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ट्रेनों में जीपीएस सिस्टम लगा, नेटवर्क गायब होने से खतरा बरकरार
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शाहजहांपुर-रोजा। रेल हादसों को रोकने और कोहरे में भी ट्रेनों का सुरक्षित संचालन करने के लिए जीपीएस सिस्टम लगाए गए थे। इसके बाद भी ट्रेनों का सफर मुश्किलों से भरा ही है। नेटवर्क की समस्या और जीपीएस में फीडिंग सही न होने कारण चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोजा व शाहजहंापुर से गुजरने वाली 168 गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए थे। जिससे ट्रेन के लोको पॉयलट को ट्रैक की खराबी, पटरी टूटी होने और आने वाले रेलवे स्टेशन व क्रॉसिंग की जानकारी हो सके। जीपीएस सिस्टम इंजन पर चालक के सामने लगा रहता है। इनको लगाने का उद्देश्य आए दिन होने वाले रेल हादसों को रोकना था, लेकिन नेटवर्क और फीडिंग में खामी के चलते अब भी ऐसा संभव नहीं हो पा रहा।
इंजनों में नहीं रेता, चक्का फिसलने का बना रहता है खतरा
कोहरे की वजह से रेलवे पटरी नम हो जाती है। जिससे चक्का फिसलने का खतरा बना रहता है। इसे रोकने के लिए इंजन में मौजूद बटन के माध्यम से पटरी पर रेता डाला जाता है। जिससे ट्रेन के गुजरने पर पटरी में फिसलन न हो। अधिकांश ट्रेनों के इंजन में रेत उपलब्ध नहीं है।
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इंजनों में नहीं रेता, चक्का फिसलने का बना रहता है खतरा
कोहरे की वजह से रेलवे पटरी नम हो जाती है। जिससे चक्का फिसलने का खतरा बना रहता है। इसे रोकने के लिए इंजन में मौजूद बटन के माध्यम से पटरी पर रेता डाला जाता है। जिससे ट्रेन के गुजरने पर पटरी में फिसलन न हो। अधिकांश ट्रेनों के इंजन में रेत उपलब्ध नहीं है।
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