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बिजली और प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 06 Jun 2015 07:01 PM IST
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आपात कटौती से बढ़ रहे बिजली संकट, फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण और डग्गामार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के विरोध में जनशक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ता शनिवार को सड़कों पर उतरे। उन्होंने कलक्ट्रेट में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। बाद में कार्यकर्ताओं का शिष्टमंडल प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव से मिला और उन्हें डीएम के नाम ज्ञापन देकर जन समस्याओं का निस्तारण जल्द कराए जाने की मांग की।
जनहित से जुड़े उपरोक्त मुद्दों को लेकर जनशक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ता पहले भी कई बार कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अफसरों को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद किसी भी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बिजली सप्लाई में सुधार का आश्वासन मिलने के बावजूद आपात कटौती से बिजली संकट में बढ़ोत्तरी हुई तो जनशक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ता फिर खौल उठे। उन्होंने मोहल्ला रंगमहला स्थित कैंप कार्यालय में बैठक कर प्रदर्शन की योजना बनाई।
वहां से कार्यकर्ता संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिंह यादव, आशीष वर्मा आदि के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने बिजली और परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर उनसे बिंदुवार वार्ता की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रचंड गर्मी में बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक परेशान हैं। ऐसे में बिजली की कटौती से समाज के सभी वर्ग बेहद परेशान हैं और उनमें शासन-प्रशासन को लेकर नकारात्मक धारणा बन रही है।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वस्त किया कि इस संबंध में पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों से बात करके बिजली सप्लाई में सुधार कराया जाएगा। ज्ञापन में सड़क हादसों का कारण बन रहे डग्गामार वाहनों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने और जलालाबाद रोड पर स्थित फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग की गई है। प्रदर्शन में गौरव गुप्ता, शिवा ठाकुर, अमित सक्सेना, शैलेंद्र सिंह यादव, जयकिशन रस्तोगी, धर्म सिंह, राहुल अवस्थी, असलम खां आदि शामिल रहे।
आधी रात के बाद तक अंधेरे में डूबा रहा शहर
जन संगठनों की मांग के बावजूद शहर की बिजली सप्लाई में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। नौ घंटे की नियमित कटौती के अलावा तीन से चार घंटे की आपात कटौती ने समाज के सभी वर्गों के दिन का चैन और रातों की नींद छीन ली है।
शुक्रवार को रात नौ बजे से दो घंटे की नियमित कटौती के बाद पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने दो घंटे की इमर्जेंसी रोस्टरिंग थोप दी। रात करीब एक बजे तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। बाद में सभी सब स्टेशनों के फीडर चालू हुए, लेकिन सुबह चार बजे से चार घंटे की नियमित कटौती लागू कर दी गई। दिन में आठ बजे के बाद तीन घंटे की बिजली सप्लाई में ट्रिपिंग ने कई बार बाधा डाली और 11 बजे से दोपहर दो बजे तक फिर कटौती होने से बत्ती गुल रही।
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जनहित से जुड़े उपरोक्त मुद्दों को लेकर जनशक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ता पहले भी कई बार कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अफसरों को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बावजूद किसी भी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई। बिजली सप्लाई में सुधार का आश्वासन मिलने के बावजूद आपात कटौती से बिजली संकट में बढ़ोत्तरी हुई तो जनशक्ति सेवा समिति के कार्यकर्ता फिर खौल उठे। उन्होंने मोहल्ला रंगमहला स्थित कैंप कार्यालय में बैठक कर प्रदर्शन की योजना बनाई।
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वहां से कार्यकर्ता संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिंह यादव, आशीष वर्मा आदि के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने बिजली और परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर उनसे बिंदुवार वार्ता की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रचंड गर्मी में बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक परेशान हैं। ऐसे में बिजली की कटौती से समाज के सभी वर्ग बेहद परेशान हैं और उनमें शासन-प्रशासन को लेकर नकारात्मक धारणा बन रही है।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वस्त किया कि इस संबंध में पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों से बात करके बिजली सप्लाई में सुधार कराया जाएगा। ज्ञापन में सड़क हादसों का कारण बन रहे डग्गामार वाहनों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने और जलालाबाद रोड पर स्थित फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग की गई है। प्रदर्शन में गौरव गुप्ता, शिवा ठाकुर, अमित सक्सेना, शैलेंद्र सिंह यादव, जयकिशन रस्तोगी, धर्म सिंह, राहुल अवस्थी, असलम खां आदि शामिल रहे।
आधी रात के बाद तक अंधेरे में डूबा रहा शहर
जन संगठनों की मांग के बावजूद शहर की बिजली सप्लाई में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। नौ घंटे की नियमित कटौती के अलावा तीन से चार घंटे की आपात कटौती ने समाज के सभी वर्गों के दिन का चैन और रातों की नींद छीन ली है।
शुक्रवार को रात नौ बजे से दो घंटे की नियमित कटौती के बाद पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने दो घंटे की इमर्जेंसी रोस्टरिंग थोप दी। रात करीब एक बजे तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। बाद में सभी सब स्टेशनों के फीडर चालू हुए, लेकिन सुबह चार बजे से चार घंटे की नियमित कटौती लागू कर दी गई। दिन में आठ बजे के बाद तीन घंटे की बिजली सप्लाई में ट्रिपिंग ने कई बार बाधा डाली और 11 बजे से दोपहर दो बजे तक फिर कटौती होने से बत्ती गुल रही।