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पानी से लबालब होने लगे गांवों के आदर्श जलाशय
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:43 PM IST
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पुष्कर तालाब में बजबजाता सीवेज।
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भीषण गर्मी में भूजल स्तर गिरने से बचाने के लिए मनरेगा और ग्राम निधि से विभिन्न ग्राम पंचायतों में बनाए गए आदर्श जलाशय पानी से लबालब होने लगे हैं। अधिकारियों की टीमों द्वारा बुधवार को ऐसे 150 तालाबों का सामूहिक सत्यापन किए जाने से यह तथ्य सामने आया। सीडीओ पुलकित खरे ने विकास भवन सभागार में प्रोजेक्टर से सत्यापन रिपोर्ट परखते हुए अधिकारियों के प्रयास की सराहना की और इन तालाबों का पानी स्वच्छ बनाए रखने के लिए जानवरों को उनकी पहुंच से दूर रखने के उपाय करने के निर्देश दिए।
बरसात के दौरान गांव का पानी गांव में ही रोकने के लिए सीडीओ ने एक माह पूर्व मेरे तालाब में पानी नामक अभियान शुरू करके विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा और ग्राम निधि से 150 आदर्श तालाब विकसित करने का काम शुरू कराया था। अभियान के तहत पहले से उपलब्ध तालाब की गहराई बढ़ाने, उसकी मिट्टी की चहारदीवारी बनाने, तारों की बाड़ लगाने और सौंदर्यीकरण के लिए वहां झूले-बेंच आदि डालने का निर्णय किया गया।
अभियान के तहत इन सभी तालाबों में एक माह के किया गया। सीडीओ ने तालाबों में पानी की स्थिति परखने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों समेत बीडीओ और एपीओ की 30 टीमें बनाकर उन्हें विभिन्न ब्लॉकों के पांच-पांच तालाब सत्यापित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अधिकारियों ने अधिकांश तालाबों को पानी से भरता हुआ पाया। इन सभी टीमों ने दोपहर को मुख्यालय पर लौटकर फोटोग्राफ सहित आख्या प्रस्तुत की और तालाबों से जुड़े अनुभव सुनाए।
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डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने पुवायां ब्लॉक के गांव धारा, गंगसरा, नत्थापुर, महमूद सैजनिया आदि गांवों के तालाबों में पानी भरे जाने की रिपोर्ट देते हुए गंगसरा में आबादी के बीच बने तालाब के स्वच्छ परिवेश की फोटो से बानगी दिखाई। खुदागंज से लौटे जिला कृषि अध्धिकारी अखिलानंद पांडेय ने बताया कि अकबरिया, म्यूना, नवदिया, दिउरिया और सथरापुर के तालाबों में पानी भरा जा रहा है। सथरापुर में तालाब के इर्द-गिर्द लगाई गई केले की पौध और हर्बल प्लांटेशन की सीडीओ ने प्रशंसा की।
तिलहर क्षेत्र के गांव चंदिउरा बहादुरपुर, ढुकरी कलां, बौरी, खाई खेड़ा आदि गांवों के तालाबों की रिपोर्ट देते हुए डीपीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सभी जगह गेट और रैंप बनाने का काम पूरा कर तालाब पानी से भरे जा रहे हैं। बौरी के तालाब के आसपास हरियाली नहीं देख सीडीओ ने वहां पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि भावलखेड़ा ब्लॉक हुसैनपुर रुकनपुर गांव के तालाब को नहर से भरा जा रहा है।
े बरमौला अर्जुनपुर, हथौड़िया, पींग, जलालपुर गुर्री व छीतेपुर, पुवायां तहसीील के पकड़िया हकीम व गदाई सांडा, कांट क्षेत्र के भुड़िया, गड़चपा, मरेना, बांसखेड़ा, मिर्जापुर ब्लॉक के पृथ्वीपुर, जरिगवां, पिड़रिया व कुतुआपुर, ददरौल के अजीजपुर व जिगनेरा, कलान के जहानाबाद व खमरिया, बंडा के कुलुम जुझारपुर व नहिलोरा ओर सिंध्धौली ब्लॉक के मैनारी, गनपतपुर, कोटावारी, उदारा, ढकिया हमीदनगर, उदारा, रेहरिया आदि गावों के तालाबों में पानी पहुंचने लगा है।
गोबर-कीचड़ मिश्रण से रोकें पानी का रिसाव
