद आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे तो यहां-वहां बिखरे शव नजर आए। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। बच्चों का शव देखकर लोगों का कलेजा मुंह को आ गया। पुलिसकर्मियों ने शव को एक स्थान पर रखा। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर सुनकर हर व्यक्ति दुखी नजर आया।

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद- फोटो : सिविल लाइंस स्थित सजा मैथोडिस्ट चर्च।

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद- फोटो : सिविल लाइंस स्थित सजा मैथोडिस्ट चर्च।

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद

सेठपाल के रिश्तेदार अशर्फीलाल से पोस्टमॉर्टम हाउस में जानकारी लेती पुलिस। संवाद- फोटो : सिविल लाइंस स्थित सजा मैथोडिस्ट चर्च।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed