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पेंशन घोटाला : केंद्र सरकार की योजना का झांसा देकर खाते से निकलवाए थे रुपये
Thu, 18 May 2023 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 18 May 2023 01:05 AM IST
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शाहजहांपुर। समाज कल्याण विभाग में हुए वृद्धावस्था पेंशन घोटाले की परतें अब खुलने लगीं हैं। जांच में सामने आया है कि घोटालेबाज अफसर और कर्मचारी बुजुर्गों की पेंशन को दूसरों के खाते में भेज देते थे। इसके बाद उन खाताधारकों से मिलकर केंद्र सरकार की योजना से धन खाते में आने की बात कहकर कुछ रुपये देकर बाकी खुद ले लेते थे।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धावस्था पेंशन में अप्रैल में घोटाला होने की बात सामने आई थी। कई बुजुर्गों ने पेंशन न आने की शिकायत विभाग में की तो जांच शुरू कराई गई। जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया था। मामले की जांच विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण पांडेय और डिप्टी डायरेक्टर अजयवीर को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया था कि करीब 2496 बुजुर्गों के खाते में पेंशन नहीं भेजी गई थी।
जांच अधिकारियों ने जब बैंक से डिटेल निकलवाई तो उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। घोटाले में शामिल लोगों ने पेंशनधाराकों के खाते बदलकर दूसरों के खाते में धन भेज दिया था। जालसाजी करने वालों ने इसके बाद उन खाताधारकों से संपर्क किया और झांसा दिया कि उनके खाते में केंद्र सरकार की योजना के तहत रुपये भेजे गए है। खाताधारक को अपने साथ ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर जनसेवा केंद्रों से रुपये निकलवाए। उनको संतुष्ट करने के लिए रकम का कुछ हिस्सा दे दिया।
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बताया जा रहा है अभी तक ऐसे करीब 50 खाताधारक चिह्नित किए जा चुके हैं। उनके जांच अधिकारियों ने बयान भी लिए हैं। खाताधारकों ने बताया कि उनको जानकारी नहीं थी कि उनके खाते में रुपये आए हैं। कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत उनके खाते में रुपये भेजे गए हैं। उन लोगों ने जनसेवा केंद्र ले जाकर रुपये बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाकर निकवाए और कुछ हिस्सा उनको दे दिया था।
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घोटाले में पूरा रैकेट शामिल
वृद्घावस्था पेंशन घोटाले में समाज कल्याण विभाग में प्राइवेट तौर पर लगाए गए कर्मचारियों के अलावा, कुछ बैंककर्मी और जनसेवा केंद्रों के लोग भी शामिल हैं। इस मामले की जांच चल रही है जिसमें कई लोगों पर गाज गिरने की संभावना है।
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वर्जन-
अभी मामले की जांच चल रही है। खातों का मिलान किया जा रहा है। जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं। इसके आधार पर लोगों से जांच अधिकारी बात कर रहे हैं। - वंदना सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
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समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धावस्था पेंशन में अप्रैल में घोटाला होने की बात सामने आई थी। कई बुजुर्गों ने पेंशन न आने की शिकायत विभाग में की तो जांच शुरू कराई गई। जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया था। मामले की जांच विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण पांडेय और डिप्टी डायरेक्टर अजयवीर को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया था कि करीब 2496 बुजुर्गों के खाते में पेंशन नहीं भेजी गई थी।
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जांच अधिकारियों ने जब बैंक से डिटेल निकलवाई तो उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। घोटाले में शामिल लोगों ने पेंशनधाराकों के खाते बदलकर दूसरों के खाते में धन भेज दिया था। जालसाजी करने वालों ने इसके बाद उन खाताधारकों से संपर्क किया और झांसा दिया कि उनके खाते में केंद्र सरकार की योजना के तहत रुपये भेजे गए है। खाताधारक को अपने साथ ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर जनसेवा केंद्रों से रुपये निकलवाए। उनको संतुष्ट करने के लिए रकम का कुछ हिस्सा दे दिया।
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बताया जा रहा है अभी तक ऐसे करीब 50 खाताधारक चिह्नित किए जा चुके हैं। उनके जांच अधिकारियों ने बयान भी लिए हैं। खाताधारकों ने बताया कि उनको जानकारी नहीं थी कि उनके खाते में रुपये आए हैं। कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। बताया कि केंद्र सरकार की योजना के तहत उनके खाते में रुपये भेजे गए हैं। उन लोगों ने जनसेवा केंद्र ले जाकर रुपये बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाकर निकवाए और कुछ हिस्सा उनको दे दिया था।
घोटाले में पूरा रैकेट शामिल
वृद्घावस्था पेंशन घोटाले में समाज कल्याण विभाग में प्राइवेट तौर पर लगाए गए कर्मचारियों के अलावा, कुछ बैंककर्मी और जनसेवा केंद्रों के लोग भी शामिल हैं। इस मामले की जांच चल रही है जिसमें कई लोगों पर गाज गिरने की संभावना है।
वर्जन-
अभी मामले की जांच चल रही है। खातों का मिलान किया जा रहा है। जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं। इसके आधार पर लोगों से जांच अधिकारी बात कर रहे हैं। - वंदना सिंह, समाज कल्याण अधिकारी