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कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन के बाद भी प्रोटोकॉल जरूरी : डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार
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जिले के एक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना संक्रमण की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। जिले में कोरोना संक्रमण के मरीज घट रहे हैं, लेकिन जनपदवासियों को अभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। छूटे लोगों को कोविड टीकाकरण अवश्य करवा लेना चाहिए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने भावलखेड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान यह बात कही।
एसीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को दोनों डोज लगाकर पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया जा चुका है। साथ ही जिले में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों को होम आइसोलेसन में बेहतर उपचार दिया जा रहा है। कोरोना से डरने की बात नहीं है, न ही बहुत ज्यादा कोरोना के विषय में सोचकर मानसिक तनाव लेने की जरूरत है। सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौसम बदल रहा है।
सर्दी जुकाम, बुखार, खांसी हो सकती है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ पाएं। डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि लोगों की जागरूकता के कारण कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर कमजोर होती नजर आ रही है। सभी लोग अपना ख्याल रखें। अगर फिर भी किसी को ठंड के साथ बुखार, कमजोरी, सर्दी-खांसी आदि जैसे लक्षण कम या ज्यादा दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर कोविड परीक्षण जरूर करवा लें। कहा कि ध्यान रहे कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आए या निगेटिव यह ज्यादा महत्व नहीं रखता है।
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क्योंकि यह नियमित जीवन में हो रहे बदलाव से यह वायरस जल्द पकड़ में नहीं आता है। इस तरह हम निगेटिव रिपोर्ट के कारण बिना किसी इलाज के अपनी स्थिति और बिगाड़ लेते हैं। ऑक्सीजन लेवल 94 फीसद से कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में मरीज की परेशानी काफी बढ़ जाती है। इसलिए सांस लेने में कोई भी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से संपर्क करें और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार लें। घर में ऑक्सीजन लगाकर मरीज को अति गंभीर स्थिति तक न पहुंचने दें। जिले में कोरोना संक्रमण के 179 उपचाराधीन मरीज हैं। 177 घर पर उपचार ले रहे हैं। वही दो मरीज अस्पताल में हैं। सभी का स्वास्थ्य लगभग ठीक है।
कोरोना संक्रमण से बचने के मूलमंत्र
- बेवजह भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।
- मास्क और दो गज की दूरी का हमेशा ध्यान रखें।
- बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत खुद के साथ-साथ घर के बच्चों और बुजुर्गों को भी सिखाएं ।
- भय या अफवाहों पर गौर न करें।
- अपने 14 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके सभी किशोर बच्चों को भी वैक्सीन की दोनों डोज जरूर लगवाएं।
- शुगर, ब्लड प्रेशर, थाइरॉइड, कैंसर, किडनी मरीज या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हे विशेष करके ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग कोरोना की बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।
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एसीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को दोनों डोज लगाकर पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किया जा चुका है। साथ ही जिले में कोरोना के उपचाराधीन मरीजों को होम आइसोलेसन में बेहतर उपचार दिया जा रहा है। कोरोना से डरने की बात नहीं है, न ही बहुत ज्यादा कोरोना के विषय में सोचकर मानसिक तनाव लेने की जरूरत है। सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौसम बदल रहा है।
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सर्दी जुकाम, बुखार, खांसी हो सकती है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ पाएं। डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि लोगों की जागरूकता के कारण कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर कमजोर होती नजर आ रही है। सभी लोग अपना ख्याल रखें। अगर फिर भी किसी को ठंड के साथ बुखार, कमजोरी, सर्दी-खांसी आदि जैसे लक्षण कम या ज्यादा दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर कोविड परीक्षण जरूर करवा लें। कहा कि ध्यान रहे कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आए या निगेटिव यह ज्यादा महत्व नहीं रखता है।
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क्योंकि यह नियमित जीवन में हो रहे बदलाव से यह वायरस जल्द पकड़ में नहीं आता है। इस तरह हम निगेटिव रिपोर्ट के कारण बिना किसी इलाज के अपनी स्थिति और बिगाड़ लेते हैं। ऑक्सीजन लेवल 94 फीसद से कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में मरीज की परेशानी काफी बढ़ जाती है। इसलिए सांस लेने में कोई भी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से संपर्क करें और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार लें। घर में ऑक्सीजन लगाकर मरीज को अति गंभीर स्थिति तक न पहुंचने दें। जिले में कोरोना संक्रमण के 179 उपचाराधीन मरीज हैं। 177 घर पर उपचार ले रहे हैं। वही दो मरीज अस्पताल में हैं। सभी का स्वास्थ्य लगभग ठीक है।
कोरोना संक्रमण से बचने के मूलमंत्र
- बेवजह भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।
- मास्क और दो गज की दूरी का हमेशा ध्यान रखें।
- बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत खुद के साथ-साथ घर के बच्चों और बुजुर्गों को भी सिखाएं ।
- भय या अफवाहों पर गौर न करें।
- अपने 14 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके सभी किशोर बच्चों को भी वैक्सीन की दोनों डोज जरूर लगवाएं।
- शुगर, ब्लड प्रेशर, थाइरॉइड, कैंसर, किडनी मरीज या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हे विशेष करके ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग कोरोना की बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।