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Shahjahanpur News: रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार को लेकर विवाद के बाद हुई मारपीट
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मीरानपुर कटरा में श्रीराम लीला मेला के प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य देखने पहुंचीं नायब तहसीलदा
मीरानपुर कटरा। रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार का शुक्रवार को सुबह निर्माण कार्य शुरू होने पर फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद के बाद उनमें मारपीट हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर किसी तरह शांत कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए निर्माण सामग्री जब्त कर अपने कब्जे में ले ली। जानकारी पाकर एसडीएम नीलिमा सिंह भी पहुंच गईंं।
विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जब जलालाबाद हाईवे के किनारे स्थित रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार का निर्माण कराने के लिए तीन गहरे गड्ढे खोदे गए थे। उसी दौरान जमीन को पैतृक संपत्ति बताते हुए मोहल्ला बाजार निवासी पूर्व नगर पंचायत सदस्य अशोक गुप्ता ने एक गड्ढे में बैठकर अनशन शुरू कर दिया था। इसके विपरीत दूसरे पक्ष के रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र कुमार गुप्ता लल्ला और अन्य सदस्यों का दावा था कि यह जमीन रामलीला कमेटी को दान की जा चुकी है और उस पर निर्माण कराना कमेटी का अधिकार है।
मामले का निपटारा करने के लिए एसडीएम ने नायब तहसीलदार निवेदिता ठाकुर के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को नायब तहसीलदार ने यहां आकर थाने में दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन इसी दौरान रामलीला कमेटी ने प्रवेश द्वार का फिर से निर्माण कराना शुरू करा दिया। अशोक का आरोप है कि निर्माण कार्य रुकवाने गए उनके भतीजे प्रशांत पर निर्माण करा रहे लोगों ने हमला कर उन्हें पीट दिया।
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-- अशोक गुप्ता, वीरेंद्र कुमार और प्रशांत गुप्ता की तहरीर के आधार पर पुलिस मारपीट की जांच कर रही है। शांति बनाए रखने के लिए निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस को यथास्थिति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-नीलिमा सिंह, एसडीएम तिलहर
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विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जब जलालाबाद हाईवे के किनारे स्थित रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार का निर्माण कराने के लिए तीन गहरे गड्ढे खोदे गए थे। उसी दौरान जमीन को पैतृक संपत्ति बताते हुए मोहल्ला बाजार निवासी पूर्व नगर पंचायत सदस्य अशोक गुप्ता ने एक गड्ढे में बैठकर अनशन शुरू कर दिया था। इसके विपरीत दूसरे पक्ष के रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र कुमार गुप्ता लल्ला और अन्य सदस्यों का दावा था कि यह जमीन रामलीला कमेटी को दान की जा चुकी है और उस पर निर्माण कराना कमेटी का अधिकार है।
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मामले का निपटारा करने के लिए एसडीएम ने नायब तहसीलदार निवेदिता ठाकुर के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की थी। शुक्रवार को नायब तहसीलदार ने यहां आकर थाने में दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन इसी दौरान रामलीला कमेटी ने प्रवेश द्वार का फिर से निर्माण कराना शुरू करा दिया। अशोक का आरोप है कि निर्माण कार्य रुकवाने गए उनके भतीजे प्रशांत पर निर्माण करा रहे लोगों ने हमला कर उन्हें पीट दिया।
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-नीलिमा सिंह, एसडीएम तिलहर