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रामगंगा के साथ गंगा में फिर आया उफान, बाढ़ का बढ़ा खतरा
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शाहजहांपुर के परौर क्षेत्र में नारायणनगर पश्चिमी के पास भूमि कटान करती रामगंगा की धारा। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बांधो-बैराजों से अतिरिक्त पानी की लगातार निकासी हो रही है। इस वजह से रामगंगा लगातार चौथे दिन दो सेमी और भैंसार बांध पर गंगा पांच सेमी बढ़ गई हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बीते 24 घंटे के दौरान शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों के जलस्तर में पांच-पांच सेमी की कमी आई है, लेकिन ड्यूनी डॉम से शुक्रवार दोपहर करीब एक हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू हो जाने से गर्रा का जलस्तर बढ़ने के आसार हैं।
पिछले पांच दिन में रामगंगा का जलस्तर 62 सेमी बढ़कर शुक्रवार को 159.57 मीटर हो गया है। इसके बावजूद नदी के किनारों की कृषि भूमि कटने का क्रम जारी है। हालांकि, कटान में थोड़ी कमी आई है, लेकिन रामगंगा का परौर क्षेत्र के गांव नारायणनगर पश्चिमी से फासला लगातार कम हो रहा है। गांव के आबादी क्षेत्र से बाढ़ के बहाव की दूरी पांच मीटर घटकर महज 15 मीटर रह गई है। ग्रामीण भी मानते हैं कि नदी में पानी उतरने का दौर शुरू होने पर कटान तेज हो जाएगा और ऐसी दशा में गांव के दक्षिण स्थित बाग के नदी में कटने पर गांव को बचाना कठिन हो जाएगा। परौर, मोहनपुर, बिचपुरी, बाजार मोहल्ला और नारायणनगर पश्चिमी के बाशिंदों पर बाढ़ का खौफ हावी है।
उधर, दो दिन से उतार पर चल रही गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से जलालाबाद के ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजादनगर, इस्लामनगर, चौंरा आदि तटवर्ती गांवों के बाढ़ से दोबारा घिरने की आशंका पैदा हो गई है। फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव चितार और कमथरी के बाशिंदे चौतरफा पानी से घिरे हैं, लेकिन वहां का प्रशासन बाढ़ से घिरे परिवारों को लेकर बेपरवाह बना हुआ है। कलान के भैंसार बांध पर शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 143.33 मीटर मापा गया। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा बैराज से आज 80845 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
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उनका कहना है कि नरौरा बैराज से बहाए जा रहे पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब 18 हजार क्यूसेक कम है। इसलिए शनिवार से गंगा में उतार आने के संकेत हैं, लेकिन ड्यूनी डॉम से कई दिन के बाद आज फिर 903 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू हो जाने से सुबह तक गर्रा के जलस्तर मेें वृद्धि हो सकती है। तार बाबू ने बताया कि फिलहाल, गर्रा 144 मीटर और खन्नौत 142.45 मीटर पर बह रही है।
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पिछले पांच दिन में रामगंगा का जलस्तर 62 सेमी बढ़कर शुक्रवार को 159.57 मीटर हो गया है। इसके बावजूद नदी के किनारों की कृषि भूमि कटने का क्रम जारी है। हालांकि, कटान में थोड़ी कमी आई है, लेकिन रामगंगा का परौर क्षेत्र के गांव नारायणनगर पश्चिमी से फासला लगातार कम हो रहा है। गांव के आबादी क्षेत्र से बाढ़ के बहाव की दूरी पांच मीटर घटकर महज 15 मीटर रह गई है। ग्रामीण भी मानते हैं कि नदी में पानी उतरने का दौर शुरू होने पर कटान तेज हो जाएगा और ऐसी दशा में गांव के दक्षिण स्थित बाग के नदी में कटने पर गांव को बचाना कठिन हो जाएगा। परौर, मोहनपुर, बिचपुरी, बाजार मोहल्ला और नारायणनगर पश्चिमी के बाशिंदों पर बाढ़ का खौफ हावी है।
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उधर, दो दिन से उतार पर चल रही गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से जलालाबाद के ढाई घाट से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजादनगर, इस्लामनगर, चौंरा आदि तटवर्ती गांवों के बाढ़ से दोबारा घिरने की आशंका पैदा हो गई है। फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव चितार और कमथरी के बाशिंदे चौतरफा पानी से घिरे हैं, लेकिन वहां का प्रशासन बाढ़ से घिरे परिवारों को लेकर बेपरवाह बना हुआ है। कलान के भैंसार बांध पर शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 143.33 मीटर मापा गया। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा बैराज से आज 80845 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।
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उनका कहना है कि नरौरा बैराज से बहाए जा रहे पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब 18 हजार क्यूसेक कम है। इसलिए शनिवार से गंगा में उतार आने के संकेत हैं, लेकिन ड्यूनी डॉम से कई दिन के बाद आज फिर 903 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू हो जाने से सुबह तक गर्रा के जलस्तर मेें वृद्धि हो सकती है। तार बाबू ने बताया कि फिलहाल, गर्रा 144 मीटर और खन्नौत 142.45 मीटर पर बह रही है।