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नए राशन कार्ड बनवाने और पुराने जमा करने को आपूर्ति कार्यालय में भटक रहे लोग
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शाहजहांपुर में मंगलवार को दोपहर जिला आपूर्ति कार्यालय के राशन कार्ड काउंटर पर विभिन्न कामों से ?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। पहले विधानसभा चुनाव और बाद में एमएलसी चुनाव की अधिसूचना प्रभावी रहने से जिला आपूर्ति कार्यालय में करीब चार माह तक नए राशन कार्ड जारी करने पर रोक लगी रही। अब नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन आपूर्ति कार्यालय के लिपिकों की लापरवाही के कारण लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
मंगलवार को दोपहर 12.15 बजे आपूर्ति कार्यालय के राशन कार्ड काउंटर पर लगी भीड़ में ऐसे लोग भी थे जो खुद को अपात्र मानते हुए पुराने कार्ड जमा करने आए, लेकिन उन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बहाने टरकाया जा रहा था। कार्यालय के अंदर लिपिकों की कई कुर्सियां खाली पड़ी मिलीं, जबकि काउंटर खिड़की के पास कुछ लोग कुर्सियों पर जमे बतियाते मिले।
जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के पांच लाख, 75 हजार, 126 राशन कार्ड जारी किए हैं। लॉकडाउन के बाद गत वर्ष एक अप्रैल से सभी कार्डधारकों को उचित दर दुकानों से खाद्यान्न (20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल) का मुफ्त वितरण शुरू हुआ। इस दौरान दुकानों के आगे भीड़ जुटने लगी। साथ ही यूनिट कटने, नियत मात्रा से कम राशन दिए और खाद्यान्न की घटतौली करने की कार्डधारकों के स्तर से शिकायतें उठने लगीं। एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक द्वारा स्थानीय स्तर पर इन शिकायतों का समाधान नहीं किया तो प्रशासन और आपूर्ति विभाग के नियंत्रण कक्षों को लोगों ने अपनी समस्याएं नोट करानी शुरू कर दीं।
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इस दौरान राशन के जिन जरूरतमंद गरीबों के राशनकार्ड नहीं बन पाए, अधिकारियों ने कोटेदारों को ऐसे लोगों को भी मुफ्त खाद्यान्न देने के साथ उनके नाम अलग रजिस्टर पर दर्ज कर उनके नए राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। यही नहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी ने दुकानों पर नियुक्त किए वितरण अधिकारियों को यह काम अपने स्तर से करने के निर्देश दिए, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। हालांकि इस बीच, प्रशासन ने अपने स्तर से आटा, चावल, दाल, आलू, सरसों तेल, मसाले, नमक आदि खाद्य रसद के पैकेट बांटने शुरू किए, लेकिन कोटेदारों ने नए राशनकार्ड के आवेदन ऑनलाइन कराने के बहाने गरीबों को भटकने को मजबूर कर दिया।
अलग-अलग सूचनाओं से भ्रमित हो रहे उपभोक्ता
आपूर्ति कार्यालय मेें उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खोले गए राशनकार्ड काउंटर की खिड़की पर साफ लिखा है कि वहां लोग राशनकार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। दूसरी ओर कार्यालय परिसर में लिपिक कक्ष के प्रवेश द्वार पर चस्पा कराई गई सूचना में कहा गया है कि नए राशनकार्ड बनवाने अथवा उन पर दर्ज यूनिट कम कराने और बढ़वाने आदि कार्यों के लिए सुबह दस बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संपर्क करें। काउंटर पर अपनी बारी के इंतजार में खड़े कई लोगों ने बताया कि दोपहर 12.30 बजे के बाद आने पर उन्हें काउंटर से यह कहकर लौटा दिया गया कि अगले दिन आइए और इसीलिए उन्हें आज फिर आना पड़ा।
जनपद की सार्वजनिक वितरण प्रणाली: एक नजर
सस्ता गल्ला की कुल दुकानें 1400
नगरीय क्षेत्र की दुकानें 219
राशन कार्डों की कुल संख्या 5,75,126
