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बेरोजगारी के खिलाफ पदयात्रा रोकने पर भड़के कांग्रेसी, पुलिस से नोंकझोंक
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शाहजहांपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी प्रिंयका गांधी के निर्देश पर बृहस्पतिवार दोपहर बेरोजगारी के खिलाफ पदयात्रा निकाल रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता भड़क गए। टाउनहाल स्थित पार्टी कार्यालय से बाहर निकलते ही पुलिस से नोंकझोंक और धक्कामुक्की के बीच कांग्रेसियों ने हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। उन्होंने नगर निगम कार्यालय स्थित शहीद प्रतिमाओं के सामने रोड पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। यही नहीं, बाद में कांग्रेसियों ने आगे बढ़कर टाउनहाल स्थित स्टेट बैंक के सामने रिक्शों तांगे से कलक्ट्रेट की ओर कूच करना चाहा, लेकिन वहां पहुंचे अधिकारियों के मान-मनौव्वल करने पर उन्होंने जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता की सलाह पर पद यात्रा कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा कर दी।
इससे पहले, पार्टी कार्यालय राजीव भवन पर हुई बैठक में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। युवा रोजगार के लिए हाथों में डिग्री लेकर गली- कूचों की खाक छान रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री चुप्पी साध कर अपना जन्मदिवस मना रहे हैं। वरिष्ठ नेता कृष्ण विनोद मिश्रा ने सरकारी विभागों के निजीकरण और सरकारी नौकरियों के संविदाकरण को बेरोजगार युवाओं के हितों पर कुठाराघात बताया। अन्य वक्ताओं ने भी जोश भरा तो सभी नारे लगाते हुए पार्टी कार्यालय से कलक्ट्रेट की ओर पदयात्रा लेकर चल पड़े।
नगर निगम स्थित शहीद प्रतिमाओं के पास पहले से मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध सिंह, सीओ सिटी और थाना सदर बाजार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने कांग्रेसजनों को घेराबंदी कर वहीं रोक लिया। इससे उत्तेजित कांग्रेसी हंगामा कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान आगे बढ़ने की कोशिश में पुलिस बल और कांग्रेसियों के बीच खींचतान होने लगी। अधिकारियों ने उन्हें वापस कांग्रेस कार्यालय लौट जाने को कहा, लेकिन कार्यकर्ता कलक्ट्रेट की ओर जाने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान पदाधिकारियों की अधिकारियों से भी खूब बहस हुई। इस बीच, कार्यकर्ताओं ने रिक्शे तांगे मंगा लिए और उन पर सवार होकर कलक्ट्रेट की ओर चल पड़े। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अधिकारियों ने अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगाने के साथ स्टेट बैंक के पास कांग्रेसियों को फिर आगे बढ़ने से रोक लिया।
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युकां जिलाध्यक्ष रोहित सिंह ने पुलिस की रोकटोक का विरोध करते हुए कहा कि अगर रोजगार मांगना अपराध है तो यह अपराध बार-बार करेंगे। अफसरों ने कानून व्यवस्था की दुहाई दी तो युकां नेता ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता से फोन पर वार्ता की। जिलाध्यक्ष के समझाने पर रोहित सिंह ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला सचिव फुरकान अहमद कुरैशी, युकां के प्रदेश सचिव मनिल वाजपेयी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सावित्री शर्मा, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, सुनीता सिंह, अमित वाजपेयी, अन्नू मिश्रा, इरफान हसन खां, बबली जोशी, सुनीता मिश्रा, कामिनी शुक्ला, अयान अली, रफी खां, हरनाम कटिहार आदि शामिल रहे।
सरकारी नौकरियों में संविदा को बताया काला कानून
समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने सरकारी नौकरियों की भर्ती में संविदा लागू किए जाने को काला कानून बताते हुए बृहस्पतिवार को बेरोजगार दिवस मनाया। संगठन के जिला उपाध्यक्ष प्रसून कुमार ने इस मुद्दे को लेकर कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट से भेंट की और उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर मनोज यादव, सौमित्र यादव, सचिन राजपूत, मो. हारुन, आकाश यादव, मोहम्मद कामरान आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डीएलएड प्रशिक्षुओं को नहीं भाई संविदा नियमावली
डीएलएड के प्रशिक्षुओं को भी संविदा नियमावली रास नहीं आ रही है। इस संबंध मेें उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि कार्मिक विभाग का प्रस्ताव अमल में लाया गया तो चार वर्ष से लंबित भर्तियों की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ तमाम युवाओं के भविष्य से जुड़े सपनों पर ग्रहण लगा देगी और इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। शिष्टमंडल में कमल सिंह, कौशिक सक्सेना, विनीत पाल, अभिषेक वर्मा, प्रणव गुप्ता, अभय दीक्षित, सरफराज खां आदि शामिल रहे।
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इससे पहले, पार्टी कार्यालय राजीव भवन पर हुई बैठक में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। युवा रोजगार के लिए हाथों में डिग्री लेकर गली- कूचों की खाक छान रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री चुप्पी साध कर अपना जन्मदिवस मना रहे हैं। वरिष्ठ नेता कृष्ण विनोद मिश्रा ने सरकारी विभागों के निजीकरण और सरकारी नौकरियों के संविदाकरण को बेरोजगार युवाओं के हितों पर कुठाराघात बताया। अन्य वक्ताओं ने भी जोश भरा तो सभी नारे लगाते हुए पार्टी कार्यालय से कलक्ट्रेट की ओर पदयात्रा लेकर चल पड़े।
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नगर निगम स्थित शहीद प्रतिमाओं के पास पहले से मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध सिंह, सीओ सिटी और थाना सदर बाजार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस ने कांग्रेसजनों को घेराबंदी कर वहीं रोक लिया। इससे उत्तेजित कांग्रेसी हंगामा कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान आगे बढ़ने की कोशिश में पुलिस बल और कांग्रेसियों के बीच खींचतान होने लगी। अधिकारियों ने उन्हें वापस कांग्रेस कार्यालय लौट जाने को कहा, लेकिन कार्यकर्ता कलक्ट्रेट की ओर जाने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान पदाधिकारियों की अधिकारियों से भी खूब बहस हुई। इस बीच, कार्यकर्ताओं ने रिक्शे तांगे मंगा लिए और उन पर सवार होकर कलक्ट्रेट की ओर चल पड़े। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अधिकारियों ने अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगाने के साथ स्टेट बैंक के पास कांग्रेसियों को फिर आगे बढ़ने से रोक लिया।
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युकां जिलाध्यक्ष रोहित सिंह ने पुलिस की रोकटोक का विरोध करते हुए कहा कि अगर रोजगार मांगना अपराध है तो यह अपराध बार-बार करेंगे। अफसरों ने कानून व्यवस्था की दुहाई दी तो युकां नेता ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता से फोन पर वार्ता की। जिलाध्यक्ष के समझाने पर रोहित सिंह ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला सचिव फुरकान अहमद कुरैशी, युकां के प्रदेश सचिव मनिल वाजपेयी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सावित्री शर्मा, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, सुनीता सिंह, अमित वाजपेयी, अन्नू मिश्रा, इरफान हसन खां, बबली जोशी, सुनीता मिश्रा, कामिनी शुक्ला, अयान अली, रफी खां, हरनाम कटिहार आदि शामिल रहे।
सरकारी नौकरियों में संविदा को बताया काला कानून
समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने सरकारी नौकरियों की भर्ती में संविदा लागू किए जाने को काला कानून बताते हुए बृहस्पतिवार को बेरोजगार दिवस मनाया। संगठन के जिला उपाध्यक्ष प्रसून कुमार ने इस मुद्दे को लेकर कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट से भेंट की और उन्हें राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर मनोज यादव, सौमित्र यादव, सचिन राजपूत, मो. हारुन, आकाश यादव, मोहम्मद कामरान आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डीएलएड प्रशिक्षुओं को नहीं भाई संविदा नियमावली
डीएलएड के प्रशिक्षुओं को भी संविदा नियमावली रास नहीं आ रही है। इस संबंध मेें उनका शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि कार्मिक विभाग का प्रस्ताव अमल में लाया गया तो चार वर्ष से लंबित भर्तियों की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ तमाम युवाओं के भविष्य से जुड़े सपनों पर ग्रहण लगा देगी और इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। शिष्टमंडल में कमल सिंह, कौशिक सक्सेना, विनीत पाल, अभिषेक वर्मा, प्रणव गुप्ता, अभय दीक्षित, सरफराज खां आदि शामिल रहे।