फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   samporn Samadhan Divas

संपूर्ण समाधान दिवस: अधिकारी कर रहे सिर्फ सुनवाई, न्याय के लिए भटक रहे फरियादी

Wed, 20 Jan 2021 01:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 01:14 AM IST
विज्ञापन
samporn Samadhan Divas
शाहजहांपुर की सदर तहसील के सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों से फरियाद करने के ? - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को तिलहर में 43 और पुवायां में 41 शिकायतें दर्ज कराई गईं पर किसी का समाधान नहीं हो सका। इसी प्रकार सदर तहसील में 62 शिकायतें दर्ज कराई गईं पर शाम तक सिर्फ चार मामलों का निस्तारण हो सका।
विज्ञापन

सदर तहसील समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम को करनी थी। इसलिए ऐसे तमाम लोग भी सुबह से कार्रवाई की आस में वहां पहुंचने लगे, जिनकी समस्याएं कई बार प्रार्थना पत्र दिए जाने पर लंबित थीं। सभागार के बाहर मौजूद तहसीलदार पुष्पेंद्र कुमार ने प्रार्थना पत्र रजिस्टर पर 62 शिकायतें दर्ज कराईं लेकिन शाम चार बजे तक केवल राजस्व विभाग से जुड़े चार मामले निस्तारित हो सके और शेष प्रकरण संबंधित अधिकारियों को संदर्भित कर दिए गए। इस दौरान सबसे ज्यादा मायूसी दिव्यांग फरियादियों को हुई क्योंकि चलने-फिरने में लाचार होने के कारण लाठी-डंडों के सहारे सीढ़ियों पर घिसटते हुए प्रथम तल पर स्थित सभागार तक जाने के बाद भी उनकी समस्याएं जस की तस रहीं। जन शिकायतों की सुनवाई के लिए शासन के निर्देश पर हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को संपूर्ण समधान दिवस आयोजित होते हैं पर यहां आने वाले अधिकतर फरियादियों को हाथ निराशा लगती है। अधिकतर मामले संदर्भित कर दिए जाते हैं
विज्ञापन

-
फरियादियों की बात
ददरौल क्षेत्र के गांव लिलथरा निवासी रामभरोसे गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा खेत की मेड़ काटकर वहां दीवार खड़ी करके निकास बंद कर दिए जाने की समस्या से पिछले एक साल से जूझ रहे हैं। बोले: ग्राम प्रधान दूसरे पक्ष को समझाने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्रों की मोटी फाइल बन चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर तसल्ली देकर चलता कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
ये हैं निगोही क्षेत्र के गांव इनायतपुर निवासी बृह्मदेव वर्मा। दोनों पैरों से लाचार होने के कारण उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बन चुका है, लेकिन रोडवेज से मुफ्त यात्रा करने को पास जारी नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि तीन माह में पास के लिए कई बार अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। बेंत के सहारे जीने से नीचे से उतरने पर लड़खड़ाए तो अन्य लोगों ने उन्हें संभाला।
-
शहर के चौक क्षेत्र में मोहल्ला अकब मस्जिद कांच निवासी अनिल वर्मा वर्ष 2015 में लकवा ग्रस्त हो गए। तब से चलने में लाचार होने के कारण घिसटकर जिंदगी ढो रहे हैं, लेकिन विकलांग पेंशन अब तक नहीं मिली। गत तीन जुलाई को पेंशन के लिए आवेदन किया था। आज फिर समाधान दिवस में समस्या बताई तो अधिकारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि बैंक खाते में पेंशन की धनराशि भेजी जा चुकी है।
-
कांट क्षेत्र के गांव मुतिहासा निवासी रमेश चंद्र गांव मेें एक वर्ष से सफाई नहीं होने से परेशान हैं। ब्लॉक से लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को कई प्रार्थना पत्र देने का नतीजा शून्य रहा तो समाधान दिवस के चक्कर काटने शुरू किए। रमेश के अनुसार ग्राम प्रधान भी गंदगी को लेकर उदासीन बने हैं। डीपीआरओ को आज फिर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन उन्हें कार्रवाई होने की कोई उम्मीद नहीं है।
-
पुवायां में आईं 41 शिकायतें, नहीं हुआ समाधान
पुवायां। मंगलवार को तहसील समाधान दिवस बेहद फीका रहा। तहसीलदार राकेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहे। यहां कुल 41 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन किसी भी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। समाधान दिवस में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, बंडा के बीडीओ, सिंधौली के सीडीपीओ, जल निगम के अभियंता आदि कई अधिकारी गायब रहे। संवाद

-
तिलहर में सभी 43 शिकायतें रहीं लंबित
तिलहर। एडीएम राजस्व गिरिजेश कुमार चौधरी की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस फरियादियों के लिए दिखावटी साबित हुआ। दोपहर दो बजे तक 43 शिकायतेें मिलीं, लेकिन उनमें से किसी भी मामले का तत्काल निस्तारण नहीं हो सका। मंडी के धान क्रय केंद्र पर 11 जनवरी से तौल बंद होने से नाराज किसान तहसील दिवस में पहुंच गए। धान की तौल नहीं होने को लेकर किसानों और एडीएम के बीच तकरार हो गई। बाद में एडीएम ने अधिकारियों को नियामतपुर के हरिराम वर्मा और जलालपुर के सुंदरलाल का धान तौलने के निर्देश दिए। इस बीच, खुदागंज क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी मुन्नी देवी ने एडीएम को बताया कि वह विधवा बेसहारा हैं और हल्का लेखपाल ने भूमि पट्टा दिलाने का आश्वासन देकर उनकी नसबंदी करा दी। बाद में किसान बही बनाकर पौधरोपण का पट्टा दिखा दिया लेकिन कई बरस बीत जाने के बाद भी आज तक भूमि नहीं मिली है। गांव कोटा खेतल निवासी कृष्णपाल ने बताया कि दबंगों ने चकरोड को अपने खेत में मिला लिया है और तहसील दिवस में कई बार फरियाद करने पर भी समाधान नहीं हुआ। गांव बड़ेपुर निवासी सत्यपाल के अनुसार वह समाधान दिवस के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इस दौरान एसडीएम वेद सिंह चौहान, तहसीलदार तृप्ति गुप्ता, सीओ परमानंद पांडे, नगर पालिका परिषद के ईओ सर्वेश कुशवाहा आदि अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed