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आलू 40 और टमाटर 80 रुपये किलो पहुंचा, मंहगी सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट
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शाहजहांपुर। कोरोना काल में ऐसा कोई वर्ग नहीं बचा, जिसकी आय प्रभावित न हुई हो। ऐसे में गरीब और मध्यवर्गीय परिवार के लोगों के आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बढ़ती महंगाई के चलते घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। पिछले कुछ दिन से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं, जिसने गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों की नींद उड़ा दी है। इसमें सब्जियां भी शामिल हैं।
सब्जियों में आलू, टमाटर, लौकी, तोरई के दाम लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। जिससे आम आदमी की थाली से सब्जियां दूर हो रही हैँ। बढ़ती महंगाई ने महिलाओं को परेशान कर दिया है। उनका कहना है कि महंगी सब्जी के कारण घर का कारण बजट बिगड़ गया है। आलू जहां 40 रुपये किलो बिक रहा है, टमाटर के रेट 80 रुपए किलो पहुंच गए हैं। 10 रुपए किलो मिलने वाली लौकी और तुरई 15 रुपए किलो हो गई है। इस तरह से सब्जियों के रेट आसमान छू रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई के कारण दुकानदारी प्रभावित है। पहले लगभग हर व्यक्ति दो किलो आलू खरीदता था, लेकिन अब आधा या एक किलो लेकर काम चला रहा है। यही हाल कई और सब्जियों का है। लोग आधा किलो या फिर 250 ग्राम से काम चला रहे हैं।
800 से 1000 रुपये प्रति किलो बिका धरती का फूल
- बरसात का मौसम शुरू होते ही जंगल में निकलने वाली सब्जियों की भी बाजार में आनी शुरू हो गई है। जंगल में मिलने वाला धरती का फूल बाजार में आने लगा है। सोमवार को धरती का फूल 800 से लेकर 1000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका। वहीं कटरुए 100 रुपये के 250 ग्राम बेचे गए।
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सब्जियों के थोक व फुटकर दाम
सब्जी - थोक रेट पांच किलो - फुटकर रेट एक किलो
आलू नया - 180 40
आलू पुराना - 140 30
लौकी - 50 15
परवल - 130 80
कटहल - 180 40
तुरई - 120 15
बंदगोभी - 180 40
पत्ता गोभी - 250 60
बैगन - 280 60
नींबू - 300 80
हरी मिर्च - 280 60
हरी धनिया - 1000 200
- सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे घर का बजट गड़बड़ा गया है। पहले लॉकडाउन और अब महंगाई ने परेशानी बढ़ा दी है। - अनीता, सुभाषनगर कॉलोनी
- आलू के बगैर थाली सूनी रहती है, लेकिन इस समय इसकी कीमत ने होश उड़ा रखे है। सब्जी महंगी होने से रसोई का बजट गडबड़ा गया है। - सरस्वती देवी, लोदीपुर
- सब्जी के दाम आसमान पर हैं, कोई भी सब्जी 30 रुपए प्रति किलो से कम में नहीं है। महंगाई से रसोई का बजट प्रभावित हो गया है। - प्रीति शर्मा, बरेली मोड़
- सब्जी के रेट बहुत ज्यादा हैं। पहले लॉकडाउन और अब सब्जियों पर छाई महंगाई ने मुसीबत में डाल दिया है। घर का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। - गुड्डी सिंह, इंद्रानगर कॉलेनी
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सब्जियों में आलू, टमाटर, लौकी, तोरई के दाम लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। जिससे आम आदमी की थाली से सब्जियां दूर हो रही हैँ। बढ़ती महंगाई ने महिलाओं को परेशान कर दिया है। उनका कहना है कि महंगी सब्जी के कारण घर का कारण बजट बिगड़ गया है। आलू जहां 40 रुपये किलो बिक रहा है, टमाटर के रेट 80 रुपए किलो पहुंच गए हैं। 10 रुपए किलो मिलने वाली लौकी और तुरई 15 रुपए किलो हो गई है। इस तरह से सब्जियों के रेट आसमान छू रहे हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई के कारण दुकानदारी प्रभावित है। पहले लगभग हर व्यक्ति दो किलो आलू खरीदता था, लेकिन अब आधा या एक किलो लेकर काम चला रहा है। यही हाल कई और सब्जियों का है। लोग आधा किलो या फिर 250 ग्राम से काम चला रहे हैं।
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800 से 1000 रुपये प्रति किलो बिका धरती का फूल
- बरसात का मौसम शुरू होते ही जंगल में निकलने वाली सब्जियों की भी बाजार में आनी शुरू हो गई है। जंगल में मिलने वाला धरती का फूल बाजार में आने लगा है। सोमवार को धरती का फूल 800 से लेकर 1000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिका। वहीं कटरुए 100 रुपये के 250 ग्राम बेचे गए।
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सब्जियों के थोक व फुटकर दाम
सब्जी - थोक रेट पांच किलो - फुटकर रेट एक किलो
आलू नया - 180 40
आलू पुराना - 140 30
लौकी - 50 15
परवल - 130 80
कटहल - 180 40
तुरई - 120 15
बंदगोभी - 180 40
पत्ता गोभी - 250 60
बैगन - 280 60
नींबू - 300 80
हरी मिर्च - 280 60
हरी धनिया - 1000 200
- सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे घर का बजट गड़बड़ा गया है। पहले लॉकडाउन और अब महंगाई ने परेशानी बढ़ा दी है। - अनीता, सुभाषनगर कॉलोनी
- आलू के बगैर थाली सूनी रहती है, लेकिन इस समय इसकी कीमत ने होश उड़ा रखे है। सब्जी महंगी होने से रसोई का बजट गडबड़ा गया है। - सरस्वती देवी, लोदीपुर
- सब्जी के दाम आसमान पर हैं, कोई भी सब्जी 30 रुपए प्रति किलो से कम में नहीं है। महंगाई से रसोई का बजट प्रभावित हो गया है। - प्रीति शर्मा, बरेली मोड़
- सब्जी के रेट बहुत ज्यादा हैं। पहले लॉकडाउन और अब सब्जियों पर छाई महंगाई ने मुसीबत में डाल दिया है। घर का खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है। - गुड्डी सिंह, इंद्रानगर कॉलेनी