{"_id":"d08351e72c522dc10a4e63818252b282","slug":"project-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में बयान देने से बच रही ठेका लेने वाली कंपनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में बयान देने से बच रही ठेका लेने वाली कंपनी
शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Jan 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआरएचएम के तहत ब्लाक प्रोजेक्ट मैनेजर (बीपीएम) की नियुक्तियों के लिए डाले गए टेंडरों में हुई गड़बड़ियों के मामले में जांच कर रहे एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि जांच में कई लोगों पर कार्रवाई होने की स्थिति बन रही है। वहीं जिस कंपनी के नाम टेंडर हुआ है, उस कंपनी के लोग बयान के लिए नहीं आ रहे हैं। उनकी तरफ से कंपनी को दोबारा रिमांइडर भेजकर बयान के लिए बुलाया गया है।
बीपीएम नियुक्तियों का ठेका ‘प्रशांत कंस्ट्रक्शन’ को मिला था, जबकि शिकायत के मुताबिक ‘विष्ट ट्रेडर्स एंड कांट्रेक्टर’ ने सर्विस चार्ज और वेतन मिलाकर करीब हजार रुपये कम दर्शाया था। टेंडर प्रक्रिया में धांधली की शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त ने एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा को जांच के आदेश दिए थे। प्रथम दृष्टया जांच में गड़बडी मिलने पर एडी ने नौ दिसंबर को नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।
एडी हेल्थ के मुताबिक जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गड़बड़ी में कुछ लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना है। ठेका लेने वाली कंपनी ‘प्रशांत कंसट्रक्शन’ के लोग बयान को नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीपीएम नियुक्तियों का ठेका ‘प्रशांत कंस्ट्रक्शन’ को मिला था, जबकि शिकायत के मुताबिक ‘विष्ट ट्रेडर्स एंड कांट्रेक्टर’ ने सर्विस चार्ज और वेतन मिलाकर करीब हजार रुपये कम दर्शाया था। टेंडर प्रक्रिया में धांधली की शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त ने एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा को जांच के आदेश दिए थे। प्रथम दृष्टया जांच में गड़बडी मिलने पर एडी ने नौ दिसंबर को नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।
विज्ञापन
एडी हेल्थ के मुताबिक जांच प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गड़बड़ी में कुछ लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना है। ठेका लेने वाली कंपनी ‘प्रशांत कंसट्रक्शन’ के लोग बयान को नहीं पहुंचे।
विज्ञापन