पात्र गृहस्थी राशनकार्ड 5,37,285
अंत्योदय राशनकार्ड 37,841
सदस्यों (यूनिट) की कुल संख्या 22,01,593
हर बार बता देते हैं कमी
राशनकार्ड पर यूनिट बढ़वाने को चार माह पहले जनसेवा केंद्र से फार्म ऑनलाइन कराया था। तब से कई बार घरवालों के साथ आ चुकी हूं। हर बार किसी न किसी कागज की कमी बता दी जाती है। आज ऑनलाइन की रसीद समेत सारे कागज पूरे करके लाई हूं। -गुलनाज बेगम, ईदगाह
सुनवाई नहीं करते लिपिक
मेरे पति नहीं हैं। परिवार में चार बेटियों के साथ बेसहारा जिंदगी बसर कर रही हूं। राशनकार्ड बनवाने को फार्म ऑनलाइन कराए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन डीएसओ दफ्तर के लिपिक कोई सुनवाई नहीं कर रहे। कई बार फार्म ऑनलाइन कराया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। -किस्मत जहां, ख्वाजा फिरोज
नया कार्ड बनवाने आया
मैं अपनी पत्नी जैबुन्निसा के नाम बना राशन कार्ड जमा करने और पुत्रवधू सोनी के नाम बेटे मोहम्मद उस्मान के यूनिट सहित नया राशनकार्ड बनवाने आया हूं। पुराना राशन कार्ड जमा करने पर काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने साथ में दरख्वास्त भी मांगी है। -शफीउल्ला, महमंद जंगला
बहुत समय लगता है
मैं पत्नी अमीरा बेगम के नाम जारी राशन कार्ड जमा करने आया था। सोचा कि बहू हिना और बेटे जावेद के नाम से नया राशन कार्ड बनवा लूं, लेकिन इन कामों में समय बहुत लग रहा है। जो व्यक्ति कार्ड जमा करना चाह रहा है, उसे कागजी कार्रवाई में उलझाना ठीक नहीं। -नसीर अहमद, महमंद जंगला
आचार संहिता लागू रहने के दौरान नए राशन कार्ड बनाने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब यह काम तेजी से किया जा रहा है। अप्रैल माह में करीब 800 नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जो लोग खुद को अपात्र मानकर अपने राशनकार्ड जमा कर रहे हैं, उन्हें लिया जा रहा है, क्योंकि पुराने कार्ड कटने पर ही नए पात्र आवेदकों को राशन कार्ड देना संभव होगा। नए राशन कार्डों के आवेदनों की तुलना में इस समय पुराने कार्ड जमा करने वाले ज्यादा आ रहे हैं। किसी को कोई समस्या है, तो वह सीधे मुझसे संपर्क कर सकता है। -ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी
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मंगलवार को दोपहर 12.15 बजे आपूर्ति कार्यालय के राशन कार्ड काउंटर पर लगी भीड़ में ऐसे लोग भी थे जो खुद को अपात्र मानते हुए पुराने कार्ड जमा करने आए, लेकिन उन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बहाने टरकाया जा रहा था। कार्यालय के अंदर लिपिकों की कई कुर्सियां खाली पड़ी मिलीं, जबकि काउंटर खिड़की के पास कुछ लोग कुर्सियों पर जमे बतियाते मिले।
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जिले में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के पांच लाख, 75 हजार, 126 राशन कार्ड जारी किए हैं। लॉकडाउन के बाद गत वर्ष एक अप्रैल से सभी कार्डधारकों को उचित दर दुकानों से खाद्यान्न (20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल) का मुफ्त वितरण शुरू हुआ। इस दौरान दुकानों के आगे भीड़ जुटने लगी। साथ ही यूनिट कटने, नियत मात्रा से कम राशन दिए और खाद्यान्न की घटतौली करने की कार्डधारकों के स्तर से शिकायतें उठने लगीं। एसडीएम और पूर्ति निरीक्षक द्वारा स्थानीय स्तर पर इन शिकायतों का समाधान नहीं किया तो प्रशासन और आपूर्ति विभाग के नियंत्रण कक्षों को लोगों ने अपनी समस्याएं नोट करानी शुरू कर दीं।
