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हैदलपुर घाट पर पैंटून पुल का निर्माण इस महीने पूरा होने की उम्मीद
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जलालाबाद। रामगंगा नदी पर लंबे समय से पुल निर्माण के लिए आंदोलनरत रहे ग्रामीणों की आस इस माह के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। पुल बनने से न केवल दो तहसीलों के बीच की दूरी कम होगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सुविधाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।
कस्बे से करीब 14 किलोमीटर दूर कटरी इलाके में रामगंगा नदी के हैदलपुर घाट पर पक्के पुल के निर्माण की मांग को लेकर फरीदापुर गांव के बाबा शांतिदास के नेतृत्व में क्षेत्र की जनता ने बीते दो सालों में भूख हड़ताल से लेकर कई तरह के आंदोलन कर अपनी आवाज बुलंद की, इसके बाद तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने इस घाट पर पैंटून पुल की स्वीकृत दिलाते हुए निर्माण के लिए शासन से 70 लाख का बजट भी स्वीकृत करवा दिया था। लोक निर्माण विभाग की ढिलाई के चलते स्वीकृति के एक साल बाद भी जब पुल निर्माण का कार्य शुरूनहीं हुआ तो 2 जनवरी को बाबा फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए, इसके बाद पैंटून पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया, जिसके इस माह तक पूरा हो जाने के उम्मीद है।
इसलिए जरूरी है पुल निर्माण
रामगंगा नदी के इस तरफ जलालाबाद और दूसरी तरफ कलान तहसील क्षेत्र है। यहां के लोगों को एक दूसरे क्षेत्र में पहुंचने के लिए करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। इसके अलावा नदी में चलने वाली छोटी नाव लोगों के आवागमन का साधन थी, जिसका सफर न केवल जोखिम भरा था, बल्कि बरसात के चार पांच महीने यह व्यवस्था ठप हो जाती थी।
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पुल से यह होंगे फायदे
नदी पर पैंटून पुल बनने से कलान तक की दूरी 15 किलोमीटर रह जाएगी। कलान और मिर्जापुर क्षेत्र में मंडी समिति न होने से किसान इस पुल के जरिये आसानी से अपनी उपज जलालाबाद मंडी तक पहुंचा सकेंगे। इलाके में स्थित तमाम गांव के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए अपनी सुविधा के अनुसार कलान, मिर्जापुर अथवा जलालाबाद क्षेत्र में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे।
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हैदलपुर घाट पर पैंटून पुल के निर्माण का कार्य इसी हफ्ते पूरा कर दिया जाएगा। निर्माण से जुड़ी कुछ सामग्री कम पड़ने के कारण जो बाधा खड़ी हुई थी उसे दूर कर लिया गया है।
- ओमप्रकाश वर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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कस्बे से करीब 14 किलोमीटर दूर कटरी इलाके में रामगंगा नदी के हैदलपुर घाट पर पक्के पुल के निर्माण की मांग को लेकर फरीदापुर गांव के बाबा शांतिदास के नेतृत्व में क्षेत्र की जनता ने बीते दो सालों में भूख हड़ताल से लेकर कई तरह के आंदोलन कर अपनी आवाज बुलंद की, इसके बाद तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने इस घाट पर पैंटून पुल की स्वीकृत दिलाते हुए निर्माण के लिए शासन से 70 लाख का बजट भी स्वीकृत करवा दिया था। लोक निर्माण विभाग की ढिलाई के चलते स्वीकृति के एक साल बाद भी जब पुल निर्माण का कार्य शुरूनहीं हुआ तो 2 जनवरी को बाबा फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए, इसके बाद पैंटून पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया, जिसके इस माह तक पूरा हो जाने के उम्मीद है।
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इसलिए जरूरी है पुल निर्माण
रामगंगा नदी के इस तरफ जलालाबाद और दूसरी तरफ कलान तहसील क्षेत्र है। यहां के लोगों को एक दूसरे क्षेत्र में पहुंचने के लिए करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। इसके अलावा नदी में चलने वाली छोटी नाव लोगों के आवागमन का साधन थी, जिसका सफर न केवल जोखिम भरा था, बल्कि बरसात के चार पांच महीने यह व्यवस्था ठप हो जाती थी।
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पुल से यह होंगे फायदे
नदी पर पैंटून पुल बनने से कलान तक की दूरी 15 किलोमीटर रह जाएगी। कलान और मिर्जापुर क्षेत्र में मंडी समिति न होने से किसान इस पुल के जरिये आसानी से अपनी उपज जलालाबाद मंडी तक पहुंचा सकेंगे। इलाके में स्थित तमाम गांव के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए अपनी सुविधा के अनुसार कलान, मिर्जापुर अथवा जलालाबाद क्षेत्र में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे।
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हैदलपुर घाट पर पैंटून पुल के निर्माण का कार्य इसी हफ्ते पूरा कर दिया जाएगा। निर्माण से जुड़ी कुछ सामग्री कम पड़ने के कारण जो बाधा खड़ी हुई थी उसे दूर कर लिया गया है।
- ओमप्रकाश वर्मा, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी