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कोरोना के चलते प्रभावित हुई पढ़ाई से अभिभावक चिंतित
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शाहजहांपुर। कोरोना महामारी ने एक बार फिर से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर संकट खड़ा कर दिया है। बढ़ते संक्रमण के चलते प्रदेश सरकार ने पहले सभी स्कूल, कॉलेज 16 जनवरी तक बंद करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब 23 जनवरी तक के लिए अवकाश बढ़ा दिया है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, पर लगातार बढ़ रहीं छुट्टियों की वजह से पढ़ाई और प्री-बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाओं की चिंता बढ़ दी है।
शैक्षिक कलेंडर के अनुरूप 24 से 31 जनवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन होना है, फरवरी माह के पहले सप्ताह से प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा और कक्षा न0ौ व 11 की वार्षिक ग्रह परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है। फरवरी के आखिरी सप्ताह में बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं होंगी। वहीं, कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन करने का निर्देश जारी किए हैं।
प्रधानाचार्यों की बात
छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई पर प्रभावित हो रही है। कोर्स पूरा कराने के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रखी हैं, लेकिन उससे पढ़ाई सही से नहीं हो पाती है। स्कूल संचालक भी परेशान है, अभिभावक समझते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई फ्री है और वह फीस जमा नहीं करते। - ताराना जमाल, प्रधानाचार्या, लीड कांवेंट
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ऑनलाइन क्लासेस चल रहे हैं, लेकिन राजकीय विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं उनके पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं होती। अगले माह के पहले सप्ताह में ही प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं। उसी के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी होगी। - अनिल कुमार, प्रधानाचार्य, जीआईसी
संक्रमण से स्कूल की छुट्टियां बढ़ाई हैं, इससे पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्राएं मोबाइल व इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पाती हैं। 24 से 31 जनवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाएं व फरवरी के पहले सप्ताह से प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा होनी हैं। - पूनम रानी, प्रधानाचार्या, आर्य महिला इंटर कॉलेज
अभिभावकों की बात
कोरोना का नया वैरिएंट टीका लगवा चुके लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अभी तक 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण की तो व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में बच्चों पर वायरस के हमले को लेकर सभी फिक्रमंद हैं। स्कूल न खुलने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। - सुमित वर्मा, अभिभावक
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना उनकी जान से खिलवाड़ होगा। ऐसे में सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज बंद करने का निर्णय सही है। ऑनलाइन पढ़ाई को जारी रखना सही है। ताकि बच्चे और स्कूल स्टाफ सुरक्षित रह सके। स्वास्थ्य पहले जरूरी है। - सर्वेश कुमार, अभिभावक
स्कूलों में छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन उनके स्वास्थ्य का ख्याल भी जरूरी है। पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों बरकरार रहें, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था ठीक है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बनी रहती है। - अमित मौर्या, अभिभावक
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शैक्षिक कलेंडर के अनुरूप 24 से 31 जनवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाओं का आयोजन होना है, फरवरी माह के पहले सप्ताह से प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा और कक्षा न0ौ व 11 की वार्षिक ग्रह परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है। फरवरी के आखिरी सप्ताह में बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं होंगी। वहीं, कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन ने विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन करने का निर्देश जारी किए हैं।
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प्रधानाचार्यों की बात
छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई पर प्रभावित हो रही है। कोर्स पूरा कराने के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रखी हैं, लेकिन उससे पढ़ाई सही से नहीं हो पाती है। स्कूल संचालक भी परेशान है, अभिभावक समझते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई फ्री है और वह फीस जमा नहीं करते। - ताराना जमाल, प्रधानाचार्या, लीड कांवेंट
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ऑनलाइन क्लासेस चल रहे हैं, लेकिन राजकीय विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं उनके पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं होती। अगले माह के पहले सप्ताह में ही प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं। उसी के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी होगी। - अनिल कुमार, प्रधानाचार्य, जीआईसी
संक्रमण से स्कूल की छुट्टियां बढ़ाई हैं, इससे पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्राएं मोबाइल व इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पाती हैं। 24 से 31 जनवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाएं व फरवरी के पहले सप्ताह से प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षा होनी हैं। - पूनम रानी, प्रधानाचार्या, आर्य महिला इंटर कॉलेज
अभिभावकों की बात
कोरोना का नया वैरिएंट टीका लगवा चुके लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अभी तक 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण की तो व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में बच्चों पर वायरस के हमले को लेकर सभी फिक्रमंद हैं। स्कूल न खुलने से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। - सुमित वर्मा, अभिभावक
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना उनकी जान से खिलवाड़ होगा। ऐसे में सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज बंद करने का निर्णय सही है। ऑनलाइन पढ़ाई को जारी रखना सही है। ताकि बच्चे और स्कूल स्टाफ सुरक्षित रह सके। स्वास्थ्य पहले जरूरी है। - सर्वेश कुमार, अभिभावक
स्कूलों में छुट्टियां होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन उनके स्वास्थ्य का ख्याल भी जरूरी है। पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों बरकरार रहें, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था ठीक है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बनी रहती है। - अमित मौर्या, अभिभावक