फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Professional courses will become the support of employment for the students

प्रोफेशनल कोर्स बनेंगे छात्र-छात्राओं के लिए रोजगार का सहारा

Fri, 24 Jun 2022 12:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Professional courses will become the support of employment for the students
शाहजहांपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम आ चुका है। इंटरमीडिएट में इस बार 84.56 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में बाजी मारी। विद्यार्थियों का रुझान सामान्य एकेडमिक के बजाय प्रोफेशनल कोर्स की तरफ ज्यादा है। प्रोफेशनल कोर्स में कॉलेजों के पास पर्याप्त सीटें भी हैं। पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रोफेशनल कोर्स की सीटों के लिए मारामारी रही थी, साथ ही सभी सीटें फुल हो गईं थीं।
विज्ञापन

2022 की यूपी बोर्ड परीक्षा में 19,895 बालक व 13016 बालिकाएं शामिल हुईं थीं। पंजीकृत 32, 911 विद्यार्थियों में 30, 636 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें 14,794 छात्र व 11,113 छात्राएं पास हो गईं। 12वीं पास करने के बाद बहुत से छात्र ऐसे होते हैं जो सीधे नौकरी या कोई बिजनेस करने के लिए प्रोफेशनल कोर्स को अपनाते हैं। शहर के जीएफ कॉलेज और एसएस कॉलेज में प्रोफेशनल कोर्स के लिए पर्याप्त सीटें हैं। जहां पर पिछले वर्ष भी सीट पाने को लेकर मारामारी मची थी। प्राचार्य बताते हैं कि अभी यूनिवर्सिटी से प्रवेश को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
विज्ञापन

इतनी हैं कॉलेजों के पास सीटें
- एसएस कॉलेज में बीकॉम ऑनर्स की 180, बीकॉम फाइनेंस की 80, बीबीए की 80, बीसीए की 80 सीटें हैं। जबकि बीए में चार विषयों के बढ़ने के बाद सीटों की संख्या 1200 हो गई है। इसी तरह जीएफ कॉलेज में बीबीए की 60, बीसीए की 60, एमएड की 50, बीएससी बायो टेक्नॉलोजी 60, बीएससी माइको बायोलॉजी 60, एमएसडब्ल्यू 40, पीजीडीसीए की 30, दो हजार बीए में सीटें हैं, जिन पर प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो तरीके के होते हैं बच्चे, जो चुनते हैं अपनी राह
- एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग अग्रवाल बताते हैं कि अमूमन अच्छी आर्थिक स्थिति के परिवारों के बच्चे हाईस्कूल पास करने के बाद ही आगे का विकल्प तैयार कर लेते हैं। इंटरमीडिएट पास होने के बाद दिल्ली या लखनऊ में जाकर तैयारी शुरू कर देते हैं। शेष छात्र-छात्राएं बीए, बीकॉम में प्रवेश लेते हैं। वहीं फीस चुकाने की स्थिति वाले छात्र सेल्फ फाइनेंस के प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला करते हैं।
उपयोगी हैं प्रोफेशनल कोर्स
- प्रोफेशनल कोर्स का सिलेबस काफी ज्यादा उपयोगी है। सेल्फ फाइनेंस के कारण इन कोर्सों की फीस अधिक होती है। फिर भी बड़े पैमाने पर छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। पिछले वर्ष सबसे ज्यादा प्रवेश कॉलेज में हुए थे। - डॉ.अनुराग अग्रवाल, प्राचार्य एसएस कॉलेज
बड़ी संख्या में प्रवेश लेते हैं छात्र
- सामान्य तौर पर एकेडमी और प्रोफेशनल दोनों में ही छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं। पिछले वर्ष प्रोफेशनल कोर्स में काफी छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया था। वहीं सामान्य एकेडमी कोर्स में भी सीट पाने को मारामारी रहती है। - डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य जीएफ कॉलेज

प्रोफेशनल कोर्स करने पर रोजगार का विकल्प
- प्रोफेशनल कोर्स के बाद छात्र-छात्राओं को रोजगार ज्यादा मिल जाता है। छात्र चाहते हैं कि डिप्लोमा करने के बाद उन्हें नौकरी मिल जाए चाहे वह छोटी ही क्यों न हो। वहीं दूसरी तरफ एकेडमिक लाइन में जाने वालों को अपने मुकाम तक पहुंचने में समय लग जाता है। पीजी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा निकालने के बाद कुछ बन पाते हैं। - डॉ. मोहम्मद आसिफ, कॅरियर काउंसलर, जीएफ कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed