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लाखों की लागत से बने सरस हाट पर पाथे जा रहे कंडे
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पुवायां। जिला पंचायत की ओर से गांव टकेली में 25 लाख रुपये की लागत से बना सरस हाट स्थल सफेद हाथी बन कर रह गया है। मंडी परिसर में गांव की महिलाएं उपले पाथ रही हैं। इसके अलावा यहां पूरे दिन जुआरी और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जो वहां से गुजरने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी कर परेशान करते हैं।
पुवायां बंडा मार्ग से दो किमी पूरब की तरफ गांव टकेली है। सरस हाट योजना के तहत वर्ष 2007 में यहां उपमंडी स्थल का निर्माण कराया गया था। लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल, 20 दुकानें और दो चबूतरों का निर्माण कराया गया था। सब्जी मंडी के लिए सरस हाट का निर्माण कराते समय यह नहीं सोचा गया कि मुख्य मार्ग से दो किमी दूर देहात में कौन व्यापारी सब्जी खरीदने जाएगा और कहां के किसान यहां अपनी फसल बिक्री के लिए लेकर आएंगे। इसी वजह से यहां बनी 20 दुकानें कभी भी किराये पर नहीं उठी हैं और मंडी में एक भी दिन सब्जी का कारोबार नहीं हो सका। खाली परिसर में लोगों ने पशु चराना शुरू कर दिए। गांव की महिलाएं यहां उपले पाथ रही हैं और दिन भर असामाजिक तत्व अड्डा जमाए रहते हैं।
सरस हाट के मामले को दिखवाया जाएगा। गांवों में जिस उद्देश्य को लेकर सरस हाट बनवाए गए थे, उनको भी पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। - सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
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पुवायां बंडा मार्ग से दो किमी पूरब की तरफ गांव टकेली है। सरस हाट योजना के तहत वर्ष 2007 में यहां उपमंडी स्थल का निर्माण कराया गया था। लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बाउंड्रीवाल, 20 दुकानें और दो चबूतरों का निर्माण कराया गया था। सब्जी मंडी के लिए सरस हाट का निर्माण कराते समय यह नहीं सोचा गया कि मुख्य मार्ग से दो किमी दूर देहात में कौन व्यापारी सब्जी खरीदने जाएगा और कहां के किसान यहां अपनी फसल बिक्री के लिए लेकर आएंगे। इसी वजह से यहां बनी 20 दुकानें कभी भी किराये पर नहीं उठी हैं और मंडी में एक भी दिन सब्जी का कारोबार नहीं हो सका। खाली परिसर में लोगों ने पशु चराना शुरू कर दिए। गांव की महिलाएं यहां उपले पाथ रही हैं और दिन भर असामाजिक तत्व अड्डा जमाए रहते हैं।
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सरस हाट के मामले को दिखवाया जाएगा। गांवों में जिस उद्देश्य को लेकर सरस हाट बनवाए गए थे, उनको भी पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। - सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
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