तालाबों के सत्यापन के दौरान पुवायां क्षेत्र के एक एपीओ ने बताया कि गत माह तालाब में भरा गया पानी सूख जाने के कारण उसे दोबारा भरना पड़ रहा है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने बताया कि पुवायां क्षेत्र की मिट्टी बलुई होने के कारण पानी जल्दी सोख लेती है। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र के तालाबों में गोबर-कीचड़ मिश्रण की परत बिछाकर पानी भरे जाने पर जल्दी नहीं सूखेगा।
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बरसात के दौरान गांव का पानी गांव में ही रोकने के लिए सीडीओ ने एक माह पूर्व मेरे तालाब में पानी नामक अभियान शुरू करके विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा और ग्राम निधि से 150 आदर्श तालाब विकसित करने का काम शुरू कराया था। अभियान के तहत पहले से उपलब्ध तालाब की गहराई बढ़ाने, उसकी मिट्टी की चहारदीवारी बनाने, तारों की बाड़ लगाने और सौंदर्यीकरण के लिए वहां झूले-बेंच आदि डालने का निर्णय किया गया।
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अभियान के तहत इन सभी तालाबों में एक माह के किया गया। सीडीओ ने तालाबों में पानी की स्थिति परखने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों समेत बीडीओ और एपीओ की 30 टीमें बनाकर उन्हें विभिन्न ब्लॉकों के पांच-पांच तालाब सत्यापित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अधिकारियों ने अधिकांश तालाबों को पानी से भरता हुआ पाया। इन सभी टीमों ने दोपहर को मुख्यालय पर लौटकर फोटोग्राफ सहित आख्या प्रस्तुत की और तालाबों से जुड़े अनुभव सुनाए।
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डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने पुवायां ब्लॉक के गांव धारा, गंगसरा, नत्थापुर, महमूद सैजनिया आदि गांवों के तालाबों में पानी भरे जाने की रिपोर्ट देते हुए गंगसरा में आबादी के बीच बने तालाब के स्वच्छ परिवेश की फोटो से बानगी दिखाई। खुदागंज से लौटे जिला कृषि अध्धिकारी अखिलानंद पांडेय ने बताया कि अकबरिया, म्यूना, नवदिया, दिउरिया और सथरापुर के तालाबों में पानी भरा जा रहा है। सथरापुर में तालाब के इर्द-गिर्द लगाई गई केले की पौध और हर्बल प्लांटेशन की सीडीओ ने प्रशंसा की।
तिलहर क्षेत्र के गांव चंदिउरा बहादुरपुर, ढुकरी कलां, बौरी, खाई खेड़ा आदि गांवों के तालाबों की रिपोर्ट देते हुए डीपीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सभी जगह गेट और रैंप बनाने का काम पूरा कर तालाब पानी से भरे जा रहे हैं। बौरी के तालाब के आसपास हरियाली नहीं देख सीडीओ ने वहां पौधरोपण कराने के निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि भावलखेड़ा ब्लॉक हुसैनपुर रुकनपुर गांव के तालाब को नहर से भरा जा रहा है।
े बरमौला अर्जुनपुर, हथौड़िया, पींग, जलालपुर गुर्री व छीतेपुर, पुवायां तहसीील के पकड़िया हकीम व गदाई सांडा, कांट क्षेत्र के भुड़िया, गड़चपा, मरेना, बांसखेड़ा, मिर्जापुर ब्लॉक के पृथ्वीपुर, जरिगवां, पिड़रिया व कुतुआपुर, ददरौल के अजीजपुर व जिगनेरा, कलान के जहानाबाद व खमरिया, बंडा के कुलुम जुझारपुर व नहिलोरा ओर सिंध्धौली ब्लॉक के मैनारी, गनपतपुर, कोटावारी, उदारा, ढकिया हमीदनगर, उदारा, रेहरिया आदि गावों के तालाबों में पानी पहुंचने लगा है।
गोबर-कीचड़ मिश्रण से रोकें पानी का रिसाव
तालाबों के सत्यापन के दौरान पुवायां क्षेत्र के एक एपीओ ने बताया कि गत माह तालाब में भरा गया पानी सूख जाने के कारण उसे दोबारा भरना पड़ रहा है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने बताया कि पुवायां क्षेत्र की मिट्टी बलुई होने के कारण पानी जल्दी सोख लेती है। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र के तालाबों में गोबर-कीचड़ मिश्रण की परत बिछाकर पानी भरे जाने पर जल्दी नहीं सूखेगा।