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पंचायत चुनाव: सामान्य वर्ग के प्रत्याशी लड़ सकेंगे जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
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शाहजहांपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण का शासनादेश जारी होने के साथ राजनीतिक दलों में खलबली मच गई है। यहां अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव सामान्य वर्ग के लोग भी लड़ सकेंगे। जनपद स्तर पर ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत के वार्डों मेें आरक्षण का निर्धारण और आपत्तियों की सुनवाई कर डीएम की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति करेगी। ग्राम प्रधानों का ब्लॉक बार आरक्षण पंचायती राज निदेशक के स्तर से निर्धारित होगा।
बता दें कि वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का अध्यक्ष पद अनारक्षित श्रेणी मेें रहा था। इसी तरह 1077 ग्राम पंचायतों में 390 ग्राम पंचायतों के प्रधान पद भी अनारक्षित श्रेणी में रखे गए थे। इस वर्ष परिसीमन में आठ ग्राम पंचायतें कम होने से उनकी संख्या घटकर 1069 रह गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण तय होने के बाद शासनादेश जारी होने के बाद अब निवर्तमान ग्राम प्रधानों की निगाहें पंचायती राज निदेशालय पर टिकी हैं। पंचायतों के वार्डों में आरक्षण का शासनादेश जारी होने के साथ शुक्रवार को विकास भवन केे प्रथम तल पर स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय और कलक्ट्रेट परिसर के पंचस्थानीय चुनावालय मेें दिन भर हलचल बनी रही।
इन ग्राम पंचायतों का नवगठित निकायों में हुआ विलय
वर्ष 2015 में पंचायत चुनावों से पहले कराए गए परिसीमन में 89 नई ग्राम पंचायतें स्रजित होने से जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1077 हो गई थी, लेकिन हाल ही में हुए परिसीमन के बाद आठ ग्राम पंचायतों का नवगठित नजदीकी निकायों मेें विलय हो गया। इनमें पुवायां रोड पर शहर से सटी ग्राम पंचायत चिनौर, शहर के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित ग्राम पंचायत जलालनगर बाहरी चुंगी और रोजा मंडी के पास स्थित ग्राम पंचायत अहमदपुर निवाजपुर नगर निगम में शामिल होगी। विकास खंड ददरौल की ग्राम पंचायत लालपुर भी नगर निगम का हिस्सा बनेगी। इसी तरह ग्राम पंचायत निगोही और हमजापुर को निगोही नगर पंचायत, कलान की ग्राम पंचायत नयागांव कुदरासी को कलान नगर पंचायत और ग्राम पंचायत बंडा को वहां की नवगठित नगर पंचायत मेें शामिल किया गया है।
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क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्ड: एक नजर
-----------------------------------
ब्लॉक क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत
मदनापुर 72 35, 36
ददरौल 82 40, 41, 42
कांट 66 37, 38, 39
भावलखेड़ा 118 43, 44, 45, 46, 47
जलालाबाद 95 31,32, 33, 34
मिर्जापुर 73 28, 29, 30
कलान 75 25, 26, 27
सिंधौली 88 10, 11, 12
बंडा 85 03, 04, 05, 06
खुटार 54 01, 02
पुवायां 77 07, 08, 09
कटरा-खुदागंज 69 16, 17, 18
जैतीपुर 69 22, 23, 24
निगोही 75 13, 14, 15
तिलहर 71 19, 20, 21
जिला स्तर पर वार्डों के आरक्षण का घोषित कार्यक्रम
18 व 19 फरवरी को विकास खंड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण।
20 फरवरी से एक मार्च तक त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों के प्रस्ताव की तैयारी।
दो और तीन मार्च को प्रस्तावित सूची का प्रकाशन।
चार से आठ मार्च तक प्रस्तावित आरक्षण पर आपत्तियां ली जाएंगी।
नौ मार्च को डीपीआरओ कार्यालय मेें ब्लॉकों से आपत्तियों का एकत्रीकरण।
10 से 12 मार्च तक आपत्तियों का समिति स्तर से निस्तारण।
13 व 14 मार्च को वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन।
15 मार्च को पंचायती राज निदेशक को वार्डों की सूची भेजी जाएगी।
आरक्षण संबंधी आपत्तियों की सुनवाई समिति
वार्डों के आरक्षण को लेकर प्राप्त होने वाली आपत्तियों की सुनवाई के लिए डीएम की अध्यक्षता मेें गठित चार सदस्यीय समिति में मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य होंगे जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। आपत्तियां खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अथवा जिलाधिकारी कार्यालय मेें प्रस्तुत की जा सकेंगी।
