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भैंसार बांध पर तीसरे दिन गंगा 48 सेमी उफनाई, रामगंगा स्थिर
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शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में सीमावर्ती गांव कमथरी के पास गंगा में उफान आने के बाद अपना मक?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पिछले दो दिन के दौरान नरौरा बैराज से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने और बदायूं से सारा पानी सिमट कर जिले की सीमा में ढाई घाट पहुंचने के बाद कलान के भैंसार बांध पर गंगा बुधवार को 48 सेमी उफना कर 142.80 मीटर पर पहुंच गई। उधर, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद में परौर क्षेत्र तक रामगंगा के जलस्तर में तीन सेमी की मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन पानी सामान्य से अधिक होने के कारण तटवर्ती गावों में कटान धीमा पड़ गया है। गंगा के तटीय गांवों में रहने वाले लोग रात में जागकर नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
मिर्जापुर क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का पानी इस्लामनगर-कमथरी मार्ग पर बनी डिप से होकर इस्लामनगर के दक्षिणी आबादी और आजादनगर की ओर बढ़ रहा है। इन गांवों के निकट फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी में गंगा भूमि कटान करती हुई आबादी की ओर बढ़ रही है। कमथरी गांव के बाशिंदे घर मकान तोड़ रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से बुधवार को अन्य दिनों की तुलना में गंगा में पांच हजार क्यूसेक पानी ज्यादा निकाला गया है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर, कालागढ़ आदि बांधों-बैराजों से रामगंगा में पानी की निकासी दो हजार क्यूसेक बढ़ी है। दोनों नदियों में पानी कम होने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं।
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सिंचाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा के अनुसार ड्यूनी डाम से बीते दिन पानी की निकासी कम होने से शहर के समीप गर्रा 20 सेमी घट गई, लेकिन आज ड्यूनी से पानी की निकासी बढ़ जाने के कारण बृहस्पतिवार को गर्रा फिर बढ़ सकती है। गर्रा की सहायक खन्नौत का जलस्तर बुधवार को 35 सेमी बढ़कर 142.95 मीटर हो गया है।
रामगंगा में उफान से थमे कटान रोकने के प्रयास
परौर। रामगंगा में पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों में भूमि कटान रोकने के सिंचाई विभाग के प्रयास थम गए हैं। कटान वाले हिस्से पानी में डूब जाने से वहां बालू की बोरियां डालना फिलहाल संभव नहीं है। उधर, ग्रामीण बाढ़ का प्रकोप बढ़ने की आशंका में घबराए हुए हैं। रामगंगा ने नारायणनगर के पास पानी का कटाव करके बहुत गहरा गड्ढा बना लिया है, जिसे ग्रामीण भरे जाने की जरूरत बता रहे हैं।
गांव के सत्यपाल सिंह का कहना है कि उनका करीब 20 लाख रुपये कीमत का चार एकड़ खेत रामगंगा में कट गया। सुनील कुमार श्रीवास्तव के अनुसार उनका खेत नदी में कट जाने से रोजी-रोटी की समस्या हो गई है। परौर निवासी चुन्नी लाल कुशवाहा का कहना है कि कटान बंद हो जाए तो उनका दो चार बीघा खेत बच जाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनुप कुमार का कहना है कि फिलहाल कटान थमा है, दो अवर अभियंताओं की ड्यूटी बाढ़ पर नजर रखने को लगा दी गई है। संवाद
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मिर्जापुर क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का पानी इस्लामनगर-कमथरी मार्ग पर बनी डिप से होकर इस्लामनगर के दक्षिणी आबादी और आजादनगर की ओर बढ़ रहा है। इन गांवों के निकट फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी में गंगा भूमि कटान करती हुई आबादी की ओर बढ़ रही है। कमथरी गांव के बाशिंदे घर मकान तोड़ रहे हैं।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से बुधवार को अन्य दिनों की तुलना में गंगा में पांच हजार क्यूसेक पानी ज्यादा निकाला गया है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खो, हरेली, किच्छा, रामनगर, कालागढ़ आदि बांधों-बैराजों से रामगंगा में पानी की निकासी दो हजार क्यूसेक बढ़ी है। दोनों नदियों में पानी कम होने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं।
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सिंचाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा के अनुसार ड्यूनी डाम से बीते दिन पानी की निकासी कम होने से शहर के समीप गर्रा 20 सेमी घट गई, लेकिन आज ड्यूनी से पानी की निकासी बढ़ जाने के कारण बृहस्पतिवार को गर्रा फिर बढ़ सकती है। गर्रा की सहायक खन्नौत का जलस्तर बुधवार को 35 सेमी बढ़कर 142.95 मीटर हो गया है।
रामगंगा में उफान से थमे कटान रोकने के प्रयास
परौर। रामगंगा में पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों में भूमि कटान रोकने के सिंचाई विभाग के प्रयास थम गए हैं। कटान वाले हिस्से पानी में डूब जाने से वहां बालू की बोरियां डालना फिलहाल संभव नहीं है। उधर, ग्रामीण बाढ़ का प्रकोप बढ़ने की आशंका में घबराए हुए हैं। रामगंगा ने नारायणनगर के पास पानी का कटाव करके बहुत गहरा गड्ढा बना लिया है, जिसे ग्रामीण भरे जाने की जरूरत बता रहे हैं।
गांव के सत्यपाल सिंह का कहना है कि उनका करीब 20 लाख रुपये कीमत का चार एकड़ खेत रामगंगा में कट गया। सुनील कुमार श्रीवास्तव के अनुसार उनका खेत नदी में कट जाने से रोजी-रोटी की समस्या हो गई है। परौर निवासी चुन्नी लाल कुशवाहा का कहना है कि कटान बंद हो जाए तो उनका दो चार बीघा खेत बच जाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनुप कुमार का कहना है कि फिलहाल कटान थमा है, दो अवर अभियंताओं की ड्यूटी बाढ़ पर नजर रखने को लगा दी गई है। संवाद