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Shahjahanpur News: जर्जर क्वार्टरों में रेलवे कर्मियों का आशियाना, हादसे का इंतजार
Mon, 03 Mar 2025 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 03 Mar 2025 01:10 AM IST
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शाहजहांपुर में रेलवे कॉलोनी का जर्जर क्वार्टर। संवाद
शाहजहांपुर। रेलवे की रीढ़ कर्मचारियों पर ही प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। उनके क्वार्टरों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। बारिश में छत से पानी टपकता है। साथ ही दरवाजे तक टूटे हुए हैं।
नरमू के शाखा सचिव के अनुसार, तीन महीने पहले रेलवे अधिकारी को 20 क्वार्टर को सही कराने की सूची दी थी। उस पर संज्ञान नहीं लिया गया। रेलवे स्टेशन की कॉलोनी में 215 क्वार्टर बने हुए हैं। इसमें करीब डेढ़ सौ क्वार्टरों की स्थिति बेहतर नहीं है। रविवार को स्टेशन के नजदीक वाली कॉलोनी में कई क्वार्टरों में जाने पर वहां की स्थिति खराब मिली।
कर्मियों ने बताया कि बारिश में उनकी छत से पानी टपकता है। फर्श तक टूटा पड़ा है। शौचालय के टैंक का पत्थर तक टूट गया। दरवाजे तक टूटे पड़े हैं। शिकायत करने के बाद भी अधिकारी संज्ञान नहीं लेते हैं। नरमू के शाखा सचिव शिवम सक्सेना ने बताया कि तीन महीने पहले 20 क्वार्टरों को सही कराने के लिए आईओडब्ल्यू को सूची दी थी। उस पर अभी तक कार्य शुरू नहीं किया। बात करने पर ठेकेदार आवंटित नहीं होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। वह पूरे मामले को डीआरएम के सामने उठाएंगे। इसी तरह रोजा में रेलवे के क्वार्टरों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है।
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नरमू के शाखा सचिव के अनुसार, तीन महीने पहले रेलवे अधिकारी को 20 क्वार्टर को सही कराने की सूची दी थी। उस पर संज्ञान नहीं लिया गया। रेलवे स्टेशन की कॉलोनी में 215 क्वार्टर बने हुए हैं। इसमें करीब डेढ़ सौ क्वार्टरों की स्थिति बेहतर नहीं है। रविवार को स्टेशन के नजदीक वाली कॉलोनी में कई क्वार्टरों में जाने पर वहां की स्थिति खराब मिली।
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कर्मियों ने बताया कि बारिश में उनकी छत से पानी टपकता है। फर्श तक टूटा पड़ा है। शौचालय के टैंक का पत्थर तक टूट गया। दरवाजे तक टूटे पड़े हैं। शिकायत करने के बाद भी अधिकारी संज्ञान नहीं लेते हैं। नरमू के शाखा सचिव शिवम सक्सेना ने बताया कि तीन महीने पहले 20 क्वार्टरों को सही कराने के लिए आईओडब्ल्यू को सूची दी थी। उस पर अभी तक कार्य शुरू नहीं किया। बात करने पर ठेकेदार आवंटित नहीं होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। वह पूरे मामले को डीआरएम के सामने उठाएंगे। इसी तरह रोजा में रेलवे के क्वार्टरों की स्थिति काफी ज्यादा खराब है।
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