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हिटौटा में घर गिराने के मामले में प्रापर्टी डीलर सहित दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
सार
हिटौटा में गरीबों के घर जेसीबी से गिराने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।मंगलवार को नायब तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने मौके पर जाकर पीड़ितों के बयान लिए थे।
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विस्तार
खुटार। हिटौटा में गरीबों के घर जेसीबी से गिराने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लेखपाल की ओर से प्रापर्टी डीलर और उसके सहयोगी पर रिपोर्ट कराई गई है। वहीं लेखपाल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। थाना प्रभारी के खिलाफ भी रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
गांव हिटौटा में 18 सितंबर को 20 साल से रह रहे अकील अहमद, अशफाक, शमशाद, अतीक के घरों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया गया था। गरीबों का कहना था कि प्लॉटिंग करने वाले एक व्यक्ति के इशारे पर इस तरह की कार्रवाई की गई है। 20 सितंबर को मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। मंगलवार को नायब तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने मौके पर जाकर पीड़ितों के बयान लिए थे। जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को दे दी गई थी।
शुक्रवार रात लेखपाल प्रवेश वर्मा ने प्रापर्टी डीलर पूरनपुर के साजिद और खुटार के गांव लौहंगापुर निवासी ईश्वरदयाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साजिद ने नेेशनल हाईवे की जमीन पर कब्जे की नियत से वहां रहने वालों के घर जेसीबी से गिरा दिए। साजिद प्लॉटिंग करता है और उसका सहायक ईश्वरदयाल मौके पर रहकर काम देखता है। घर गिराने का कोई आदेश नहीं था और कोई मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद नहीं था। इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर रिपोर्ट कर ली गई है।
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खुद ही अधिकारी बन गए राजस्व कर्मचारी और पुलिसकर्मी
गरीबों के घर गिराने के मामले में राजस्वकर्मी और पुलिसकर्मी खुद ही अधिकारी बन गए। थाना प्रभारी को नायब तहसीलदार का नाम लेकर गुमराह किया गया। जेसीबी के साथ भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और घरों को गिरवा दिया। इससे घरों में रखा सारा सामान भी खराब हो गया। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो पता चला कि स्थानीय कर्मचारी प्लॉटिंग करने वाले साठगांठ कर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के गरीबों के आशियाने तोड़ आए हैं। जो घर तोड़े गए हैं, वे प्लाटिंग में आड़े आ रहे थे। तोड़े घरों के पास और भी घर हैं, लेकिन उनको छुआ तक नहीं गया। नायब तहसील आशीष कुमार के जांच करने के समय प्रापर्टी डीलर और उनका सहायक न तो मौके पर आए और न हीं फोन पर बात की। लेखपाल प्रवेश वर्मा को एसडीएम ने आरोप पत्र जारी किया है। आरोप है कि गरीबों के घर गिराने के मामले में लेखपाल ने अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी। वहीं पूरे मामले में थाना प्रभारी धनंजय सिंह को भी लापरवाह माना गया है। उन्होंने घर गिरवाने के मामले में अधिकारियों का आदेश देखने की जरूरत नहीं समझी और फोर्स को मौके पर भेज दिया।
जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। लेखपाल को आरोप पत्र दिया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। खुटार के थाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां
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गांव हिटौटा में 18 सितंबर को 20 साल से रह रहे अकील अहमद, अशफाक, शमशाद, अतीक के घरों को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया गया था। गरीबों का कहना था कि प्लॉटिंग करने वाले एक व्यक्ति के इशारे पर इस तरह की कार्रवाई की गई है। 20 सितंबर को मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। मंगलवार को नायब तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने मौके पर जाकर पीड़ितों के बयान लिए थे। जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को दे दी गई थी।
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शुक्रवार रात लेखपाल प्रवेश वर्मा ने प्रापर्टी डीलर पूरनपुर के साजिद और खुटार के गांव लौहंगापुर निवासी ईश्वरदयाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साजिद ने नेेशनल हाईवे की जमीन पर कब्जे की नियत से वहां रहने वालों के घर जेसीबी से गिरा दिए। साजिद प्लॉटिंग करता है और उसका सहायक ईश्वरदयाल मौके पर रहकर काम देखता है। घर गिराने का कोई आदेश नहीं था और कोई मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद नहीं था। इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर रिपोर्ट कर ली गई है।
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खुद ही अधिकारी बन गए राजस्व कर्मचारी और पुलिसकर्मी
गरीबों के घर गिराने के मामले में राजस्वकर्मी और पुलिसकर्मी खुद ही अधिकारी बन गए। थाना प्रभारी को नायब तहसीलदार का नाम लेकर गुमराह किया गया। जेसीबी के साथ भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और घरों को गिरवा दिया। इससे घरों में रखा सारा सामान भी खराब हो गया। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो पता चला कि स्थानीय कर्मचारी प्लॉटिंग करने वाले साठगांठ कर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के गरीबों के आशियाने तोड़ आए हैं। जो घर तोड़े गए हैं, वे प्लाटिंग में आड़े आ रहे थे। तोड़े घरों के पास और भी घर हैं, लेकिन उनको छुआ तक नहीं गया। नायब तहसील आशीष कुमार के जांच करने के समय प्रापर्टी डीलर और उनका सहायक न तो मौके पर आए और न हीं फोन पर बात की। लेखपाल प्रवेश वर्मा को एसडीएम ने आरोप पत्र जारी किया है। आरोप है कि गरीबों के घर गिराने के मामले में लेखपाल ने अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी। वहीं पूरे मामले में थाना प्रभारी धनंजय सिंह को भी लापरवाह माना गया है। उन्होंने घर गिरवाने के मामले में अधिकारियों का आदेश देखने की जरूरत नहीं समझी और फोर्स को मौके पर भेज दिया।
जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। लेखपाल को आरोप पत्र दिया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। खुटार के थाना प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां