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तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटी, एक की मौत,11 घायल
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:59 PM IST
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- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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सीतापुर से तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार जा रही बस खुटार पूरनपुर मार्ग पर रात दो बजे पलट गई। नतीजतन बस के हेल्पर की मौत हो गई जबकि तीन साल की बच्ची समेत 11 यात्री घायल हो गए। बस चालक मौके से फरार हो गया।
सीतापुर से रविवार शाम एक निजी बस तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार के लिए निकली थी। रात लगभग दो बजे खुटार पूरनपुर मार्ग पर लौंगापुर के जंगल में अचानक बसे के अगले दोनों पहिये निकल गए और बस रोड के किनारे खाई में जाकर पलट गई। हादसा होते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। शोर होने पर जंगल के बीच बने गुरुद्वारा पर मौजूद ग्रंथी ने घोषणा कर आसपास के लोगों को बस पलटने की जानकारी देकर मदद की अपील की। इस पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। गुरुद्वारे से भी लोग मौके पर पहुंचे और बस से घायलों को निकालने के साथ ही पुलिस को भी हादसे की सूचना दी।
जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को खुटार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बस के हेल्पर सीतापुर के मोहल्ला सीकीटोला निवासी 35 वर्षीय फैसल को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल सीतापुर के तंबौर कसबा निवासी हरद्वारी और नरपत को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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अन्य घायलों तंबौर के ही अजय गुप्ता, अक्षर गुप्ता, राजशेखर, बहराइच निवासी सोनल, प्रिया गुप्ता, विजय गुप्ता की तीन वर्षीय पुत्री बेबी, विनोद गुप्ता का अस्पताल में ही उपचार चल रहा है। घायल होने से बचे यात्री दूसरे साधनों से हरिद्वार रवाना हो गए। पुलिस बस को क्रेन की मदद से थाने ले गई है। बस का चालक फरार होने में सफल रहा। फैसल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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गुरुद्वारा के लोगों की मदद के चलते कम रही मृतक संख्या
बस के यात्री विनोद गुप्ता ने बताया कि रात अधिक होने के कारण बस के अधिकांश यात्रा सो रहे थे। अचानक बस पलट गई तो कुछ देर तक तो लोगों की समझ में नहीं आया कि क्या हुआ है। बाद में नीचे की सीटों पर दब गए लोगों में चीख पुकार मची तो पता चला कि कोई हादसा हो गया है। शोर होने पर पास के गुरुद्वारा से कुछ लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सांत्वना देकर राहत कार्य शुरू किया। गुरुद्वारा से घोषणा होने पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकाला। यदि घायलों को बस से निकालने में देरी हो जाती तो गंभीर घायल हरद्वारी और नरपत की जान जा सकती थी।
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सीतापुर से रविवार शाम एक निजी बस तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार के लिए निकली थी। रात लगभग दो बजे खुटार पूरनपुर मार्ग पर लौंगापुर के जंगल में अचानक बसे के अगले दोनों पहिये निकल गए और बस रोड के किनारे खाई में जाकर पलट गई। हादसा होते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। शोर होने पर जंगल के बीच बने गुरुद्वारा पर मौजूद ग्रंथी ने घोषणा कर आसपास के लोगों को बस पलटने की जानकारी देकर मदद की अपील की। इस पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। गुरुद्वारे से भी लोग मौके पर पहुंचे और बस से घायलों को निकालने के साथ ही पुलिस को भी हादसे की सूचना दी।
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जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को खुटार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बस के हेल्पर सीतापुर के मोहल्ला सीकीटोला निवासी 35 वर्षीय फैसल को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल सीतापुर के तंबौर कसबा निवासी हरद्वारी और नरपत को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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अन्य घायलों तंबौर के ही अजय गुप्ता, अक्षर गुप्ता, राजशेखर, बहराइच निवासी सोनल, प्रिया गुप्ता, विजय गुप्ता की तीन वर्षीय पुत्री बेबी, विनोद गुप्ता का अस्पताल में ही उपचार चल रहा है। घायल होने से बचे यात्री दूसरे साधनों से हरिद्वार रवाना हो गए। पुलिस बस को क्रेन की मदद से थाने ले गई है। बस का चालक फरार होने में सफल रहा। फैसल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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गुरुद्वारा के लोगों की मदद के चलते कम रही मृतक संख्या
बस के यात्री विनोद गुप्ता ने बताया कि रात अधिक होने के कारण बस के अधिकांश यात्रा सो रहे थे। अचानक बस पलट गई तो कुछ देर तक तो लोगों की समझ में नहीं आया कि क्या हुआ है। बाद में नीचे की सीटों पर दब गए लोगों में चीख पुकार मची तो पता चला कि कोई हादसा हो गया है। शोर होने पर पास के गुरुद्वारा से कुछ लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सांत्वना देकर राहत कार्य शुरू किया। गुरुद्वारा से घोषणा होने पर तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकाला। यदि घायलों को बस से निकालने में देरी हो जाती तो गंभीर घायल हरद्वारी और नरपत की जान जा सकती थी।