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इस दौरान राशन के जिन जरूरतमंद गरीबों के राशनकार्ड नहीं बन पाए, अधिकारियों ने कोटेदारों को ऐसे लोगों को भी मुफ्त खाद्यान्न देने के साथ उनके नाम अलग रजिस्टर पर दर्ज कर उनके नए राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। यही नहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी ने दुकानों पर नियुक्त किए वितरण अधिकारियों को यह काम अपने स्तर से करने के निर्देश दिए, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। हालांकि इस बीच, प्रशासन ने अपने स्तर से आटा, चावल, दाल, आलू, सरसों तेल, मसाले, नमक आदि खाद्य रसद के पैकेट बांटने शुरू किए, लेकिन कोटेदारों ने नए राशनकार्ड के आवेदन ऑनलाइन कराने के बहाने गरीबों को भटकने को मजबूर कर दिया।
अलग-अलग सूचनाओं से भ्रमित हो रहे उपभोक्ता
आपूर्ति कार्यालय मेें उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खोले गए राशनकार्ड काउंटर की खिड़की पर साफ लिखा है कि वहां लोग राशनकार्ड से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। दूसरी ओर कार्यालय परिसर में लिपिक कक्ष के प्रवेश द्वार पर चस्पा कराई गई सूचना में कहा गया है कि नए राशनकार्ड बनवाने अथवा उन पर दर्ज यूनिट कम कराने और बढ़वाने आदि कार्यों के लिए सुबह दस बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संपर्क करें। काउंटर पर अपनी बारी के इंतजार में खड़े कई लोगों ने बताया कि दोपहर 12.30 बजे के बाद आने पर उन्हें काउंटर से यह कहकर लौटा दिया गया कि अगले दिन आइए और इसीलिए उन्हें आज फिर आना पड़ा।
जनपद की सार्वजनिक वितरण प्रणाली: एक नजर
सस्ता गल्ला की कुल दुकानें 1400
नगरीय क्षेत्र की दुकानें 219
राशन कार्डों की कुल संख्या 5,75,126
पात्र गृहस्थी राशनकार्ड 5,37,285
अंत्योदय राशनकार्ड 37,841
सदस्यों (यूनिट) की कुल संख्या 22,01,593
हर बार बता देते हैं कमी
राशनकार्ड पर यूनिट बढ़वाने को चार माह पहले जनसेवा केंद्र से फार्म ऑनलाइन कराया था। तब से कई बार घरवालों के साथ आ चुकी हूं। हर बार किसी न किसी कागज की कमी बता दी जाती है। आज ऑनलाइन की रसीद समेत सारे कागज पूरे करके लाई हूं। -गुलनाज बेगम, ईदगाह
सुनवाई नहीं करते लिपिक
मेरे पति नहीं हैं। परिवार में चार बेटियों के साथ बेसहारा जिंदगी बसर कर रही हूं। राशनकार्ड बनवाने को फार्म ऑनलाइन कराए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन डीएसओ दफ्तर के लिपिक कोई सुनवाई नहीं कर रहे। कई बार फार्म ऑनलाइन कराया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। -किस्मत जहां, ख्वाजा फिरोज
नया कार्ड बनवाने आया
मैं अपनी पत्नी जैबुन्निसा के नाम बना राशन कार्ड जमा करने और पुत्रवधू सोनी के नाम बेटे मोहम्मद उस्मान के यूनिट सहित नया राशनकार्ड बनवाने आया हूं। पुराना राशन कार्ड जमा करने पर काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने साथ में दरख्वास्त भी मांगी है। -शफीउल्ला, महमंद जंगला
बहुत समय लगता है
मैं पत्नी अमीरा बेगम के नाम जारी राशन कार्ड जमा करने आया था। सोचा कि बहू हिना और बेटे जावेद के नाम से नया राशन कार्ड बनवा लूं, लेकिन इन कामों में समय बहुत लग रहा है। जो व्यक्ति कार्ड जमा करना चाह रहा है, उसे कागजी कार्रवाई में उलझाना ठीक नहीं। -नसीर अहमद, महमंद जंगला
आचार संहिता लागू रहने के दौरान नए राशन कार्ड बनाने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब यह काम तेजी से किया जा रहा है। अप्रैल माह में करीब 800 नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जो लोग खुद को अपात्र मानकर अपने राशनकार्ड जमा कर रहे हैं, उन्हें लिया जा रहा है, क्योंकि पुराने कार्ड कटने पर ही नए पात्र आवेदकों को राशन कार्ड देना संभव होगा। नए राशन कार्डों के आवेदनों की तुलना में इस समय पुराने कार्ड जमा करने वाले ज्यादा आ रहे हैं। किसी को कोई समस्या है, तो वह सीधे मुझसे संपर्क कर सकता है। -ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी