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रामगंगा में जल स्तर घटने से फिर होने लगा भूमि कटान

Sat, 07 Sep 2019 02:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 02:32 AM IST
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ram ganga
शाहजहांपुर/परौर। चार दिन तक लगातार चढ़ने के बाद रामगंगा बीते 24 घंटे की तुलना में 21 सेमी घट गई, लेकिन इसी के साथ परौर क्षेत्र के कई गांवों के पास भूमि कटान फिर होने लगा है। परौर-नरायन नगला के बीच करीब 35 मीटर कच्चा रास्ता रामगंगा में कट चुका है।
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नरौरा बैराज से गंगा में और अन्य बैराजों से रामगंगा में रिलीज होने वाले पानी की मात्रा बढ़ गई है। गंगा के जल स्तर में दो दिन में दस सेमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन इससे मिर्जापुर और कलान क्षेत्र के तटीय गांवों के बाशिंदों की बाढ़ से जुड़ी दिक्कतें कम नहीं हुईं। सिंचाई विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश के असर से बीते 24 घंटे मेें शहर के समीप गर्रा 25 सेमी और खन्नौत दस सेमी बढ़ गई है।
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परौर से नरायन नगला जाने के लिए नदी के समानांतर कुछ फासले पर कच्चा रास्ता है। गुरुवार रात रामगंगा उतार पर आई तो पानी की धार से यह रास्ता करीब 35 मीटर नदी में समा गया। नरायन नगला से पहले इसी रास्ते की करीब 70 मीटर लंबी पट्टी किनारे की जमीन को छोड़ चुकी है और वहां दरारें पड़ने से यह हिस्सा भी नदी में समाने के आसार हैं। मोहनपुर और मंझा गांव के पास कटान धीमा पड़ा है, लेकिन पिछले 24 घंटे के दौरान देवी मंदिर और लौकी कुशवाहा वाली बगिया के पास साबिर खां, सुखवीर सिंह, बिचपुरी गांव के मुलायम कुशवाहा और मोहनपुर के सत्येंद्र सिंह आदि की करीब पांच बीघा जमीन कट गई है और इसी के साथ जमीन पर खड़ीं धान, गन्ना आदि फसलें भी बरबाद हो गईं हैं। क्षेत्र के करीब 200 बीघा क्षेत्रफल में फसलें पानी में डूबी होने से उनके नष्ट होने का खतरा है।
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मेरा तीन बीघा खेत पहले ही कट चुका है और अब बाकी बची तीन बीघा जमीन की ओर नदी बढ़ रही है। शुक्रवार शाम तक एक चौथाई बीघा जमीन कट चुकी है।
रामपाल कुशवाहा, परौर
हमारे पास सिर्फ तीन बीघा खेती थी, लेकिन दो बीघा उपजाऊ खेत नदी में जा चुका है। एक बीघा पर धान लगाए थे और अब यह जमीन भी कट रही है।
जसराम, नरायन नगला
बीते वर्षों में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जा रही है। रामगंगा में पानी बहुत कम है और अभी बाढ़ की कोई संभावना नहीं है। क्षेत्रीय लेखपालों के साथ बाढ़ चौकियों का स्टाफ भी सतर्क है, लेकिन अभी किसी गांव में कृषि भूमि का कटान होने की कोई सूचना नहीं है।
-सुरेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम कलान
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