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विवाद से प्रचार पाने और माफी मांगकर बचने की परंपरा बंद हो

Fri, 22 Jan 2021 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 01:01 AM IST
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protest against taandav web series
शाहजहांपुर। वेब सीरीज ‘तांडव’ पर मचे बवाल के बाद अब लोग इस तरह की वेब सीरीज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक, जातीय या रंगभेदी सामग्री परोसकर निर्माता-निर्देशक प्रचार पाना चाहते हैं। यही वजह है कि जानबूझकर वे ऐसे कंटेंट डालते हैं कि विवाद खड़ा हो और उन्हें मुफ्त का प्रचार मिले। लोगों का कहना है कि इस परंपरा को सख्ती के साथ सरकार खत्म कराए।
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जिम्मेदारी निभाएं निर्माता-निर्देशक
सरकार ने जिस तरह से सेंसर बोर्ड के जरिये फिल्मों में विवादित सामग्री पर रोक लगाई है, उसी तरह ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले शो के कंटेंट पर निगरानी की जरूरत है। किसी की धार्मिक या जातीय भावना को उद्वेलित कर प्रचार पाने की परंपरा पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मोबाइल अब हर हाथ में होता है, ऐसे में गलत सामग्री का बच्चों तक पर अनुचित प्रभाव पड़ता है। -अर्चना भदौरिया, घूरनतलैया।
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सरकार सख्त कार्रवाई करे
ओटीटी प्लेटफॉर्म हो या फिर फिल्में, अश्लीलता या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से बचना चाहिए। तमाम मुद्दे हैं जिन पर सार्थक सामग्री का निर्माण हो सकता है फिर जानबूझकर विवादित मामलों को उठाने की आवश्यकता नहीं है। खासतौर पर वेब सीरीज में जिस तरह की सामग्री बन रही है, उस पर विवाद उठना लाजिमी है। बेहतर होगा कि सरकार इस पर ध्यान दे। -सुहेल मोहम्मद, रंगकर्मी
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अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग
कला के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास करना चाहिए न कि उनकी भावनाओं से खेलने की कोशिश करनी चाहिए। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सरकार को नियंत्रण करने की आवश्यकता है। अभिव्यक्ति की आजादी की बेलगाम आजमाइश पर शिकंजा कसा जाना बेहद जरूरी है। कला के बहुत से रूप होते हैं जिनसे दर्शकों का मनोरंजन किया जा सकता है। बेवजह के विवादों का फायदा उठाकर कुछ लोग मुफ्त का प्रचार पाना चाहते हैं, यह गलत है। -अंकित सक्सेना, रंगकर्मी

माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं
पहले भी सनातन धर्म से जुड़ी आस्था पर चोट करने का कुत्सित प्रयास होता रहा है। ऐसी वेब सीरीज के निर्माता सोच-समझकर ऐसी हरकत करते हैं ताकि बवाल मचे और उन्हें प्रचार का लाभ मिले। माफी मांगकर और विवादित दृश्य हटा देना समस्या का हल नहीं है। इन लोगों पर कार्रवाई हो ताकि और किसी की हिम्मत न पड़े किसी की धार्मिक भावनाओं का उपहास करने की। -जितेंद्रनाथ तिवारी, प्रदेश महामंत्री अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा
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