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धार्मिक स्थल पर कब्जे को लेकर भड़के ग्रामीण
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:52 PM IST
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सदर तहसील के जमुका गांव में आश्रम और मंदिर की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करके पूजा-अर्चना में बाधा डाले जाने पर वहां के ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने हिंदूवाइदी संगठनों के पदाधिकारियों को साथ लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हरी शंकर लाल को डीएम के नाम ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने बताया कि गांव की जमीन के तीन गाटा नंबरों पर गत 80 साल से आश्रम और देवी-देवताओं के मंदिर बने हैं। आश्रम परिसर में बाबा बालक दास की समाधि, संत निवास, विकलांग विद्यालय, कुएं आदि स्थित हैं। इसके अलावा काफी पुराने फलदार और औषधीय वृक्ष खड़े हैं। आश्रम की इसी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए गांव के कुछ लोग तोड़फोड़ करके श्रद्धालुओं को वहां जाने से रोक रहे हैं।
डीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले की शिकायत करने पर पिछले दिनों कब्जेदारों ने सिविल कोर्ट में आश्रम और मंदिरों की देखरेख करने वाले बाबा बालचंद्र के विरुद्ध झूठा वाद दायर कर दिया। मदद मांगने पर पुलिस ने कब्जेदारों पर अंकुश लगाने के बजाय पुजारी और अन्य कई भक्तगणों को शांति भंग में निरुद्ध कर दिया।
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ज्ञापन में आश्रम की तोड़ी गई दीवार दोबारा बनवाने और पूजा पाठ से रोकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेश अवस्थी, प्रांत गौरक्षा प्रमुख कृष्ण कुमार सक्सेना, बाबा बालचंद्र, प्रवेश मिश्रा, हिमांचल, रघुवीर विश्वकर्मा, रक्षपाल सिंह यादव, रामनिवास, कनौजी लाल, अजय चंद्र सिंह, कुलदीप अगिभनहोत्री आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हरी शंकर लाल को डीएम के नाम ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने बताया कि गांव की जमीन के तीन गाटा नंबरों पर गत 80 साल से आश्रम और देवी-देवताओं के मंदिर बने हैं। आश्रम परिसर में बाबा बालक दास की समाधि, संत निवास, विकलांग विद्यालय, कुएं आदि स्थित हैं। इसके अलावा काफी पुराने फलदार और औषधीय वृक्ष खड़े हैं। आश्रम की इसी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए गांव के कुछ लोग तोड़फोड़ करके श्रद्धालुओं को वहां जाने से रोक रहे हैं।
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डीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले की शिकायत करने पर पिछले दिनों कब्जेदारों ने सिविल कोर्ट में आश्रम और मंदिरों की देखरेख करने वाले बाबा बालचंद्र के विरुद्ध झूठा वाद दायर कर दिया। मदद मांगने पर पुलिस ने कब्जेदारों पर अंकुश लगाने के बजाय पुजारी और अन्य कई भक्तगणों को शांति भंग में निरुद्ध कर दिया।
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ज्ञापन में आश्रम की तोड़ी गई दीवार दोबारा बनवाने और पूजा पाठ से रोकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेश अवस्थी, प्रांत गौरक्षा प्रमुख कृष्ण कुमार सक्सेना, बाबा बालचंद्र, प्रवेश मिश्रा, हिमांचल, रघुवीर विश्वकर्मा, रक्षपाल सिंह यादव, रामनिवास, कनौजी लाल, अजय चंद्र सिंह, कुलदीप अगिभनहोत्री आदि शामिल रहे।