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आलू के भाव और गिरे, किसानों को भारी घाटा
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:40 AM IST
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potato
- फोटो : amar ujala
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कोल्ड स्टोरेज में नहीं मिल रही जगह, खेतों में लगे हैं आलू के ढेर
मिनी पंजाब कही जाने वाली पुवायां तहसील के किसानों के घरों में इस बार होली की खुशियां गायब हैं। आलू में भारी घाटा होने से किसान परेशान हैं।
पिछले साल आलू का बहुत बढ़िया रेट मिलने के कारण इस बार किसानों ने आलू का रकबा बढ़ा लिया था। हालत यह रही कि आलू का बीज 18 सौ से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार भी आलू महंगा रहेगा जिससे उन्हें भारी लाभ होगा। बंपर पैदावार और नोटबंदी के कारण आलू का रेट धड़ाम हो गया। इस समय आलू मात्र दो रुपये किलो बिक रहा है।
पुवायां क्षेत्र में चार कोल्ड स्टोरेज हैं, जिसमें से तीन लगभग फुल हो गए हैं और चौथे कोल्ड स्टोर में आलू रखने के लिए मारामारी मची हुई है। गांव करनापुर के पास कोल्ड स्टोर में आलू लदी ट्रालियों की कई किमी लंबी लाइन लगी हुई है। कोल्ड स्टोर स्वामी प्रति बोरी डेढ़ सौ रुपये के हिसाब से आलू रख रहे हैं। किसानों से कोल्ड स्टोर का किराया एडवांस वसूला जा रहा है।
कई किसानों के खेतों में ही आलू के ढेर लगे हैं। कुछ किसानों का आलू अभी खुदा भी नहीं है। कोल्ड स्टोर में भी जगह नहीं रह जाने, किराया एडवांस मांगे जाने से किसान आलू को कम रेट में ही बेच रहे हैं।
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आगरा जा रहा पुवायां का आलू
क्षेत्र के बड़े किसान अपना आलू आगरा के कोल्ड स्टोरेज में भेज रहे हैं। किसानों का मानना है कि आगे चलकर रेट बढ़ेंगे तो आगरा में बाहर के व्यापारी ज्यादा रेट पर आलू खरीद लेंगे।
मुनाफे के स्थान पर हो गया घाटा
आलू की फसल में प्रति एकड़ लगभग 40 हजार रुपये की लागत आई है और मंदी के कारण प्रति एकड़ आलू बिक्री से मात्र 25 से 30 हजार रुपये ही लौट रहे हैं। भारी घाटे से किसान परेशान है। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए।
- अमरजीत सिंह नत्थापुर, पुवायां
कोल्ड स्टोर एडवांस बुकिंग की बात कहते हुए आलू नहीं रख रहे हैं, जबकि एडवांस बुकिंग गैरकानूनी है। आलू खेतों में पड़ा है। सरकार और प्रशासन को किसानों को मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए।
दलजीत सिंह बरौना, पुवायां
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मिनी पंजाब कही जाने वाली पुवायां तहसील के किसानों के घरों में इस बार होली की खुशियां गायब हैं। आलू में भारी घाटा होने से किसान परेशान हैं।
पिछले साल आलू का बहुत बढ़िया रेट मिलने के कारण इस बार किसानों ने आलू का रकबा बढ़ा लिया था। हालत यह रही कि आलू का बीज 18 सौ से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार भी आलू महंगा रहेगा जिससे उन्हें भारी लाभ होगा। बंपर पैदावार और नोटबंदी के कारण आलू का रेट धड़ाम हो गया। इस समय आलू मात्र दो रुपये किलो बिक रहा है।
पुवायां क्षेत्र में चार कोल्ड स्टोरेज हैं, जिसमें से तीन लगभग फुल हो गए हैं और चौथे कोल्ड स्टोर में आलू रखने के लिए मारामारी मची हुई है। गांव करनापुर के पास कोल्ड स्टोर में आलू लदी ट्रालियों की कई किमी लंबी लाइन लगी हुई है। कोल्ड स्टोर स्वामी प्रति बोरी डेढ़ सौ रुपये के हिसाब से आलू रख रहे हैं। किसानों से कोल्ड स्टोर का किराया एडवांस वसूला जा रहा है।
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कई किसानों के खेतों में ही आलू के ढेर लगे हैं। कुछ किसानों का आलू अभी खुदा भी नहीं है। कोल्ड स्टोर में भी जगह नहीं रह जाने, किराया एडवांस मांगे जाने से किसान आलू को कम रेट में ही बेच रहे हैं।
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आगरा जा रहा पुवायां का आलू
क्षेत्र के बड़े किसान अपना आलू आगरा के कोल्ड स्टोरेज में भेज रहे हैं। किसानों का मानना है कि आगे चलकर रेट बढ़ेंगे तो आगरा में बाहर के व्यापारी ज्यादा रेट पर आलू खरीद लेंगे।
मुनाफे के स्थान पर हो गया घाटा
आलू की फसल में प्रति एकड़ लगभग 40 हजार रुपये की लागत आई है और मंदी के कारण प्रति एकड़ आलू बिक्री से मात्र 25 से 30 हजार रुपये ही लौट रहे हैं। भारी घाटे से किसान परेशान है। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए।
- अमरजीत सिंह नत्थापुर, पुवायां
कोल्ड स्टोर एडवांस बुकिंग की बात कहते हुए आलू नहीं रख रहे हैं, जबकि एडवांस बुकिंग गैरकानूनी है। आलू खेतों में पड़ा है। सरकार और प्रशासन को किसानों को मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए।
दलजीत सिंह बरौना, पुवायां