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Shahjahanpur News: गेहूं-धान से हटाया ध्यान... फूलों की खेती कर मालामाल हो रहे किसान

Sat, 23 Sep 2023 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 23 Sep 2023 01:26 AM IST
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Samples of gram flour, oil and cheese were taken from three shops.
राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अ​धिकारी
सजावटी कलकत्तिया गुलाब और गेंदे की खुशबू से महक उठा किसानों का जीवन
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अपने जिले के अतिरिक्त पड़ोसी जनपदों तक में फूलों की बिक्री कर रहे हैं किसान


संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। कलकत्तिया गुलाब, गेंदा और ग्लेडियोलस की खेती ने किसानों की जिंदगी में खुशियों के रंग भर दिए हैं। परंपरागत खेती में मेहनत और अधिक खर्च के बाद भी अच्छी आय नहीं होने से मायूस काफी संख्या में किसानों ने फूलों की खेती शुरू की है। फूलों की बिक्री आसानी से होने से बड़े पैमाने पर उनकी आय में इजाफा हुआ है। इसके अतिरिक्त सरकार से अनुदान भी मिल रहा है।
जिले में करीब 50 हेक्टेयर में गुलाब और गेंदे की खेती की जा रही है। कांट-भावलखेड़ा के करीब पांच से छह सौ किसानों ने गुलाब-गेंदा की खेती को अपनाया है। सजावट, पूजा समेत कई कार्यों में काम आने वाले फूलों की बिक्री के लिए किसानों को अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ रहा। अपने जिले के अतिरिक्त बरेली, फर्रुखाबाद, हरदोई, सीतापुर आदि तक फूलों की बिक्री हो रही है। ऐसे में फूलों की खेती कर किसान मालामाल हो रहे हैं।
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भावलखेड़ा में हो रही ग्लेडियोलस की खेती
ग्लेडियोलस की खेती से करीब 50 किसान जुड़े हैं। खेती भावलखेड़ा और तिलहर में अधिक हो रही है। इससे जुड़े अधिकतर किसान गन्ने की खेती भी कर रहे हैं। ग्लेडियोलस बरेली भी बिक्री के लिए भेजा जाता है।
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उद्यान विभाग देता 30 से 40 प्रतिशत अनुदान
फूलों की खेती के कृषकों को उद्यान विभाग अनुदान देता है। आधार कार्ड, बैंक की पासबुक, खतौनी, एक फोटो व दस रुपये के स्टांप पेपर के जरिये विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त विकास भवन स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय में आवेदन जमा कर लाभ ले सकते हैं।

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जिले में पैदा होने वाले फूलों की खपत स्थानीय बाजार के अलावा पड़ोसी जिलों में की जाती है। जनपद के काफी किसानों ने फूलों की खेती शुरू कर दी है। किसानों को अनुदान भी दिया जाता है।
- राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

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