स्थानीय जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछले चुनाव की तरह अनारक्षित रहने का शासनादेश जारी हुआ है। त्रिस्तरीय पंचायतों में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसके लिए वार्ड वार जातिगत आधार पर जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है। आरक्षण प्रस्ताव तय होने के बाद आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण करने के बाद ही आरक्षित वार्डों की वास्तविक संख्या उभरकर सामने आएगी। - पवन कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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बता दें कि वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का अध्यक्ष पद अनारक्षित श्रेणी मेें रहा था। इसी तरह 1077 ग्राम पंचायतों में 390 ग्राम पंचायतों के प्रधान पद भी अनारक्षित श्रेणी में रखे गए थे। इस वर्ष परिसीमन में आठ ग्राम पंचायतें कम होने से उनकी संख्या घटकर 1069 रह गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण तय होने के बाद शासनादेश जारी होने के बाद अब निवर्तमान ग्राम प्रधानों की निगाहें पंचायती राज निदेशालय पर टिकी हैं। पंचायतों के वार्डों में आरक्षण का शासनादेश जारी होने के साथ शुक्रवार को विकास भवन केे प्रथम तल पर स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय और कलक्ट्रेट परिसर के पंचस्थानीय चुनावालय मेें दिन भर हलचल बनी रही।
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इन ग्राम पंचायतों का नवगठित निकायों में हुआ विलय
वर्ष 2015 में पंचायत चुनावों से पहले कराए गए परिसीमन में 89 नई ग्राम पंचायतें स्रजित होने से जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 1077 हो गई थी, लेकिन हाल ही में हुए परिसीमन के बाद आठ ग्राम पंचायतों का नवगठित नजदीकी निकायों मेें विलय हो गया। इनमें पुवायां रोड पर शहर से सटी ग्राम पंचायत चिनौर, शहर के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित ग्राम पंचायत जलालनगर बाहरी चुंगी और रोजा मंडी के पास स्थित ग्राम पंचायत अहमदपुर निवाजपुर नगर निगम में शामिल होगी। विकास खंड ददरौल की ग्राम पंचायत लालपुर भी नगर निगम का हिस्सा बनेगी। इसी तरह ग्राम पंचायत निगोही और हमजापुर को निगोही नगर पंचायत, कलान की ग्राम पंचायत नयागांव कुदरासी को कलान नगर पंचायत और ग्राम पंचायत बंडा को वहां की नवगठित नगर पंचायत मेें शामिल किया गया है।
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क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्ड: एक नजर
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ब्लॉक क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत
मदनापुर 72 35, 36
ददरौल 82 40, 41, 42
कांट 66 37, 38, 39
भावलखेड़ा 118 43, 44, 45, 46, 47
जलालाबाद 95 31,32, 33, 34
मिर्जापुर 73 28, 29, 30
कलान 75 25, 26, 27
सिंधौली 88 10, 11, 12
बंडा 85 03, 04, 05, 06
खुटार 54 01, 02
पुवायां 77 07, 08, 09
कटरा-खुदागंज 69 16, 17, 18
जैतीपुर 69 22, 23, 24
निगोही 75 13, 14, 15
तिलहर 71 19, 20, 21
जिला स्तर पर वार्डों के आरक्षण का घोषित कार्यक्रम
18 व 19 फरवरी को विकास खंड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण।
20 फरवरी से एक मार्च तक त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों के प्रस्ताव की तैयारी।
दो और तीन मार्च को प्रस्तावित सूची का प्रकाशन।
चार से आठ मार्च तक प्रस्तावित आरक्षण पर आपत्तियां ली जाएंगी।
नौ मार्च को डीपीआरओ कार्यालय मेें ब्लॉकों से आपत्तियों का एकत्रीकरण।
10 से 12 मार्च तक आपत्तियों का समिति स्तर से निस्तारण।
13 व 14 मार्च को वार्डों की अंतिम सूची का प्रकाशन।
15 मार्च को पंचायती राज निदेशक को वार्डों की सूची भेजी जाएगी।
आरक्षण संबंधी आपत्तियों की सुनवाई समिति
वार्डों के आरक्षण को लेकर प्राप्त होने वाली आपत्तियों की सुनवाई के लिए डीएम की अध्यक्षता मेें गठित चार सदस्यीय समिति में मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य होंगे जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। आपत्तियां खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अथवा जिलाधिकारी कार्यालय मेें प्रस्तुत की जा सकेंगी।
स्थानीय जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछले चुनाव की तरह अनारक्षित रहने का शासनादेश जारी हुआ है। त्रिस्तरीय पंचायतों में वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसके लिए वार्ड वार जातिगत आधार पर जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है। आरक्षण प्रस्ताव तय होने के बाद आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण करने के बाद ही आरक्षित वार्डों की वास्तविक संख्या उभरकर सामने आएगी। - पवन कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी