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Shahjahanpur News: मलेरिया-डेंगू के मरीज बढ़े, मच्छरों पर वार की तैयारी सुस्त
Thu, 08 Oct 2026 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:10 AM IST
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शाहजहांपुर। मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से जिले में बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बावजूद मच्छरों पर वार के इंतजाम सुस्त हैं। जिले में जनवरी से अभी तक मलेरिया के 225 और डेंगू के 45 मरीज मिलने के बाद भी फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हो रहा है। डेंगू का लार्वा नष्ट करने वाले डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर भी बजट के अभाव में नहीं लगाए गए हैं।
मौसम बदलने के चलते बुखार के मरीजों में इजाफा हुआ है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के चलते व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। ओपीडी दो हजार के पार पहुंच रही है, जिसमें 50 प्रतिशत बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इसी तरह सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। बुखार के संदिग्ध मरीजों की जांच में मलेरिया की पुष्टि हो रही है।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इससे इन्कार कर रहा है। मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए गत वर्ष नियुक्त की गई डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर भी बजट नहीं आने के चलते नहीं लगाए गए हैं। पूर्व में इन चेकर ने प्रतिदिन 1200 मकानों में डेंगू का लार्वा नष्ट कर राहत दी थी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि चेकर की जगह पर मलेरिया विभाग के नौ कर्मचारियाें को लगाया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की खून की जांच का दायरा बढ़ाया है।
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-डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर को अभी तक नहीं लगाया है। बजट के अभाव के चलते इनकी नियुक्ति नहीं हुई है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसमें दस्तक अभियान के तहत घर-घर जाकर मरीजों की तलाश जाएगी।
डॉ.पीपी श्रीवास्तव, एसीएमओ
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मौसम बदलने के चलते बुखार के मरीजों में इजाफा हुआ है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने के चलते व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। ओपीडी दो हजार के पार पहुंच रही है, जिसमें 50 प्रतिशत बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इसी तरह सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। बुखार के संदिग्ध मरीजों की जांच में मलेरिया की पुष्टि हो रही है।
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हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इससे इन्कार कर रहा है। मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए गत वर्ष नियुक्त की गई डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर भी बजट नहीं आने के चलते नहीं लगाए गए हैं। पूर्व में इन चेकर ने प्रतिदिन 1200 मकानों में डेंगू का लार्वा नष्ट कर राहत दी थी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि चेकर की जगह पर मलेरिया विभाग के नौ कर्मचारियाें को लगाया है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की खून की जांच का दायरा बढ़ाया है।
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-डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर को अभी तक नहीं लगाया है। बजट के अभाव के चलते इनकी नियुक्ति नहीं हुई है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसमें दस्तक अभियान के तहत घर-घर जाकर मरीजों की तलाश जाएगी।
डॉ.पीपी श्रीवास्तव, एसीएमओ