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रामसिंह को इलाज में मदद की दरकार
खुटार।
Updated Sun, 10 Jan 2016 08:16 PM IST
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गरीब रामसिंह इलाज के लिए महीनों से दर-दर भटक रहा है। दो वर्ष पहले पागल कुत्ते के काटे का आजतक इलाज वह नहीं करा सका है। इसके चलते अब उसकी जान पर बन आई है। उसका एक पैर सड़ गया है, जिसका जहर धीरे-धीरे शरीर में फैल रहा है। पत्नी और बच्चे उसके इलाज को लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
मोहल्ला नरायनपुर निवासी हरदयाल के 30 वर्षीय पुत्र रामसिंह को दो वर्ष पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया था। वह सरकारी अस्पताल गया तो उसका ठीक से इलाज नहीं किया गया। परिवार के लोग भी गरीबी के चलते रामसिंह के पैर का ठीक से इलाज नहीं करा सके। नतीजा हुआ कि रामसिंह का पैर धीरे-धीरे सड़ने लगा। इसके बाद वह जिला अस्पताल गया तो वहां पैर का आपरेशन आदि किया गया, लेकिन इससे भी कोई खास लाभ नहीं हो सका।
अब हालत यह है कि रामसिंह के पैर की सड़न खतरनाक स्थित में पहुंच चुकी है और इसका असर उसके पूरे शरीर पर पड़ने लगा है। पैर सूज कर बेहद मोटा हो गया है। पत्नी मीना दूसरों के घरों में काम कर पुत्री सात वर्षीय चांदनी, चार वर्षीय पुत्र सोनू और छह माह की पुत्री रागिनी का भरण पोषण कर रही है। पत्नी रामसिंह की हालत देखकर बेहद परेशान है, लेकिन गरीबी के कारण इलाज कराने में असमर्थ हैं। रामसिंह के अनुसार पिता और परिवार के अन्य लोग उसकी कोई मदद नहीं कर रहे हैं। वह घर के बाहर टीन में बच्चों सहित रह रहा है।
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मोहल्ला नरायनपुर निवासी हरदयाल के 30 वर्षीय पुत्र रामसिंह को दो वर्ष पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया था। वह सरकारी अस्पताल गया तो उसका ठीक से इलाज नहीं किया गया। परिवार के लोग भी गरीबी के चलते रामसिंह के पैर का ठीक से इलाज नहीं करा सके। नतीजा हुआ कि रामसिंह का पैर धीरे-धीरे सड़ने लगा। इसके बाद वह जिला अस्पताल गया तो वहां पैर का आपरेशन आदि किया गया, लेकिन इससे भी कोई खास लाभ नहीं हो सका।
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अब हालत यह है कि रामसिंह के पैर की सड़न खतरनाक स्थित में पहुंच चुकी है और इसका असर उसके पूरे शरीर पर पड़ने लगा है। पैर सूज कर बेहद मोटा हो गया है। पत्नी मीना दूसरों के घरों में काम कर पुत्री सात वर्षीय चांदनी, चार वर्षीय पुत्र सोनू और छह माह की पुत्री रागिनी का भरण पोषण कर रही है। पत्नी रामसिंह की हालत देखकर बेहद परेशान है, लेकिन गरीबी के कारण इलाज कराने में असमर्थ हैं। रामसिंह के अनुसार पिता और परिवार के अन्य लोग उसकी कोई मदद नहीं कर रहे हैं। वह घर के बाहर टीन में बच्चों सहित रह रहा है।
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